फोटो गैलरी

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ ऑटोजिसका डर था वही हुआ, आ गई बुरी खबर, नई डिटेल हुई जारी

जिसका डर था वही हुआ, आ गई बुरी खबर, नई डिटेल हुई जारी

ऑटो सेक्टर सेमीकंडक्टर और सिलाई संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में देश में यात्री वाहनों की कुल बिक्री मार्च में एक साल पहले इसी समय की तुलना में चार प्रतिशत घटकर 2,79,501 यूनिट रह गई। सियाम ने बु

जिसका डर था वही हुआ, आ गई बुरी खबर, नई डिटेल हुई जारी
Tejeshwarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 13 Apr 2022 05:58 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

ऑटो सेक्टर सेमीकंडक्टर और सिलाई संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में देश में यात्री वाहनों की कुल बिक्री मार्च में एक साल पहले इसी समय की तुलना में चार प्रतिशत घटकर 2,79,501 यूनिट रह गई। सियाम ने बुधवार को यह जानकारी दी। मार्च, 2021 में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 2,90,939 यूनिट रही थी। सियाम के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च में टू-व्हीलर की बिक्री 21 प्रतिशत घटकर 11,84,210 यूनिट रह गई। मार्च, 2021 में टू-व्हीलर की बिक्री 14,96,806 यूनिट रही थी। 

इस दौरान मोटरसाइकिल बिक्री 21 प्रतिशत घटकर 9,93,996 यूनिट से 7,86,479 इकाई रह गई। स्कूटरों की बिक्री भी 21 प्रतिशत घटकर 3,60,082 यूनिट रही। एक साल पहले समान महीने में टू-व्हीलर कंपनियों ने 4,58,122 स्कूटर बेचे थे। 

पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में पैसेंजर व्हीकल की कुल बिक्री 13 प्रतिशत बढ़कर 30,69,499 व्हीकल पर पहुंच गई, जो 2020-21 में 27,11,457 व्हीकल थी। हालांकि, बीते वित्त वर्ष में टू-व्हीलर की कुल बिक्री 11 प्रतिशत घटकर 1,34,66,412 यूनिट पर आ गई। इससे पिछले वित्त वर्ष में टू-व्हीलर की बिक्री 1,51,20,783 यूनिट रही थी। 

वित्त वर्ष के दौरान थ्री-व्हीलर की बिक्री बढ़कर 2,60,995 यूनिट पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 2,19,446 रही थी। कमर्शियल व्हीकल की बिक्री 5,68,559 यूनिट से बढ़कर 7,16,566 यूनिट पर पहुंच गई। हालांकि, विभिन्न श्रेणियों में वाहनों की कुल बिक्री वित्त वर्ष के दौरान घटकर 1,75,13,596 यूनिट रह गई। 2020-21 में वाहन बिक्री का कुल आंकड़ा 1,86,20,233 यूनिट रहा था। 

सियाम के अध्यक्ष केनिची आयुकावा ने कहा कि बीता साल उद्योग के लिए बड़ी चुनौतियां वाला रहा। इस दौरान उद्योग को नया सबक सीखने को भी मिला। आयुकावा ने कहा कि भारतीय वाहन उद्योग ने अपनी वेल्यू चेन को कायम रखने के लिए इन चुनौतियों के खिलाफ जमकर संघर्ष किया। इस दौरान सरकार ने प्रोडेक्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, फेम योजना के विस्तार के जरिये उद्योग को समर्थन दिया। 

epaper