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ध्यान दें! बिहार में चल रहे 37 हजार स्कूलों के पास नहीं है मान्यता, सर्टिफिकेट का वैल्यू भी नहीं; छात्रों का क्या होगा

ध्यान दें! बिहार में चल रहे 37 हजार स्कूलों के पास नहीं है मान्यता, सर्टिफिकेट का वैल्यू भी नहीं; छात्रों का क्या होगा

संक्षेप:

बिना मान्यता वाले स्कूल में पढ़ रहे बच्चों का कोई भी सर्टिफिकेट मान्य नहीं होगा। जिला समेत राज्य के ऐसे स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का सरकारी रिकॉर्ड में भी नाम नहीं दर्ज होगा। अभिभावकों को इसे लेकर सजग रहने को कहा गया है।

Oct 09, 2024 09:43 am ISTNishant Nandan हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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बिहार में बिना मान्यता के 37 हजार से अधिक निजी स्कूल चल रहे हैं। निजी विद्यालयों की मान्यता को लेकर हुई समीक्षा में मामला सामने आया है। सूबे के सभी निजी विद्यालयों को मान्यता लेने के लिए आवेदन करना था। कुल 49702 निजी स्कूलों ने आवेदन किया, मगर इनमें 11995 ही मान्यता ले सके। इनमें भी 5562 निजी विद्यालयों ने ही पोर्टल पर अपने यहां नामांकन के लिए उपलब्ध सीट की सूचना अपलोड की। मुजफ्फरपुर जिले में 2227 में 585 स्कूल ही मान्यता प्राप्त हैं। प्राथमिक शिक्षा निदेशक पंकज कुमार ने बिना मान्यता व मान्यता मिलने के बाद भी सीट अपलोड नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई को लेकर सभी जिलों को आदेश दिया है।

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बता दें कि बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली, 2011 के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि अपने-अपने जिले में संचालित निजी विद्यालयों की मान्यता को लेकर 10 अगस्त तक ई-संबद्धन पोर्टल पर आवेदन कराना सुनिश्चित करें। आवेदन तिथि बढ़ाकर 17 अगस्त की गयी। 49702 निजी विद्यालयों ने आवेदन किया, मगर इनमें महज 11,995 ने ही मान्यता प्राप्त किया है। बाकी ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी नहीं की। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि 11,995 मान्यता प्राप्त विद्यालयों में से महज 5,562 निजी विद्यालयों ने ही पोर्टल पर अपने यहां उपलब्ध सीट की जानकारी अपलोड की।

बिना मान्यता वाले स्कूल के बच्चों का सर्टिफिकेट नहीं होगा मान्य

बिना मान्यता वाले स्कूल में पढ़ रहे बच्चों का कोई भी सर्टिफिकेट मान्य नहीं होगा। जिला समेत राज्य के ऐसे स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का सरकारी रिकॉर्ड में भी नाम नहीं दर्ज होगा। अभिभावकों को इसे लेकर सजग रहने को कहा गया है।

पहले 15 दिन का दिया जाएगा नोटिस

डीईओ अजय कुमार ने बताया कि बिना मान्यता वाले और मान्यता मिलने के बाद भी सीट अपलोड नहीं करने वाले स्कूलों को पहले 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा, इसके बाद उनको नियमावली के अनुसार बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नजदीक के मान्यताप्राप्त स्कूलों से जोड़ा जाएगा।

इन जिलों में यह स्थिति

पटना में 4511 में 926 मान्यताप्राप्त, सीतामढ़ी में 1463 में 665, वैशाली में 2097 में 466, पश्चिम चंपारण में 2375 में 301, पूर्वी चंपारण में 1701 में 259, गया में 2367 में 353, दरभंगा में 1457 में 326 स्कूल ही मान्यताप्राप्त हैं।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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