
12 विदेशी बगैर वीजा गयाजी पहुंचे, एयरपोर्ट प्रशासन ने रात भर रोका; TRP देकर इस शर्त पर किया रिलीज
यात्रियों ने वीजा के लिए आवेदन किया था। लेकिन यात्रा शुरू होने तक वीजा जारी नहीं हो सका था। चार्टर्ड विमान कंबोडिया लौट चुका है। इसलिए इन्हें गया एयरपोर्ट पर ही रोककर जांच की गयी।
गयाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार को कंबोडिया से 12 विदेशी यात्री पहुंच गए। एक चार्टर्ड विमान के 150 यात्रियों में से 12 यात्रियों को वीजा नहीं था। इस वजह से उन्हें रात को रोक दिया गया था। इमिग्रेशन विभाग ने बिना वीजा पाए जाने पर सभी को एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी थी। रातभर एयरपोर्ट के अंदर ही सभी के रहने की व्यवस्था की गयी थी। इनमें पांच भिक्षु और सात महिला श्रद्धालु शामिल थे। टीआरपी देकर उन्हें फिलहाल राहत दी गयी है पर एक सप्ताह में वापस भेज दिया जाएगा।
एयरपोर्ट निदेशक अवधेश कुमार ने बताया कि यात्रियों ने वीजा के लिए आवेदन किया था। लेकिन यात्रा शुरू होने तक वीजा जारी नहीं हो सका था। चार्टर्ड विमान कंबोडिया लौट चुका है। इसलिए इन्हें गया एयरपोर्ट पर ही रोककर जांच की गयी। शुक्रवार को सभी 12 यात्रियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के तहत एक सप्ताह का टेंपरेरी रिलीफ परमिट जारी कर दिया गया है।
परमिट मिलने के बाद सभी को एयरपोर्ट से जाने की अनुमति दे दी गयी। वे एक सप्ताह तक गयाजी में रुक पाएंगे। अगले सप्ताह इन्हें थाईलैंड के रास्ते वापस कंबोडिया भेजा जाएगा। सभी रुके यात्रियों की सुरक्षा, भोजन और ठहराव की व्यवस्था एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गयी थी।
गयाजी बिहार का इंटरनेशनल पहचान वाला शहर है। भगवान बुद्ध को बोधगया में बोधी वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ। दुनिया भर के बौद्ध धर्मावलंबी यहां धर्म यात्रा पर आते हैं।विमान से पहुंचे अधिकांश यात्री बौद्ध धर्म के मानने वाले हैं। वे तीर्थ यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। सुरक्षा एजेंसी उनका खयाल रख रही है। हर साल लाखों की संख्या में विदेशी सैलानी गयाजी पहुंचते हैं। मेहमानों के स्वागत में गयाजी हमेशा तैयार रहता है। लेकिन विदेश यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एयरपोर्ट समेत बोधगया और गयाजी शहर में सुरक्षा व्यवस्था टाइट रहती है।





