GST 2.0 के बाद सेस से जुड़ा मामला, सुप्रीम कोर्ट में FADA की ₹2500 करोड़ रुपए की याचिका स्वीकार की

Narendra Jijhontiya लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट ने फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया (FADA) की एक पिटीशन मान ली है, जिसमें 2,500 रुपए करोड़ से ज्यादा के ब्लॉक हुए कम्पनसेशन सेस क्रेडिट पर राहत मांगी गई है। कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई 25 मार्च, 2026 को होनी है।

GST 2.0 के बाद सेस से जुड़ा मामला, सुप्रीम कोर्ट में FADA की ₹2500 करोड़ रुपए की याचिका स्वीकार की

सुप्रीम कोर्ट ने फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया (FADA) की एक पिटीशन मान ली है, जिसमें 2,500 रुपए करोड़ से ज्यादा के ब्लॉक हुए कम्पनसेशन सेस क्रेडिट पर राहत मांगी गई है। कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई 25 मार्च, 2026 को होनी है। यह मामला GST 2.0 के रोलआउट से पहले खरीदी गई गाड़ियों की इन्वेंट्री पर डीलरों द्वारा दिए गए कम्पनसेशन सेस से जुड़ा है। इस रिफॉर्म ने कम्पनसेशन सेस को खत्म कर दिया और कई गाड़ियों की कैटेगरी पर GST रेट कम कर दिए।

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इस कदम का इंडस्ट्री ने बहुत स्वागत किया, लेकिन इससे डीलर उन सेस क्रेडिट का इस्तेमाल नहीं कर पाए जिनका उन्होंने पहले ही पेमेंट कर दिया था। FADA के CEO सहर्ष दमानी ने एक लिंक्डइन पोस्ट में कहा, "जो जरूरी और काफी हद तक अनडॉक्युमेंटेड है, वह यह है कि डीलर्स को वर्किंग कैपिटल की भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके लेजर में जमा सेस क्रेडिट इस्तेमाल करने लायक नहीं रहा है। ये सिर्फ लेजर एंट्री नहीं हैं। ये वर्किंग कैपिटल हैं जो शोरूम खुले रखते हैं, वो सैलरी देकर 50 लाख परिवारों को सुरक्षित रखते हैं।”

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GST 2.0 से पहले खरीदी गई इन्वेंटरी

पहले के सिस्टम में डीलर मैन्युफैक्चरर्स से गाड़ी खरीदते समय GST और कम्पनसेशन सेस देते थे। कस्टमर्स को गाड़ी बेचते समय वे वही टैक्स वसूलते थे। आम तौर पर GST क्रेडिट को GST लायबिलिटीज के अगेंस्ट एडजस्ट किया जाता है, जबकि सेस को सेस के अगेंस्ट ऑफसेट किया जाता है। हालांकि, GST 2.0 ने कम्पनसेशन सेस को पूरी तरह से हटा दिया। इस वजह से डीलर्स दूसरी टैक्स कैटेगरी के अगेंस्ट सेस क्रेडिट को एडजस्ट नहीं कर सकते।

FADA ने सरकार को लिखे एक लेटर में कहा, “पूरे भारत में ऑटो डीलरशिप अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में काफी, वैलिड तरीके से इस्तेमाल किया गया कम्पनसेशन सेस बैलेंस रखते हैं। मौजूदा कानून के तहत, इन बैलेंस का इस्तेमाल CGST, SGST या IGST के अगेंस्ट नहीं किया जा सकता है और जब तक कोई ट्रांजिशनल पाथवे नहीं बनाया जाता, ये लैप्स हो जाएंगे।”

यह असल में सही टैक्स क्रेडिट को बेकार कैपिटल में बदल देता है। FADA का अनुमान है कि इसका फाइनेंशियल असर लगभग 2,500 करोड़ रुपए होगा। FADA ने ट्रांजिशनल सॉल्यूशन के लिए बार-बार सरकार से संपर्क किया है। पिछले साल सितंबर में फेडरेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखकर GST 2.0 रोलआउट से पहले एक मैकेनिज्म बनाने की रिक्वेस्ट की थी।

इसने कम्पनसेशन सेस लेजर में बैलेंस को इंटीग्रेटेड GST (IGST) या सेंट्रल GST (CGST) लेजर में ट्रांसफर करने का प्रपोजल दिया। इससे डीलर्स उन्हें फ्यूचर टैक्स लायबिलिटीज के साथ एडजस्ट कर सकेंगे। डीलर्स का कहना है कि प्रॉब्लम इसलिए है क्योंकि, 22 सितंबर से पहले खरीदी गई गाड़ियों पर GST 2.0 लागू होने के बाद बेची गई गाड़ियों से अलग टैक्स लगता था। दमानी ने कहा, "हमने एक रेट पर इन्वेंट्री खरीदी और 22 सितंबर के बाद हम इसे बिना सेस के दूसरे रेट पर बेच रहे हैं। इस गैप का असर सिर्फ डीलर्स पर पड़ा, बायर्स पर नहीं।"

Narendra Jijhontiya

लेखक के बारे में

Narendra Jijhontiya

नरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।

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