DA Image
Wednesday, December 1, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ ऑटोहेलमेट को लेकर आ गया नया नियम, ना मानने पर लगेगा भारी जुर्माना

हेलमेट को लेकर आ गया नया नियम, ना मानने पर लगेगा भारी जुर्माना

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीVishal Kumar
Fri, 04 Jun 2021 12:58 PM
हेलमेट को लेकर आ गया नया नियम, ना मानने पर लगेगा भारी जुर्माना

देश में हेलमेट को लेकर एक नया नियम 1 जून, 2021 से लागू हो गया है। इसके तहत पूरे देश में बिना-ISI मार्क वाले हेलमेट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गयी है। यानी एक जून, 2021 से दोपहिया वाहन चालकों और सवारों के लिए ISI मानक वाला हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है। यह हेलमेट BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) सर्टिफाइड होना चाहिए। अगर कोई भी दोपहिया वाहन चालक या सवार प्रतिबंधित हेलमेट का इस्तेमाल करता पकड़ा जाएगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

क्या कहता है नया नियम
दरअसल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा 26 नवंबर, 2020 को जारी अधिसूचना 'दोपहिया मोटर वाहन सवारों के लिए हेलमेट (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020' में कहा गया है कि सभी दोपहिया वाहनों में इस्तेमाल किए जाने वाले हेलमेट भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा प्रमाणित होने चाहिए और एक जून 2021 से उन पर भारतीय मानक (आईएसआई) का चिह्न अनिवार्य होगा।"

यह भी पढ़ें: धड़ल्ले से बिक रही है ये सस्ती कॉम्पैक्ट SUV, कीमत 7 लाख रुपये से कम और देती है 24Km का माइलेज

पहनने और बनाने वाले, दोनों पर जुर्माना
खास बात है कि प्रतिबंधित हेलमेट का सिर्फ उपयोग करने वालों पर ही नहीं, इन्हें बनाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। कोई भी व्यक्ति जो बिना ISI मानक हेलमेट का निर्माण, भंडारण, बिक्री या आयात करता है, उसे एक साल तक की कैद या न्यूनतम एक लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है जो कि पांच लाख रुपए तक बढ़ाया भी जा सकता है। इसके अलावा, देश में केवल BIS/ISI प्रमाणन वाले हेलमेट बेचने की अनुमति होगी।

यह भी पढ़ें: Roadking हो सकती है Yezdi की पहली बाइक, कंपनी ने फाइल किया ट्रेडमार्क

बिना-आईएसआई मार्क वाले हेलमेट को बैन करने का उद्देश्य सड़क किनारे विक्रेताओं द्वारा आमतौर पर बेचे जाने वाले नकली और घटिया हेलमेट की बिक्री को रोकना है। घटिया क्वालिटी वाले हेलमेट वाहन चालकों को कम सुरक्षा प्रदान करते हैं और सड़क दुर्घटना की स्थिति में चालक या सवार को सिर में लगने वाली गंभीर चोट से बचाने में मदद नहीं करते। 

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें