अब कम कीमत में मिलेगी EV, बैटरी सब्सक्रिप्शन स्कीम को बड़े स्तर पर लागू करेगी टाटा; जानिए क्या है प्लानिंग
नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो गुड न्यूज है। दरअसल, टाटा मोटर्स अब अपनी बैटरी सब्सक्रिप्शन स्कीम को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी में है। इस स्कीम को BaaS (बैटरी एस ए सर्विस) मॉडल भी कहा जाता है।

नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो गुड न्यूज है। दरअसल, टाटा मोटर्स अब अपनी बैटरी सब्सक्रिप्शन स्कीम को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी में है। इस स्कीम को BaaS (बैटरी एस ए सर्विस) मॉडल भी कहा जाता है। आसान भाषा में कहें तो कार को कम कीमत पर खरीदना और बैटरी के लिए अलग से इस्तेमाल के हिसाब से भुगतान करना। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो 10 से 12 लाख रुपये में कार खरीदना चाहते हैं। यह वही सेगमेंट है जहां हर साल करीब 30 लाख से ज्यादा पैसेंजर गाड़ियां बिकती हैं। हालांकि, ईवी की हिस्सेदारी अभी भी बेहद कम है।






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क्या है ये सब्सक्रिप्शन मॉडल
इस बैटरी सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत ग्राहकों को खरीद के दो ऑप्शन मिलते हैं। पहला, जैसे अभी होता है वैसे पूरी एक्स-शोरूम कीमत देकर कार खरीदना। दूसरा, कार को कम शुरुआती कीमत पर लेना और बैटरी के लिए अलग से इस्तेमाल के हिसाब से भुगतान करना। उदाहरण के तौर पर हाल ही में लॉन्च हुई पंच ईवी फेसलिफ्ट की एक्स-शोरूम कीमत 9.69 लाख रुपये है। लेकिन सब्सक्रिप्शन मॉडल में यही कार 6.49 लाख रुपये में मिल सकती है। इसके बाद बैटरी इस्तेमाल के लिए करीब 2.6 रुपये प्रति किलोमीटर का चार्ज देना होगा।
क्या है कंपनी का आंकड़ा
टाटा के अंदरूनी आंकड़ों के अनुसार, इस समय उसकी कॉम्पैक्ट एसयूवी रेंज में करीब 10 पर्सेंट ग्राहक इलेक्ट्रिक वर्जन चुनते हैं। जबकि सीएनजी जैसे क्लीन फ्यूल ऑप्शन की हिस्सेदारी 40 पर्सेंट से ज्यादा है। कंपनी को भरोसा है कि सही कीमत और बेहतर ऑफर के साथ ईवी की हिस्सेदारी जल्द ही 15 से 20 पर्सेंट तक पहुंच सकती है। लॉन्ग टर्म में यानी 2030 तक यह आंकड़ा करीब 30 पर्सेंट तक जाने की उम्मीद है। इसका मतलब साफ है कि आने वाले सालों में इलेक्ट्रिक कारें पेट्रोल-डीजल का मजबूत ऑप्शन बन सकती हैं।
क्लीन फ्यूल्स को लेकर बढ़ रहा रुझान
दिलचस्प बात यह है कि देश के कुछ हिस्सों में ईवी और दूसरे क्लीन फ्यूल्स को लेकर रुझान राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है। जयपुर जैसे शहरों और केरल जैसे राज्यों में साफ-सुथरी तकनीक वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी 30 से 40 पर्सेंट तक पहुंच चुकी है। इससे यह साफ होता है कि जहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और जागरूकता बेहतर है वहां लोग ईवी अपनाने में ज्यादा हिचकते नहीं हैं। कंपनी का प्लान है कि आने वाले समय में इस सब्सक्रिप्शन मॉडल को ज्यादा ईवी मॉडलों में उतारा जाए और कुछ नई गाड़ियां तो शुरू से ही सिर्फ इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म पर बनाई जाएं।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumarदेश-दुनिया की खबरों में रुचि पत्रकारिता में खींच लाई। IIMC, नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में ‘लाइव हिंदुस्तान’ से हुई। बीते करीब 4 सालों से आशुतोष बिजनेस और ऑटो सेक्शन में काम कर रहे हैं। राजनीति, बिजनेस और धर्म में खास रुचि है। लाइव हिंदुस्तान में बिजनेस, टेक, ऑटो, स्पोर्ट्स, एस्ट्रोलॉजी, करियर और न्यूज सेक्शन में लगातार काम करने का अनुभव है। लाइव हिंदुस्तान के लिए बिहार चुनाव 2025 का ग्राउंड पर जाकर पूरा वीडियो कवरेज किया है। बड़े नेताओं और लेखकों के साथ 50 से ज्यादा इंटरव्यू लेने का अनुभव भी रखते हैं। आशुतोष को उनकी रिपोर्टिंग के लिए संस्थान की ओर से प्रतिष्ठित ‘Digi journo of the Quarter’ अवार्ड भी मिल चुका है।
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