कारों में ट्रिपल स्क्रीन का सिस्टम फेल, सिर्फ 6% लोग ड्राइव पर पैसेंजर डिस्प्ले यूज कर रहे; 35% ने हाथ भी नहीं लगाया
कारों में बड़े पैसेंजर डिस्प्ले अब आम हो गए हैं, खासकर प्रीमियम व्हीकल में इसका जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। कई नई जनरेशन की कारें अब तीन-स्क्रीन डैशबोर्ड देती हैं जिसमें एक डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, सेंट्रल इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन और सामने वाले यात्री के लिए एक अलग डिस्प्ले शामिल हैं।

अब कार में लग्जरी इंटीरियर देने के लिए कई कंपनियां डैशबोर्ड को काफी भरने का काम कर रही हैं। खासकर, डैशबोर्ड पर अब मल्टीपल स्क्रीन लगाना आम बात होती जा रही है। हालांकि, ये जरूरी नहीं है ग्राहक इसकी मांग कर रहे हों। दरअसल, लेटेस्ट जेडी पावर 2026 यूएस टेक एक्सपीरियंस इंडेक्स (TXI) की स्टडी से पता चलता है कि बैकग्राउंड में चुपचाप काम करने वाली सिंपल टेक्नोलॉजी अक्सर एक्सट्रा डिस्प्ले और कॉम्पलैक्स सिस्टम की तुलना में ज्यादा ओनर्स को संतुष्टि देती हैं।
कारों में बड़े पैसेंजर डिस्प्ले अब आम हो गए हैं, खासकर प्रीमियम व्हीकल में इसका जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। कई नई जनरेशन की कारें अब तीन-स्क्रीन डैशबोर्ड देती हैं जिसमें एक डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, सेंट्रल इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन और सामने वाले यात्री के लिए एक अलग डिस्प्ले शामिल हैं। हालांकि, जेडी पावर ने अपनी स्टडी में पैसेंजर स्क्रीन को सबसे अधिक प्रोब्लमैटिक टेक्नोलॉजी में से एक पाया, प्रति 100 व्हीकल में 21.3 प्रॉब्लम दर्ज की गईं। यात्री डिस्प्ले से लैस कुछ व्हीकल ने जेडी पावर के 2026 यूएस प्रारंभिक क्वालिटी स्टडी में इंफोटेनमेंट-संबंधी समस्याओं की हायर रेट्स भी दर्ज की।
सिंपल टेक्नोलॉजी बेहतर स्कोर कर रही
दिलचस्प बात यह है कि सबसे अच्छी रेटिंग वाली कुछ टेक्नोलॉजी ऐसी थीं जिन पर डेली गाड़ी चलाते समय ओनर्स का ध्यान शायद ही कभी जाता है। कम्पलीट सेटिसफेक्शन के मामले में 'स्मार्ट इग्निशन' सबसे ऊपर रहा और हर 100 गाड़ियों में इसमें सिर्फ 2.4 प्रॉब्लम देखी गईं। 'स्मार्ट क्लाइमेट कंट्रोल' और 'ऑटोमैटिक ड्राइवर प्रेफरेंस सिस्टम' ने भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।
ये टेक्नोलॉजी आम तौर पर बैकग्राउंड में काम करती हैं और ड्राइवर से जरूरी कार्यों की संख्या को कम करती हैं। जेडी पावर के रिजल्ट से पता चलता है कि जो टेक्नोलॉजी व्हीकल ऑपरेशंस को सरल बनाती है, वह एकस्ट्रा इंटरैक्शन की आवश्यकता वाली सुविधाओं की तुलना में ज्यादा सेटिसफेक्शन प्रदान कर सकती है।
लेवल 2+ ADAS बेहतर एक्सपीरियंस की गारंटी नहीं
एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के साथ भी इसी तरह की बातें देखी गई। ज्यादा टेक्नोलॉजी वाले एडवांस्ड लेवल 2+ हैंड्स-फ़्री सिस्टम, पारंपरिक लेवल 2 सिस्टम की तुलना में बेहतर कम्पलीट ओनरिशप एक्सपीरियंस प्रदान नहीं करता है, जिसके लिए ड्राइवरों को स्टीयरिंग व्हील पर अपना हाथ रखने की आवश्यकता होती है।
खास बात यह है कि L2+ सिस्टम ने वास्तव में L2 सिस्टम के लिए 14.3 PP100 की तुलना में 13.8 PP100 पर थोड़ी कम समस्याएं दर्ज कीं। इसके बावजूद, ओनर्स ने पारंपरिक L2 टेक्नोलॉजी के ओवरऑल परफॉर्मेंस और अनुभव को हाई रेटिंग दी। जेडी पावर का सुझाव है कि ग्राहक वर्तमान में उन सिस्टम के साथ अधिक सहज हो सकते हैं जो ऑटोमैटिक के हाई लेवल को पेश करने के बजाय स्पष्ट रूप से ड्राइवर की सहायता करते हैं।
मास-मार्केट ब्रांडों में हुंडई टॉप पर
हुंडई लगातार 7वें साल 524 पॉइंट हासिल करके टेक्नोलॉजी इनोवेशन के लिए हायर रैंक वाले मास-मार्केट ब्रांड के रूप में उभरी। GMC और किआ 470 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। प्रीमियम ब्रांडों में कैडिलैक 641 अंकों के साथ पहले स्थान पर है, उसके बाद जेनेसिस 559 और BMW 524 अंकों के साथ है। हुंडई पैलिसेड को अपने फोन-बेस्ड डिजिटल कुंजी और ब्लाइंड-स्पॉट कैमरे के लिए बड़े पैमाने पर बाजार पुरस्कार भी मिले, जबकि हुंडई आयोनिक 9 को इसके ईवी चार्जिंग शेड्यूलर के लिए मान्यता मिली।



