भाजपा के 21 विधायकों का पत्ता कटा; 17 बेटिकट हुए, 4 सीटों पर सहयोगी दलों के उम्मीदवार
बिहार चुनाव में भाजपा के 21 विधायकों का पत्ता कट गया है, वे इस बार इलेक्शन नहीं लड़ पाएंगे। इनमें से 17 विधायकों का टिकट पार्टी ने काट दिया है, तो 4 की सीटें जेडीयू, लोजपा (रामविलास) और रालोमो को दे दी गई है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 21 विधायकों का पत्ता कट गया है। इनमें से 17 विधायकों का टिकट पार्टी ने काट दिया है। वहीं, चार मौजूदा विधायकों की सीटें भाजपा ने एनडीए में अन्य सहयोगी दलों को दे दी हैं। भाजपा ने अपने कोटे की सभी 101 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। एनडीए में रहकर भाजपा जेडीयू, लोजपा (रामविलास), हिंदुस्तान आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के साथ बिहार चुनाव लड़ रही है।

भाजपा के जिन विधायकों के टिकट कटे हैं, उनमें रीगा से मोतीलाल प्रसाद, सीतामढ़ी से मिथिलेश कुमार, राजनगर से रामप्रीत पासवान, नरपतगंज से जयप्रकाश यादव, गौरा बौराम से स्वर्णा सिंह, औराई से राम सूरत राय, कटोरिया से निक्की हेंब्रम, कुम्हरार से अरुण कुमार सिन्हा, पटना साहिब से नंदकिशोर यादव, आरा से अमरेंद्र प्रताप सिंह, बाढ़ से ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, छपरा से डॉ. सीएन गुप्ता, अलीनगर से मिश्रीलाल यादव, गोपालगंज से कुसुम देवी, रामनगर से भागीरथी देवी, नरकटियागंज से रश्मि वर्मा और पीरपैंती से ललन कुमार शामिल हैं।
वहीं, गोविंदगंज के सुनील मणि तिवारी, कहलगांव के पवन कुमार यादव, पारू के अशोक कुमार सिंह और बरौली के राम प्रवेश राय की सीट दूसरी पार्टी के पास चली गई है। भाजपा ने कहलगांव और बरौली सीट जेडीयू को दी है। गोविंदगंज चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) और पारू सीट उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के खाते में गई है।
भाजपा ने 49 सवर्णों को मैदान में उतारा, मुस्लिम कैंडिडेट नहीं
भाजपा ने भी अपने कोटे के 101 उम्मीदवारों के चयन में पार्टी ने सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है। पार्टी ने सवर्ण समुदाय के 49, पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग के 40 और 12 दलित उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा उम्मीदवारों में एक भी मुस्लिम नहीं हैं।
भाजपा उम्मीदवारों में राजपूत-21, भूमिहार-16, ब्राह्मण-11, कायस्थ-1, वैश्य-13, अति पिछड़ा-12, कुशवाहा-7, कुर्मी-2, दलित-12 और यादव 6 हैं। 2020 में पार्टी ने यादव समाज से 15 उम्मीदवार बनाए थे। वहीं, इस बार 6 यादवों को ही टिकट दिया गया है।



