बिहार में जमीन के मामले निपटाने को 37 दिन का महा-अभियान, राजस्व मामलों की ऑन स्पॉट सुनवाई
बिहार में राजस्व महा–अभियान के दौरान मिले 46 लाख लंबित परिमार्जन प्लस और दाखिल–खारिज आवेदनों के निष्पादन के लिए विशेष अभियान 26 जनवरी से शुरू होगा। 31 मार्च तक सभी मामलों के निपटारे का लक्ष्य तय किया गया है।
बिहार में राजस्व महा–अभियान के दौरान प्राप्त करीब 46 लाख लंबित आवेदनों के निष्पादन के लिए नीतीश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परिमार्जन प्लस और दाखिल–खारिज से जुड़े इन आवेदनों के निपटारे के लिए विशेष अभियान 26 जनवरी से शुरू होगा, जिसे 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसको लेकर राज्य सरकार ने सभी जिलों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अगस्त–सितंबर में पंचायत स्तर पर लगाए गए शिविरों में किसानों से प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि कुल 46 लाख आवेदनों में से करीब 40 लाख परिमार्जन से संबंधित हैं। इनका निपटारा होने से रैयतों के भूमि अभिलेख अपडेट होंगे, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा और भूमि सर्वेक्षण में भी सुविधा होगी। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, एडीएम, डीसीएलआर और अंचल अधिकारियों को पत्र भेजकर 26 जनवरी से 31 मार्च तक अभियान चलाकर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
डिप्टी सीएम ने बताया कि अविवादित मामलों का निपटारा जिला मुख्यालय स्तर पर किया जाएगा, जबकि विवादित मामलों के लिए पंचायत भवनों में राजस्व सेवा शिविर लगाए जाएंगे। जिनमें मौके पर ही सुनवाई, अभिलेखों का सत्यापन और आदेश पारित करने की व्यवस्था होगी। इसके लिए लैपटॉप, कंप्यूटर सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटरों की तैनाती की जाएगी। साथ ही भूमि मापी अभियान भी समानांतर रूप से चलता रहेगा। पूरे अभियान की निगरानी समाहर्ता करेंगे, जबकि प्रमंडलीय आयुक्त इसकी समीक्षा करेंगे।





