काम की बात: बिहार के 52 लाख वाहन मालिकों को नंबर प्लेट बदलने के लिए 30 दिन की मोहलत, आगे 10 हजार जुर्माना
बिहार सरकार ने राज्य के 52 लाख वाहन मालिकों को अपनी गाड़ियों की नंबर प्लेट बदलने के लिए 30 दिनों की मोहलत दी है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो नियमों के तहत उन पर भविष्य में 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अगर आप बिहार में रहते हैं और आपके पास 7 साल पुरानी गाड़ी है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। राज्य सरकार ने जिन गाड़ियों में अभी तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगी है, उनके मालिकों को एक महीने की मोहलत दी है। बिहार में ऐसे वाहनों की संख्या 52 लाख बताई जा रही है। उन्हें अपनी पुरानी नंबर प्लेट अनिवार्य रूप से बदलवानी होगी और उसकी जगह नई एचएसआरपी लगवानी होगी। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मंत्री ने कहा कि साल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य है। वाहन मालिक इसे संबंधित अधिकृत एजेंसी या डीलर के यहां जाकर लगवा सकते हैं। बिहार में अभी तक 52 लाख गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है। एचएसआरपी लगने से वाहनों की चोरी और नंबर प्लेट में छेड़छाड़ को रोकने में मदद मिलेगी।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाने पर जुर्माना
मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि नियम का पालन न करने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 और धारा 50 के तहत कार्रवाई की जाएगी। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाए जाने पर वाहन मालिक के ऊपर 5000 से 10000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
उन्होंने गाड़ियों के मालिकों से अपील की है कि वे अपने जिले के जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) कार्यालय से संपर्क कर अपनी गाड़ी के एचएसआरपी का विवरण तुरंत अपडेट करा लें। अगर किसी गाड़ी में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पहले से लगी हुई है, इसके बावजूद सरकार की ओर से उन्हें रजिस्ट्रेशन प्लेट बदलवाने का मैसेज आ रहा है तो घबराएं नहीं। संबंधित डीटीओ कार्यालय में जाकर सॉफ्टवेयर में डेटा को अपडेट करा लें।
एचएसआरपी में क्यों है जरूरी
हाई स्कियोरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एक एल्युमिनियम की बनी मजबूत नंबर प्लेट है, जिसमें छेड़छाड़ की आशंका बहुत कम रह जाती है। इसमें पंजीकरण संख्या के साथ 10 अंकों का यूनिक कोड होता है, जो लेजर से उत्कीर्ण होता है। इसमें नीले रंग का अशोक चक्र का होलोग्राम लेबल भी लगा होता है, जिससे असली नंबर प्लेट की पहचान आसान हो जाती है।
दरअसल, सामान्य नंबर प्लेट आसानी से बदली जा सकती थी। चोर एवं अन्य अपराधी नकली रजिस्ट्रेशन प्लेट बनाकर बेखौफ अपराध करते। इनसे निपटने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी वाहनों में एचएसआरपी को अनिवार्य कर दिया। नए वाहनों में खरीद के साथ ही इस तरह की रजिस्ट्रेशन प्लेट गाड़ी मालिकों को दी जा रही है। हालांकि, पहले के वाहनों में पुरानी नंबर प्लेट को एचआरसीपी से बदला जा रहा है।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


