
बिहार के इन तीन जिलों के 14 गांवों में 25 साल बाद बने बूथ,नक्सलियों के परिजनों ने भी डाले वोट
गयाजी के पांच प्रखंडों इमामगंज के सेवती, फतेहपुर के बसकटबा, पतवास, चोढ़ी और डुमरिया, बांकेबाजार व बाराचट्टी के दस, रोहतास के तीन रेहल, सोली और कोरहास समेत जमुई के चोरमारा में बूथ पर मतदान कर्मियों के पहुंचते ही महिलाओं ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया।
बिहार के तीन जिलों गयाजी, रोहतास और जमुई के 14 गांवों में लोकतंत्र का सूरज 25 साल के बाद निकला। मंगलवार की सुबह जब धुंध धीरे-धीरे छंट रही थी, लोगों के चेहरे पर चमक और दिलों में दशकों से दबी उम्मीदें फिर से जाग रहीं थीं। बूथों की सजावट, सुरक्षा बलों की मौजूदगी और ग्रामीणों की भीड़ इस बात की गवाही दे रही थी कि अब भय की नहीं, भरोसे की राजनीति चल रही है।

गयाजी के पांच प्रखंडों इमामगंज के सेवती, फतेहपुर के बसकटबा, पतवास, चोढ़ी और डुमरिया, बांकेबाजार व बाराचट्टी के दस, रोहतास के तीन रेहल, सोली और कोरहास समेत जमुई के चोरमारा में बूथ पर मतदान कर्मियों के पहुंचते ही महिलाओं ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया। सेवती पंचायत के बूथ संख्या 197 से लेकर पथरा के 203 तक ग्रामीणों ने मंगलवार को अपनी उंगली पर स्याही की नई इबारत लिखी। मतदान शुरू होते ही वृद्ध संतन पासवान और विपत्ति देवी ने गर्व से कहा, आज हम अपने गांव में वोट डाल रहे हैं, अब हमें किसी से डर नहीं।
उधर, फतेहपुर के बसकटबा, पतवास और चोढ़ी गांवों में भी दृश्य कुछ अलग नहीं था। इन इलाकों में 25 साल बाद बूथ फिर से लौटे तो लोग भावुक हो उठे। सुबह से ही मतदाता लाइन में खड़े दिखे - महिलाएं साड़ी के पल्लू से चेहरा ढकें, हाथ में वोटर स्लिप लिए, जैसे किसी पूजा में शामिल होने जा रही हों। स्थानीय शिक्षक रघुवर सिंह बताते हैं, कभी हम चार-पांच किलोमीटर पैदल चलकर वोट देने गुरपा जाते थे। अब अपने गांव में वोट डालना किसी आज़ादी से कम नहीं।”
नक्सली कमांडर अर्जुन कोड़ा की पत्नी ने डाला वोट
पहली बार जमुई के बरहट थाने के चोरमारा में दशकों बाद मतदान हुआ। इसमें ग्रामीणों ने बड़े उत्साह के साथ मताधिकार का प्रयोग किया। इस गांव में वर्ष 2022 में आत्मसमर्पण किए शीर्ष नक्सली कमांडर अर्जुन कोड़ा की पत्नी ने भी मताधिकार का प्रयोग किया। वोट देने के बाद उन्होंने सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीर भी खिंचवाई।
कोरहास व सोली में वोट देकर खुश हुए वनवासी
नौहट्टा प्रखंड क्षेत्र के कैमूर पहाड़ी पर स्थित रेहल, सोली व कोरहास में बिहार विधानसभा का चुनाव 25 वर्षों के बाद मंगलवार को हुआ। 62 प्रतिशत मतदान हुआ है। तीनो गांव में आठ मतदान केंद्र है। जहां 5300 मतदाता हैं। नक्सल प्रभावित गांव होने से 2001 से जो भी चुनाव हुआ। पहाड़ के नीचे चुनहट्टा स्कूल में बूथ स्थानांतरण कर मतदान कराया जाता था।
जमुई : चोरमारा में 417 मतदाताओं ने वोट डाले
जमुई विस क्षेत्र के आदर्श मतदान केंद्र संख्या 220 प्राथमिक विद्यालय चोरमारा गांव में मंगलवार को लोकतंत्र की ऐसी गूंज सुनाई दी जो बदलाव और नई शुरुआत की कहानी कह रही थी। यहां 1011 मतदाताओं में 417 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया । ढाई दशक बाद यहां मतदान हुआ और खास बात यह रही कि पूर्व दुर्दांत नक्सलियों के परिजन पत्नी, बेटा और बहू भी मतदान केंद्र पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।



