फॉक्सवैगन भारतीय कारोबार में हिस्सेदारी बेचेगी, इस कंपनी को पार्टनर बनाने पर चल रही चर्चा
इन दोनों कंपनियों के सीनियर अधिकारियों ने हाल ही में मुलाकात की है, लेकिन वैल्यूएशन, कैपिटल इन्वेस्टमेंट और अन्य मुद्दों पर बात होना अभी बाकी है। ये डील अगले कुछ सप्ताह में फाइनल हो सकती है। दोनों पक्ष एक संभावित समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं जो अगले कुछ सप्ताह में पूरा हो सकता है।

फॉक्सवैगन एजी (Volkswagen AG) ने भारत में अपनी सहायक कंपनी स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में हिस्सेदारी बेचने के लिए JSW ग्रुप के साथ चर्चा कर रही है। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल मार्केट में मजबूत प्रजेंस बनाने के लिए जर्मन कार मेकर को लोकल पार्टनर की तलाश है, जिसमें JSW सबसे ऊपर और इंटरेस्टेड नजर आ रही है। ये डील होने पर फॉक्सवैगन की सालों पुरानी स्थानीय साझेदार खोज पूरी हो जाएगी। JSW ग्रुप को फॉक्सवैगन के व्हीकल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच मिलेगी, जबकि फॉक्सवैगन को मार्केट में विस्तार का मौका मिलेगा।
इन दोनों कंपनियों के सीनियर अधिकारियों ने हाल ही में मुलाकात की है, लेकिन वैल्यूएशन, कैपिटल इन्वेस्टमेंट और अन्य मुद्दों पर बात होना अभी बाकी है। ये डील अगले कुछ सप्ताह में फाइनल हो सकती है। दोनों पक्ष एक संभावित समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं जो अगले कुछ सप्ताह में पूरा हो सकता है। प्रस्ताव के तहत, JSW स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में निवेश करेगा। लिमिटेड और सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाले ग्रुप द्वारा व्यवसाय में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की संभावना है।
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सूत्रों ने ब्लूमबर्ग को बताया कि फॉक्सवैगन और JSW के सीनियर अधिकारियों की हाल ही में मुलाकात हुई है, लेकिन सौदे के मूल्यांकन और JSW और फॉक्सवैगन द्वारा निवेश की जाने वाली पूंजी सहित कई मुद्दे अभी सुझल नहीं पाए हैं।
सालों की तलाश पर लगेगा ब्रेक
जर्मन मैन्युफैक्चर ने दो दशकों से अधिक समय तक यहां काम करने के बाद भी भारत में पैमाना बनाने के लिए संघर्ष किया है। अब इस जॉइंट वेंचर के साथ फॉक्सवैगन की सालों से चली आ रही तलाश खत्म हो सकती है। इस बीच, स्टील-टू-इलेक्ट्रिक व्हीकल ग्रुप JSW के लिए, यह सौदा फॉक्सवैगन के व्हीकल प्लेटफार्मों तक पहुंच प्रदान करेगा और एक अच्छी तरह से स्थापित यूरोपीय कार निर्माता के साथ आगे के ग्लोबल सहयोग के लिए एक स्प्रिंगबोर्ड के रूप में काम करेगा।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने एक ईमेल में कहा, फॉक्सवैगन भारत में अपनी स्ट्रैटजी को लागू करने के लिए नए व्यावसायिक अवसरों और विभिन्न व्यावसायिक ऑप्शन का लगातार मूल्यांकन कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा, स्कोडा ऑटो की ग्लोबल विकास योजनाओं के लिए भारत एक महत्वपूर्ण बाजार है, जबकि JSW के साथ किसी भी चर्चा पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
फॉक्सवैगन ने ईवी प्लेटफॉर्म का निवेश भी घटाया
नवंबर में ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, फॉक्सवैगन ने नए भारत ईवी प्लेटफॉर्म में नियोजित निवेश को 1 बिलियन डॉलर से घटाकर लगभग 700 मिलियन डॉलर कर दिया। इस साल की शुरुआत में एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्कोडा, फॉक्सवैगन, ऑडी, पोर्श, बेंटले और लेम्बोर्गिनी ब्रांडों में फॉक्सवैगन ग्रुप का भारत के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में लगभग 2.5% हिस्सा है, जो दशक के अंत के लिए निर्धारित 5% बाजार हिस्सेदारी लक्ष्य से कम है। स्कोडा ब्रांड द्वारा काइलक कॉम्पैक्ट SUV जैसे भारत-स्पेसिफिक मॉडल लॉन्च करने के बावजूद कम बाजार हिस्सेदारी आई है।
अभी कई पहलूओं पर लंबी चर्चा होगी
JSW और फॉक्सवैगन ने 3 साल पहले बातचीत शुरू की थी और उन चर्चाओं में पहले JSW ने पुणे और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में फॉक्सवैगन इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का इस्तेमाल करने पर ध्यान केंद्रित किया था। बातचीत से परिचित लोगों ने कहा कि दोनों कंपनियों के बीच हालिया बातचीत में अभी भी कई बाधाओं को दूर करने की जरूरत है और यह अभी भी विफल हो सकती है। इन लोगों ने कहा कि फॉक्सवैगन अपनी भारतीय यूनिट का कंट्रोल छोड़ने के लिए अधिक इच्छुक हो गया है, क्योंकि यह ग्लोबली पर एक कठिन बदलाव से जूझ रहा है।
JSW का चीन की SAIC मोटर कॉर्प के साथ एक जॉइंच बेंचर भी है, जो भारत में MG-ब्रांडेड कारें बेचता है और स्थानीय बाजार में JSW-ब्रांडेड कारें पेश करने की योजना बना रहा है। फॉक्सवैगन पहले महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के साथ साझेदारी के लिए बातचीत कर रहा था, लेकिन पिछले साल की शुरुआत में एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि विकास लागत और संस्कृति से संबंधित मतभेदों के कारण बातचीत बेनतीजा रही।
लेखक के बारे में
Narendra Jijhontiyaनरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।
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