9 साल के बच्चे की स्कूल में मौत, हॉस्टल की छत पर फंदे से लटकी थी लाश; चीख-पुकार मची
सान्वी पब्लिक स्कूल के नए हॉस्टल की छत पर रविवार दोपहर क्लास वन के छात्र का शव फंदे से लटका मिला। परिजनों को काफी देर से सूचना दी गई।

बिहार के सुपौल में एक निजी स्कूल के हॉस्टल में नौ वर्षीय प्रियांशु कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर के चिराग की मौत से परिवार ही नहीं, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सदर थाना क्षेत्र के गौरवगढ़ वार्ड 6 स्थित सान्वी पब्लिक स्कूल के नए हॉस्टल की छत पर रविवार दोपहर क्लास वन के छात्र का शव फंदे से लटका मिला। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और परिवार को सूचना देने में कथित देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
मृतक की पहचान मरौना थाना क्षेत्र के हरिराहा पंचायत के परीकोच वार्ड 5 निवासी किसान शिव शंकर भारती के पुत्र प्रियांशु कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार करीब दो महीने पहले प्रियांशु का निजी स्कूल में नामांकन कराया गया था। पढ़ाई की सुविधा के लिए उसे हॉस्टल में रखा गया था। नामांकन के बाद वह छुट्टी में घर भी आया था। छुट्टी खत्म होने के बाद वह वापस स्कूल पहुंचा था। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा अच्छी शिक्षा हासिल कर आगे चलकर परिवार का नाम रोशन करेगा। लेकिन रविवार को उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
छत पर छात्रों ने देखा, गार्ड को दी सूचना
बताया गया कि रविवार दोपहर करीब 1 बजे कुछ छात्रों की नजर हॉस्टल की छत पर प्रियांशु पर पड़ी। उसके गले में गमछा और बेल्ट से फंदा लगा हुआ था। छात्रों ने इसकी जानकारी हॉस्टल के गार्ड को दी। गार्ड ने स्कूल संचालक संतोष कुमार को सूचना दी। इसके बाद छात्र को फंदे से नीचे उतारा गया। स्कूल के शिक्षक के साथ उसे तत्काल शहर स्थित आनंद प्रेरणा एंड ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। वहां चिकित्सक डॉ. बीके यादव ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पिता ने उठाए कई सवाल
बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पिता शिव शंकर भारती ने घटना को सामान्य नहीं मानते हुए स्कूल प्रबंधन पर गंभीर संदेह जताया है। उनका आरोप है कि बेटे की मौत के पीछे कुछ और वजह हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना दोपहर करीब एक बजे की बताई गई, जबकि परिवार को इसकी सूचना करीब तीन बजे दी गई। पिता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रियांशु की मौत से परिवार में मातम पसरा है। किसान पिता के लिए उसका बेटा आंखों का तारा था। परिवार में एक भाई और एक बहन के बीच प्रियांशु की अचानक मौत ने सभी को सदमे में डाल दिया है। परिजन लगातार यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर हॉस्टल की छत पर बच्चा किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई।
टीचर और गार्ड से पूछताछ, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम स्कूल पहुंची। प्रभारी एसडीपीओ दिलीप कुमार ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने हॉस्टल में मौजूद शिक्षक और गार्ड से पूछताछ शुरू कर दी है। छात्र के हॉस्टल में रहने, घटना से पहले उसकी गतिविधियों और घटना के बाद की कार्रवाई की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के बाद छात्र को किस परिस्थिति में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया और परिवार को सूचना देने में कितना समय लगा। फिलहाल पुलिस ने मौत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल की जांच, पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।


