स्कूल में महापाप; छात्राओं का अश्लील वीडियो बनाने वाले 2 टीचर सस्पेंड, जाली सर्टिफिकेट पर नौकरी
बक्सर के एक सरकारी स्कूल में दो शिक्षकों को अश्लील वीडियो बनाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों छात्राओं से गंदी हड़कत करते थे।

बिहार के बक्सर में एक सरकार स्कूल के दो शिक्षकों ने अपनी गंदी हड़कतों से गुरु शिष्य के रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। दोनों पर छात्राओं से छेड़खानी करने और उनका अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल में बवाल किया। आरोपी शिक्षकों के मोबाइल में वीडियो मिलने के बाद उनके साथ मारपीट भी की गई। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारी ने उन्हें सस्पेंड करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस बीच जांच में पता चला है कि सर्टिफिकेट के सहारे एक आरोपी ने नौकरी ली थी वे भी जाली हैं। उसपर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
मामला डुमरांव प्रखंड स्थित नथूनी अहिर के डेरा मध्य विद्यालय का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षकों के द्वारा अश्लील वीडियो बनाने की शिकायत मिलने के बाद 29 अगस्त को ग्रामीण विद्यालय पहुंचे। लोगों ने एक आरोपित शिक्षक को पकड़ लिया और पूछताछ शुरू कर दी। उसके बाद एक दूसरे शिक्षक ने हस्तक्षेप किया। शिक्षक का भी मोबाइल चेक किया गया तो उसमें भी कई अश्लील वीडियो थे। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों क्षिक्षकों के साथ मारपीट की। उनकी पहचान अरविंद कुमार और ब्रजेश कुमार के रूप में की गई।
एचएम ने उच्च अधिकारी से शिकायत की थी
स्कूल में हंगामा और बवाल की सूचना प्रधानाध्यापक इमाम अली ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दी। अधिकारी के स्तर पर तत्काल पूरे मामले की जांच की गई। जांच में में यह सामने आई कि शिक्षक अरविंद कुमार और ब्रजेश कुमार स्कूल परिसर के बाहर बच्चियों का अश्लील वीडियो बनाते थे। इन वीडियो के सहारे छात्राओं को ब्लैकमेल करते थे। इसके साथ गंदी हरकत करने की बात भी सामने आई।
डीईओ ने चेतावनी दी
जांच में सारी सच्चाई सामने आ गई। बीईओ ने अपनी रिपोर्ट डीईओ कार्यालय में सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर डीपीओ (स्थापना) रजनीश झा ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में डीईओ इंद्र कुमार कर्ण ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। इस तरह की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी ली
जांच के क्रम में बालिकाओं से छेड़खानी,अश्लील वीडियो बनाने वाले शिक्षक अरविंद कुमार के मामले में नया मोड़ आया है। अरविंद कुमार जिस टीचर ट्रेनिंग सटिफ़िकेट पर नौकरी करते थे वह फर्जी निकला है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में यह मामला प्रकाश में आया था। तत्कालीन सदर बीईओ अजय प्रसाद ने इसका भौतिक सत्यापन किया था। जिसमें फ़र्ज़ी सर्टिफ़िकेट पाया गया था। लेकिन विभाग की लापरवाही या मिली भगत से कारवाई नहीं हुई थी। अब इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।


