AI सॉफ्टवेयर करेगा कमाल... कार का कैमरा ड्राइवर की उम्र का पता लगाएगा, हेल्थ इमरजेंसी में मिलेगा अलर्ट

Narendra Jijhontiya लाइव हिन्दुस्तान
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सिर्फ चेहरा पहचानकर किसी व्यक्ति की सही उम्र, दिन के हिसाब से पता नहीं लगाई जा सकती। फिर भी यह मुमकिन है कि चेहरे की पहचान का इस्तेमाल बायोमेट्रिक सुरक्षा की एक एक्स्ट्रा लेयर के तौर पर, या ड्राइवरों की प्रोफाइल के बीच अपने-आप स्विच करने के लिए किया जाए।

AI सॉफ्टवेयर करेगा कमाल... कार का कैमरा ड्राइवर की उम्र का पता लगाएगा, हेल्थ इमरजेंसी में मिलेगा अलर्ट

टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर अपडेट में एक नया कोड मिला है, जिससे इस बात का पता चलता है कि कंपनी एक नए ड्राइवर मॉनिटरिंग फीचर पर काम कर रही है। यह फीचर AI का इस्तेमाल करके ड्राइवर की उम्र का अंदाजा लगाएगा। इस फीचर के कई इस्तेमाल हो सकते हैं। हालांकि, इससे प्राइवेसी से जुड़ी चिंताएं भी पैदा हो सकती हैं। सोशल मीडिया पर Greentheonly नाम के एक मशहूर टेस्ला फैन ने कंपनी के सबसे नए अपडेट, वर्जन 2026.8.6 के कोड की जांच करके इस फीचर के होने की जानकारी पोस्ट की है। साथ ही, कंपनी ने लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट में यूजर इंटरफेस (UI) में ऑटोपायलट शब्द को ऑटोस्टीयर से बदल दिया गया है। कंपनी ने पुराना नाम इसलिए हटा दिया, क्योंकि इसकी कैपेसिटी के बारे में लोगों को गुमराह करने की आशंका को लेकर कानूनी विवाद चल रहे थे।

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पैरेंटल कंट्रोल्स को बेहतर बनाएगा
अभी तक इस फीचर को लेकर कंपनी की तरफ से कोई ऑफिशियली अनाउंसमेंट नहीं किया गया है। इसका सीधा इस्तेमाल ड्राइवर की उम्र की पुष्टि करना है। हालाँकि, सिर्फ चेहरा पहचानकर किसी व्यक्ति की सही उम्र, दिन के हिसाब से पता नहीं लगाई जा सकती। फिर भी यह मुमकिन है कि चेहरे की पहचान का इस्तेमाल बायोमेट्रिक सुरक्षा की एक एक्स्ट्रा लेयर के तौर पर, या ड्राइवरों की प्रोफाइल के बीच अपने-आप स्विच करने के लिए किया जाए। इस तरह की कैपेसिटी का इस्तेमाल टेस्ला के पैरेंटल कंट्रोल्स फीचर को बेहतर बनाने के लिए भी किया जा सकता है। इससे कार ओनर्स जब अपने बच्चों को कार चलाने के लिए देंगे तब इस बात पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा कि वे कार और उसके अलग-अलग फीचर का इस्तेमाल कैसे और कहां करते हैं।

ड्राइवर की एक्टिविटी को मॉनीटर करेगा कैमरा
'Not A Tesla App' ने सबसे पहले यह खबर दी थी। उसने बताया है कि इस फीचर का इस्तेमाल टेस्ला की पूरी तरह से अपने आप चलने वाली रोबोटैक्सी गाड़ियों में किया जा सकता है, जिनमें बिना ड्राइवर वाली साइबरकैब भी शामिल है। टेस्ला की पॉलिसी के मुताबिक, बिना किसी बड़े के साथ वाले नाबालिगों को इस सर्विस का इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं है। खासकर कमर्शियल गाड़ियों में ड्राइवर के ध्यान पर नजर रखना, पहले से ही एक आम फीचर है। गाड़ी के अंदर लगे कैमरों का इस्तेमाल AI मॉडल के साथ मिलकर यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि क्या ड्राइवर सड़क पर ध्यान दे रहा है? क्या उसका ध्यान स्मार्टफोन या किसी दूसरे डिवाइस की वजह से भटक रहा है? या क्या उसे नींद आने का खतरा है?

हेल्थ इमरजेंसी पर अलर्ट भी मिलेगा
उम्र पहचानने वाले पैरामीटर जोड़ने से और भी ज्यादा बारीकी से निगरानी की जा सकेगी। इसमें स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं या ड्राइवर की गाड़ी चलाने की क्षमता में किसी भी तरह की कमी का पता लगाने की क्षमता भी शामिल हो सकती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी ड्राइवर को स्ट्रोक आता है, तो कार अपने-आप सुरक्षित तरीके से रुक जाएगी और इमरजेंसी सर्विस को अलर्ट कर देगी। इस तरह के फीचर का इस्तेमाल गाड़ी के पैरामीटर बदलने के लिए भी किया जा सकता है। जैसे, किसी बुज़ुर्ग ड्राइवर का पता चलने पर 'Full Self Driving' का तरीका बदल जाना। अगर इसे कार में बैठे सभी लोगों पर लागू किया जाए, तो यह पक्का करने में मदद कर सकता है कि लोग अपनी उम्र और दूसरे पैरामीटर के हिसाब से सबसे सुरक्षित बैठने की स्थिति में हों। साथ ही, यह कार में पीछे छूट गए बच्चों या शिशुओं के बारे में अलर्ट को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है।

Narendra Jijhontiya

लेखक के बारे में

Narendra Jijhontiya

नरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।

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