
शिक्षा का मंदिर शर्मसार; शिक्षिका को अश्लील मैसेज भेज रहे 2 शिक्षक सस्पेंड, 2 दर्जन कांड जांच में
महिला शिशकों की शिकायत पर डीईओ ने जांच कराई तो पता चला कि आरोपी शिक्षक अश्लील चैटिंग करते हैं। उनके खिलाफ ऐक्शन लिया गया है।
बिहार के मुजफ्फरपुर में शिक्षकों ने ही शिक्षा के मंदिर को शर्मसार कर दिया। उनके खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया गया है। महिला शिक्षकों को अश्लील मैसेज भेजने के मामले में जांच के बाद दो शिक्षक निलंबित कर दिए गए हैं। मुजफ्फरपुर डीईओ अरविन्द कुमार सिन्हा के निर्देश के बाद डीपीओ स्थापना इन्द्र कुमार कर्ण ने इन शिक्षकों को निलंबित करने के साथ ही विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी है।
कुढ़नी और मड़वन के दो स्कूलों के शिक्षकों के विरूद्ध स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षकों ने विभाग से शिकायत की थी। अधिकारियों ने इसकी जांच कराई। उन शिक्षकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। डीईओ ने कहा कि स्पष्टीकरण स्वीकार करने योग्य नहीं था। ये शिक्षक व्हाट्सएप पर अश्लील चैट महिला शिक्षकों के साथ करते थे। जांच में मामला सही पाया गया। बीपीएससी से नियुक्त एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। एक पंचायत शिक्षक के निलंबन की अनुशंसा नियोजन इकाई से की गई है।
डीईओ ने बताया कि एक मामला सकरा का है। सकरा की एक शिक्षिका ने कुढ़नी के विद्यालय अध्यापक दीपक कुमार के विरूद्ध शिकायत की थी। दीपक कुमार पहले सकरा में ही कार्यरत थे। माध्यमिक डीपीओ से इसकी जांच कराई गई। जांच में अश्लील चैटिंग का मामला सही पाया गया। शिक्षक उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत है। दूसरा मामला मड़वन का है। यहां के प्राथमिक विद्यालय के पंचायत शिक्षक संतोष कुमार दास पर महिला शिक्षक ने आरोप लगाया था। उन्हें अश्लील मैसेज किया जा रहा था। विरोध करने पर प्रताड़ित करने के साथ धमकी भी दी गई। पंचायत शिक्षक के निलंबन की अनुशंसा पंचायत सचिव राज महमदपुर को भेजी गई है।
चार महीने में दो दर्जन से अधिक शिक्षिकाओं ने की शिकायत
पिछले चार महीने के अंदर दो दर्जन से अधिक शिक्षिकाओं ने इस तरह के शोषण के विरूद्ध गुहार लगाई है। कई महिलाओं ने लिखित आवेदन देने से केवल इसलिए इनकार कर दिया कि उन्हें धमकी दी जा रही है। पारू के तीन ऐसे मामले हैं, जिनपर अभी जांच चल रही है। डीईओ ने कहा कि इस तरह के मामले में दोषी पाए जाने पर सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।





