Hindi Newsऑटो न्यूज़Volvo Initiates Global Recall of EX30 Over Sunwoda Battery Safety Concerns, check all details
बैटरी हीटिंग से बढ़ा आग का खतरा! इस कार में आई बड़ी खराबी, कंपनी ने फौरन वापस बुलाया; ग्लोबल रिकॉल जारी

बैटरी हीटिंग से बढ़ा आग का खतरा! इस कार में आई बड़ी खराबी, कंपनी ने फौरन वापस बुलाया; ग्लोबल रिकॉल जारी

संक्षेप:

वोल्वो (Volvo) ने अपनी इलेक्ट्रिक कार EX30 को लेकर ग्लोबल रिकॉल जारी कर दिया है। कंपनी ने बैटरी ओवरहीटिंग से बढ़ते आग लगने के खतरे को देखते हुए ईवी को वापस बुला लिया है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

Jan 12, 2026 10:14 pm ISTSarveshwar Pathak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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सेफ्टी के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाली वोल्वो (Volvo) इस समय एक बड़ी चुनौती का सामना कर रही है। कंपनी ने अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक SUV वोल्वो EX30 (Volvo EX30) को लेकर ग्लोबल रिकॉल शुरू किया है। इसकी वजह सनवोडा (Sunwoda) कंपनी द्वारा सप्लाई की गई हाई-वोल्टेज बैटरी में ओवरहीटिंग का संभावित खतरा है, जिससे आग लगने का जोखिम बन सकता है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

वोल्वो EX30 का रिकॉल?

वोल्वो कार ग्रुप (Volvo Car Group) (जो कि चीन की जीली होल्डिंग की सब्सिडियरी है) ने पाया कि कुछ EX30 इलेक्ट्रिक कारों में इस्तेमाल की गई सनवोडा (Sunwoda) बैटरी सेल्स असामान्य रूप से गर्म हो सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 0.02% बैटरी सेल्स में ओवरहीटिंग की समस्या सामने आई है, जो भले ही प्रतिशत में कम हो, लेकिन सेफ्टी के लिहाज से बेहद गंभीर है।

कितनी गाड़ियां हैं प्रभावित?

UK में 10,440 यूनिट प्रभावित हुई हैं। ग्लोबल स्तर पर कुल 33,777 वोल्वो EX30 (Volvo EX30) को रिकॉल किया गया है। साउथ अफ्रीका में 372 यूनिट्स (2024–2026 मॉडल ईयर) को रिकॉल किया है। इन सभी गाड़ियों में सनवोडा (Sunwoda) की बैटरी सेल्स का इस्तेमाल किया गया है।

ब्राजील में आग की घटना ने बढ़ाई चिंता

नवंबर 2025 में ब्राजील के मैसेओ शहर में एक वोल्वो EX30 (Volvo EX30) में डीलरशिप पर खड़ी कार में अचानक आग लग गई। आग इतनी गंभीर थी कि उसे बुझाने के लिए लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन करना पड़ा। इसी घटना के बाद यह मामला और ज्यादा गंभीर हो गया।

वोल्वो की एडवाइजरी: 70% तक ही चार्ज करें

वोल्वो (Volvo) ने UK, US, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसे बाजारों में ग्राहकों को तत्काल सलाह दी है कि कार को 70% से ज्यादा चार्ज न करें और फुल चार्ज या हाई-लेवल चार्जिंग से बचें। यह सलाह अस्थायी उपाय के तौर पर दी गई है, जब तक कि कंपनी स्थायी समाधान के साथ पूरा रिकॉल प्रोसेस लागू नहीं कर देती।

भारत में फिलहाल कोई आधिकारिक रिकॉल नहीं

इस खबर के लिखे जाने तक वोल्वो इंडिया (Volvo India) की ओर से EX30 को लेकर कोई रिकॉल नोटिस जारी नहीं किया गया है।

सनवोडा पर जीली की सब्सिडियरी का बड़ा मुकदमा

मामले को और गंभीर बनाते हुए जीली ग्रुप (Geely Group) की ही एक कंपनी विरिडी ई-मोबिलिटी टेक्नोलॉजी (Viridi E-Mobility Technology) ने सनवोडा (Sunwoda) के खिलाफ 2.31 अरब युआन (करीब 323 मिलियन डॉलर) का मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि जून 2021 से दिसंबर 2023 के बीच सप्लाई की गई बैटरी सेल्स में क्वालिटी डिफेक्ट्स थे।

जीकर (Zeekr) ब्रांड को भी झेलनी पड़ी दिक्कत

गीलि (Geely) की ही प्रीमियम EV ब्रांड जीकर (Zeekr) को भी सनवोडा (Sunwoda) बैटरी वाली गाड़ियों में शिकायतों का सामना करना पड़ा। ग्राहकों ने चार्जिंग स्पीड कम होने, रियल रेंज गलत दिखने जैसी समस्याएं बताईं, जिसके बाद कंपनी को महंगा विंटर केयर कैंपेन (Winter Care Campaign) चलाकर बैटरी जांच और रिप्लेसमेंट करना पड़ा।

वोल्वो (Volvo) की साख पर सवाल

वोल्वो (Volvo) हमेशा से सेफ्टी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताती आई है। ऐसे में EX30 बैटरी विवाद से कंपनी की छवि को झटका लग सकता है। कई ग्राहक 70% चार्ज लिमिट की वजह से ड्राइविंग रेंज कम होने को लेकर नाराज भी हैं। हालांकि, वोल्वो (Volvo) का कहना है कि घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं, जोखिम बहुत कम है। कंपनी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

वोल्वो EX30 (Volvo EX30) का यह ग्लोबल रिकॉल दिखाता है कि EV टेक्नोलॉजी में बैटरी सेफ्टी सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वोल्वो (Volvo) इस समस्या को कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता के साथ हल करती है।

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक
अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर ऑटो सेक्शन से जुड़े हुए हैं। सर्वेश्वर को पत्रकारिता में 7 साल से ज्यादा का अनुभव है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों व एनालिसिस में उन्हें गहरी समझ और अनुभव है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय (हरिद्वार) से पत्रकारिता में मास्टर के बाद इन्होंने साल 2019 में ईटीवी भारत से पत्रकारिता जगत में अपना कदम रखा। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी के साथ काम किया। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर लेखन के साथ-साथ बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान इन्होंने गोंदिया (महाराष्ट्र) में 2 महीने से ज्यादा समय तक सोशल वेलफेयर के लिए काम किया। इस दौरान उन्होंने कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और स्कूल के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। सर्वेश्वर को बचपन से क्रिकेट खेलना और डांस पसंद है।

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