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CNG कारों की सेल्स को तेज रफ्तार दे सकता है ग्रीन टैक्स

पेट्रोल और डीजल गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स लगाने से जुड़े सरकार के एक प्रस्ताव से देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड को सबसे ज्यादा फायदा होगा। यह बात ऑटो इंडस्ट्री के 2...

CNG कारों की सेल्स को तेज रफ्तार दे सकता है ग्रीन टैक्स
Vishnuमाल्याबन घोष,नई दिल्लीMon, 01 Feb 2021 11:01 AM
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पेट्रोल और डीजल गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स लगाने से जुड़े सरकार के एक प्रस्ताव से देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड को सबसे ज्यादा फायदा होगा। यह बात ऑटो इंडस्ट्री के 2 एग्जिक्यूटिव्स ने कही है। डोमेस्टिक ऑटोमेकर्स के बीच मारुति सुजुकी के पास कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) व्हीकल्स का सबसे बड़ा पोर्टफोलियो है। साल 2022 तक अपने CNG व्हीकल्स की बिक्री को 200,000 यूनिट्स या इससे ज्यादा ले जाने के लिए कंपनी के पास अग्रेसिव प्लान्स हैं।
 

CNG मॉडल्स की बिक्री पर बढ़ाया फोकस 
मारुति सुजुकी ने फाइनेंशियल ईयर 2020 में रिकॉर्ड 106,443 सीएनजी गाड़ियां बेची हैं। कंपनी के मुताबिक, पांच सालों में ऐसे व्हीकल्स की बिक्री 15.5 फीसदी के सालाना औसत से बढ़ी है। डीजल गाड़ियों के मुकाबले में मारुति सुजुकी CNG व्हीकल्स को इको-फ्रेंडली ऑप्शन के रूप में रफ्तार देने की कोशिश में जुटी है। इस वित्त वर्ष की शुरुआत से ही कंपनी ने डीजल व्हीकल्स बेचना बंद कर दिया है और नुकसान की भरपाई करने के लिए उसकी अपने CNG मॉडल्स के पोर्टफोलियो का विस्तार करने की महत्वाकांक्षी योजना है। दक्षिण कोरिया की कंपनी Hyundai भी सीएनजी गाड़ियां बेचती है, लेकिन मारुति सुजुकी के मुकाबले इसका वॉल्यूम काफी सीमित है।


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रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज मिनिस्टर नितिन गडकरी ने पिछले सोमवार को 1 अप्रैल 2022 से कुछ खास कैटेगरीज के व्हीकल्स पर ग्रीन टैक्स लगाने से जुड़े प्रस्ताव की घोषणा की थी। प्रपोजल के मुताबिक, 15 साल के बाद रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के रिन्यूअल के समय पर्सनल व्हीकल्स पर ग्रीन टैक्स लगाया जा सकता है। यह पेट्रोल या डीजल व्हीकल के रोड टैक्स के 10-25 फीसदी के बराबर हो सकता है। 8 साल से ज्यादा पुराने ट्रांसपोर्ट या कमर्शियल व्हीकल्स के फिटनेस सर्टिफिकेट के रिन्यूअल के समय भी कुछ ऐसा टैक्स लगाया जा सकता है।