तारीख नोट कर लें, बिहार में 3 दिन 60 लाख आयुष्मान कार्ड बनेंगे; पंचायत में लगेंगे कैंप
बिहार में अगले सप्ताह आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। हर पंचायत में कैंप लगाकर 3 दिनों के भीतर 60 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे।

बिहार में इस महीने 3 दिनों तक अभियान चलाकर 60 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे। इस अभियान की तारीख 26 से 28 मई निर्धारित की गई है। इस दौरान गांवों में सभी पंचायत सरकार भवनों, वार्ड कार्यालयों और वसुधा केंद्रों में कैंप लगाए जाएंगे। 70 साल की आयु से ऊपर के 4 लाख लोगों के भी कार्ड बनाए जाएंगे। पंचायत स्तर पर चलने वाले इस अभियान की सफलता को लेकर बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने गुरुवार को समीक्षा बैठक की और पदाधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े सभी डीएम को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि लक्ष्य हर हाल में हासिल हो। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग करेंगे। जिले के आपूर्ति पदाधिकारी को आयुष्मान कार्ड अभियान के नोडल पदाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। वहीं, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और अन्य संबंधित पदाधिकारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह इसके पात्र लोगों को नजदीक के कैंप तक लाने के लिए प्रेरित करें और उन्हें मदद करें।
मुख्य सचिव की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों ने सारी तैयारी की जानकारी दी। बैठक में यह भी तय हुआ कि सभी प्रखंड आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए डेडिकेटेड डाटा इंट्री ऑपरेटर एक महीने तक के लिए रखेंगे। 62 हजार आशा कार्यकर्ताओं को भी इस कार्य में लगाया गया है।
बता दें कि आयुष्मान कार्ड भारत सरकार की आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत जारी किया जाने वाला एक स्वास्थ्य बीमा कार्ड है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है। आयुष्मान कार्ड धारकों को हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। वहीं, 70 साल से ऊपर के लोगों के लिए आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाए जाते हैं। इसमें आय की कोई सीमा नहीं है
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


