
85 निजी स्कूलों को 24 घंटे का अल्टीमेटम, शिक्षा विभाग की चेतावनी से मचा हड़कंप
अररिया जिले के 85 निजी स्कूलों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। शिक्षा विभाग की इस चेतावनी से स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है। डीईओ ने इन स्कूलों से यू डायस पोर्टल पर एंट्री पूरी करने का आदेश दिया है।
बिहार के अररिया जिले के 85 निजी स्कूलों में कक्षा 1 एवं 11 में नामांकन शून्य है। बार-बार निर्देश के बावजूद इन स्कूल प्रशासन के कानों में जू नहीं रेंग रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग पूरी तरह ऐक्शन में दिख रहे हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने कहा कि 24 घंटे के अंदर यदि इन स्कूलों ने यू डायस पोर्टल पर छात्र-छात्राओं की एंट्री पूरी नहीं की, तो उनका यू-डायस कोर्ड रद्द कर दिया जाएगा। इससे निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
इन स्कूलों में 72 विद्यालयों में कक्षा एक में एडमिशन जीरो है, तो 13 स्कूलों में कक्षा 11 में शून्य। कार्रवाई की जद में आने वाले 72 में से अररिया प्रखंड के 27, फारबिसगंज के 16, भरगामा दो, जोकीहाट नौ, नरपतगंज सात, पलासी व रानीगंज चार-चार एवं सिकटी प्रखंड के तीन स्कूल शामिल हैं। यहां कक्षा वन में नामांकन जीरो दिखा रहा है। वहीं कक्षा 11 में शून्य एनरोलमेंट दिखाने वाले स्कूलों में अररिया, पलासी एवं फारबिसगंज के तीन-तीन, नरपतगंज के दो और रानीगंज एवं जोकीहाट प्रखंड के एक-एक स्कूल शामिल हैं।
डीईओ संजय कुमार ने शनिवार को कहा कि शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर 72 विद्यालयों में कक्षा वन में बच्चों का नामांकन शून्य दिखा रहा है। यह शिक्षा अधिकार अधिनियम का घोर उल्लंघन है। इन विद्यालयों के प्रधानों को 24 घंटे में पहली कक्षा में शत प्रतिशत बच्चों कर यू डायस पोर्टल पर प्रविष्टि पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा इन विद्यालयों की यू डायस कोड एवं प्रस्वीकृति कोड निरस्त करनी पड़ेगी।
डीईओ ने बताया कि हर साल विद्यालय में नामांकित शत-प्रतिशत बच्चों के आंकड़ों की एंट्री यू-डायस पोर्टल पर किया जाना अनिवार्य होता है। 5 जनवरी को हुई राज्यस्तरीय बैठक में समीक्षा के दौरान अररिया जिले के 95 निजी विद्यालयों में कक्षा 1 में नामांकन शून्य दिखाया गया था। काफी हिदायत के बाद इसकी संख्या घटकर 72 हुई है।
25 प्रतिशत बच्चों को मुफ्त शिक्षा देना जरूरी
डीईओ ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रस्वीकृत निजी विद्यालयों में कक्षा एक में नामांकित बच्चों की क्षमता का 25 प्रतिशत कमजोर समूह के बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान किया जाना अनिवार्य है। लेकिन इन विद्यालयों में कक्षा एक में नामांकित बच्चों की प्रविष्टि यू-डायस पोर्टल पर नहीं करना शिक्षा के अधिकार अनिधियम का घोर उल्लंघन है। बता दें कि यू-डायस पोर्टल पर कक्षा 1 में नामांकित बच्चों की एंट्री को छोड़कर अन्य कक्षा के लिए पोर्टल को 31 दिसंबर से ही बंद कर दिया गया है।

लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत बिहार में राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं पर गहराई से नजर रखते हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। जयेश मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं और लाइव हिन्दुस्तान में 4 साल से बिहार टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले ईटीवी भारत, इंडिया न्यूज, वे2न्यूज और टाइम्स ऑफ इंडिया में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। समाचार लेखन के अलावा साहित्यिक पठन-लेखन में रुचि है।
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