झुकी कमर, लंगड़ाते हुए कोर्ट पहुंचा 86 साल का दोषी; फायरिंग केस में हुई 3 साल की जेल, फिर....
हाजीपुर कोर्ट ने मंगलवार को दंपति पर फायरिंग के मामले में 86 साल के बुजुर्ग को 3 साल की जेल की सजा सुनाई। दोषी बुजुर्ग झुकी हुई कमर और दो लोगों के सहारे के साथ लंगड़ाते हुए कोर्ट पहुंचा। इस मामले में 4 अन्य दोषियों को भी 10-10 साल की सजा हुई है।
बिहार के वैशाली जिले में मंगलवार को अनोखा नजारा देखने को मिला। झुकी हुई कमर और लंगड़ाते हुए 86 साल के एक बुजुर्ग को हाजीपुर कोर्ट लाया गया। यहां एक 34 साल पुराने मामले में दोषी करार देते हुए उन्हें 3 साल की जेल की सजा सुनाई गई। बुजुर्ग को राघोपुर दियारा के जुड़ावनपुर गांव में एक दंपति पर फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में सजा हुई। इस मामले में एक ही परिवार के पांच लोग दोषी पाए गए हैं। अन्य 4 आरोपियों को 10-10 साल की जेल और 25-25 हजार रुपये के जुर्माना की सजा हुई है। हालांकि, बुजुर्ग को अदालत से मंगलवार को ही जमानत भी मिल गई।
एडीजे 1 मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने 34 साल पुराने मामले में मंगलवार को सजा पर अपना आदेश सुनाया। पिछले सप्ताह पांचों को आईपीसी की धारा 147,148, 307 और आर्म्स एक्ट में दोषी पाया गया था।
1992 का है मामला
इस मामले के सूचक अदालत राय हैं। उन्होंने बताया कि वह जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र के राघोपुर के रहने वाले हैं। 10 नवंबर 1992 को सुबह में वह अपनी पत्नी रामसखी देवी के साथ अपने दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान दीप राय अपने परिवार वालों के साथ हथियार से लैस से होकर आया और रास्ते पर शीशा का टुकड़ा बिछाने लगा।
जब पति-पत्नी ने इसका विरोध किया तो आक्रोशित होकर दीप राय एवं उसके परिवार वालों ने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद भी दंपति रास्ते पर शीशे के टुकड़े बिछाने का विरोध करते रहे। इसी दौरान दोषियों ने दोनों को गोली मारकर जख्मी कर दिया।
स्थानीय लोगों ने दोनों को इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचाया। इस घटना को लेकर जुड़ावनपुर थाना में दीप राय, जगदीश राय उर्फ जीशा राय, नरेश राय, नागदेव राय, नकेश्वर राय समेत 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
4 आरोपियों की पहले ही हो चुकी है मौत
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 13 मार्च 1993 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया। न्यायालय में इस मामले में 31 मई 1993 को संज्ञान लिया गया। इस मामले में 9 आरोपियों के खिलाफ 17 जून 1999 को आरोप गठन किया गया। इस मामले में चार आरोपियों की मौत केस के ट्रायल के दौरान ही हो गई।
इस मामले में अपर लोक अभियोजक ख्वाजा हसन खान लड्डू ने 10 लोगों की गवाही अदालत में कराई। गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने 85 वर्षीय दीप राय, जगदीश राय उर्फ जीशा राय, नरेश राय, नागदेव राय तथा नकेश्वर राय को दंपति को गोली मारकर जानलेवा हमला किए जाने के मामले में पिछले सप्ताह दोषी करार दिया। फिर 2 जून को सजा भी सुना दी गई।
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लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


