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Hyundai Kona इलेक्ट्रिक फिर बनी आग का गोला, रिकॉल के बाद भी नहीं थम रही हैं घटनाएं, जानें क्या है वजह

लाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Ashwani Tiwari
Thu, 24 Jun 2021 08:03 PM
Hyundai Kona इलेक्ट्रिक फिर बनी आग का गोला, रिकॉल के बाद भी नहीं थम रही हैं घटनाएं, जानें क्या है वजह

दक्षिण कोरिया की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Hyundai की मशहूर इलेक्ट्रिक एसयूवी Kona EV में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। कंपनी द्वारा तकरीबन 77 हजार से ज्यादा यूनिट्स के रिकॉल किए जाने के बावजूद एक बार फिर से इस इलेक्ट्रिक एसयूवी में आग लग गई है। इस बार कार में आग लगने का ये मामला नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में देखने को मिला है। 


ओस्लो पुलिस के एक ट्वीट के मुताबिक, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इस दुर्घटना में किसी के भी जख्मी या हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के अनुसार कार में आग की सूचना मिलते ही मौके पर दमकल कर्मियों का दल पहुंच गया और पानी के बड़े टैंकर से छिड़काव करने के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। 


हालांकि कार में आग इस कदर भड़क चुकी थी कि इस पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान कार से निकलने वाले भारी धुएं के चलते पुलिस को घटनास्थल पर आस-पास के लोगों को अपने घरों की खिड़कियों को बंद रखने की अपील करनी पड़ी। इस इलेक्ट्रिक कार में आखिर आग कैसे लगी अभी इस बात की जानकारी नहीं हो सकी है, जो कि जांच का विषय है। 


प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट एक प्रमुख वजह हो सकती है। क्योंकि इससे पूर्व भी दुनिया भर के अलग-अलग हिस्सों से Hyundai Kona इलेक्ट्रिक एसयूवी में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैँ। पूर्व के मामलों में भी शॉर्ट सर्किट ही प्रमुख वजह बनकर सामने आया था। ये भी पता चला है कि जब इस एसयूवी में आग लगी है उस वक्त उसे पार्क किया गया था और इसे चार्ज नहीं किया जा रहा था। 


रिकॉल के बावजूद आग की घटनाएं: 


इससे पहले कंपनी ने बीते साल अक्टूबर महीने में Kona इलेक्ट्रिक एसूयवी को रिकॉल किया था। हुंडई मोटर ने उस वक्त कहा था कि रिकॉल किए गए वाहनों के मरम्मत और प्रतिस्थापन की लागत लगभग 900 मिलियन डॉलर होगी। इसे अब तक की ऑटोमोबाइल इतिहास की सबसे महंगी रिकॉल माना गया था। कंपनी के इस रिकॉल में कोना इलेक्ट्रिक से लेकर Ioniq और कुछ इलेक्ट्रिक बसें शामिल थीं। इस रिकॉल में वो वाहल शामिल थें, जिनका निर्माण नवंबर 2017 से लेकर मार्च 2020 तक किया गया है। 


hyundai kona electric suv catches fire

क्यों लग रही है आग: 


ग्लोबल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Hyundai के इन इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में कुछ तकनीकी खराबियां देखने को मिली हैं। जिसके चलते शॉर्ट सर्किट होने की संभावना बढ़ जाती है और कार में आग लगने का खतरा पैदा होता है। इन हाई वोल्टेज बैटरियों में कुछ मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट होने का अंदेशा जताया जा रहा है। हुंडई अपने इलेक्ट्रिक वाहनों में जिन बैटरियों का इस्तेमाल करती है वो LG एनर्जी सॉल्यूशन द्वारा बनाया जाता है, जो कि  LG Chem की एक डिवीजन है।
 

पिछले कुछ सालों में अलग अलग देशों में हुंडई कोना में आग लगने के तकरीबन 15 मामले आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी को घरेलू बाजार दक्षिण कोरिया में अकेले 11 मामले और कनाडा, फिनलैंड के साथ ऑस्ट्रेलिया में एक-एक मामले देखने को मिले थें। गौरतलब हो कि, हुंडई कोना को साल 2019 में कंपनी ने भारतीय बाजार में भी पेश किया था।
 

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