ग्लोबल मार्केट में चीन की स्ट्राइक! टॉप-10 में शामिल हुईं 3 चीनी कार कंपनियां; जानिए कौन बना नंबर-1
दुनियाभर के ऑटोमोबाइल बाजार में अब चीन का सिक्का चलने लगा है। टॉप-10 कार निर्माताओं की सूची में इस बार तीन चीनी कंपनियां, बीवाईडी (BYD), साइक (SAIC) और गीली (Geely) ने अपनी जगह पक्की कर ली है।

दुनियाभर के ऑटोमोबाइल बाजार में अब चीन का सिक्का चलने लगा है। 'दुनिया की फैक्ट्री' कहे जाने वाले चीन ने 2025 की ग्लोबल कार सेल्स रैंकिंग में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। टॉप-10 कार निर्माताओं की सूची में इस बार तीन चीनी कंपनियां, बीवाईडी (BYD), साइक (SAIC) और गीली (Geely) ने अपनी जगह पक्की कर ली है। खास बात यह है कि BYD ने पहली बार इलेक्ट्रिक कार (EV) सेगमेंट में दिग्गज कंपनी टेस्ला को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में अपनी बादशाहत कायम की है। चीन ने लगातार 17वें साल दुनिया के सबसे बड़े ऑटो मार्केट का खिताब अपने नाम रखा है। बता दें कि चीन में 2025 में करीब 3.44 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेची गईं। आइए जानते हैं पूरी खबर को विस्तार से।






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BYD और चीनी ब्रांड्स का ग्लोबल धमाका
चीनी कंपनियों में BYD सबसे आगे छठे नंबर पर रही। बता दें कि 2025 में इसने 46 लाख गाड़ियां बेचीं जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 8 पर्सेंट ज्यादा हैं। कंपनी ने अब पेट्रोल-डीजल कारों को पूरी तरह बंद कर दिया है। चीन केवल इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल पर फोकस कर रही है। BYD की शुद्ध इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 22.5 लाख यूनिट्स रही। इसमें 28 पर्सेंट की भारी ग्रोथ देखी गई। इसी लिस्ट में SAIC 45.1 लाख गाड़ियों के साथ 7वें नंबर पर बरकरार है। SAIC के पास MG और वुलिंग जैसे मशहूर ब्रांड्स हैं। वहीं, गीली (Geely) ने होंडा को पछाड़कर 9वें पायदान पर कब्जा किया है। गीली ने पहली बार 40 लाख सालाना बिक्री का आंकड़ा पार किया है। इसमें वोल्वो और जीकर जैसे लग्जरी ब्रांड्स का बड़ा योगदान रहा।
'ट्रेड-इन' स्कीम से मिली बड़ी रफ्तार
चीन के इस दबदबे के पीछे वहां की सरकार की 'पुरानी गाड़ी बदलो' (Trade-in) स्कीम का बड़ा हाथ है। इस स्कीम के तहत करीब 36 करोड़ ग्राहकों को फायदा मिला और लोगों ने अपनी पुरानी पेट्रोल कारों को बदलकर नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) खरीदीं। आपको जानकर हैरानी होगी कि चीन में बिकने वाली हर दूसरी गाड़ी अब 'न्यू एनर्जी व्हीकल' (NEV) है। निर्यात के मामले में भी चीन दुनिया का नंबर-1 देश बन गया है, जिसने 2025 में 70 लाख गाड़ियां दूसरे देशों को भेजीं। ग्लोबल मार्केट में चीनी कारों की हिस्सेदारी अब बढ़कर 35.6 पर्सेंट हो गई है।
टोयोटा की बादशाहत कायम
ग्लोबल रैंकिंग में चीनी कंपनियां तेजी से ऊपर आ रही हैं। हालांकि, लेकिन नंबर-1 की कुर्सी पर अभी भी जापान की टोयोटा (Toyota) का कब्जा है। टोयोटा ने 2025 में 1.13 करोड़ गाड़ियां बेचकर अपना दबदबा बनाए रखा। दूसरे नंबर पर फॉक्सवैगन और तीसरे पर हुंडई रही। हालांकि, फोर्ड और होंडा जैसी बड़ी कंपनियों के लिए यह साल थोड़ा फीका रहा और उनकी रैंकिंग में गिरावट आई है। फोर्ड दो पायदान फिसलकर 8वें नंबर पर आ गई है, जबकि निसान इस बार टॉप-10 की लिस्ट से ही बाहर हो गई है।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumarदेश-दुनिया की खबरों में रुचि पत्रकारिता में खींच लाई। IIMC, नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में ‘लाइव हिंदुस्तान’ से हुई। बीते करीब 4 सालों से आशुतोष बिजनेस और ऑटो सेक्शन में काम कर रहे हैं। राजनीति, बिजनेस और धर्म में खास रुचि है। लाइव हिंदुस्तान में बिजनेस, टेक, ऑटो, स्पोर्ट्स, एस्ट्रोलॉजी, करियर और न्यूज सेक्शन में लगातार काम करने का अनुभव है। लाइव हिंदुस्तान के लिए बिहार चुनाव 2025 का ग्राउंड पर जाकर पूरा वीडियो कवरेज किया है। बड़े नेताओं और लेखकों के साथ 50 से ज्यादा इंटरव्यू लेने का अनुभव भी रखते हैं। आशुतोष को उनकी रिपोर्टिंग के लिए संस्थान की ओर से प्रतिष्ठित ‘Digi journo of the Quarter’ अवार्ड भी मिल चुका है।
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