DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   ऑटो  ›  Auto Tips: कार का टायर खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! ध्यान रखें ये 5 जरूरी बातें

ऑटोAuto Tips: कार का टायर खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! ध्यान रखें ये 5 जरूरी बातें

लाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Ashwani Tiwari
Thu, 11 Mar 2021 10:19 AM
Auto Tips: कार का टायर खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! ध्यान रखें ये 5 जरूरी बातें

How To Choose Best Tyres: किसी भी कार के लिए सही टायर को सिलेक्ट करना सबसे चुनौती वाला काम है। टायर किसी भी वाहन के लिए सबसे जरूरी पार्ट होता है। यह न सिर्फ कार के परफॉर्मेंस के लिए जिम्मेदार होता है बल्कि ये कार की ब्रेकिंग, हैंडलिंग, सेफ़्टी यहां तक कि माइलेज तक पर असर डालता है। अगर आपका टायर सही नहीं है तो आप कभी भी मुसिबत में पड़ सकते हैं। 

आम तौर पर लोग अपने किसी करीबी या फिर मोटर मैकेनिक के सुझावों पर गौर करते हुए नए टायर को खरीद लेते हैं। लेकिन ये ध्यान रखें कि ये एक महत्वपूर्ण फैसला होता है और इसके लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना बेहद ही जरूरी होता है। आज हम आपको अपने इस लेख में उन 5 प्वाइंट्स के बारे में बताएंगे जिन पर गौर कर आप एक बेहतर टायर चुन सकते हैं। तो आइये जानते हैं उन बातों के बारे में - 


1)- साइज: नए टायर खरीदने से पहले उसके साइज पर ध्यान देना सबसे जरूरी होता है। हमेशा उन्हीं टायर का चुनाव करें जो कि कंपनी द्वारा बताए गए मानकों के अनुरूप हो। सामान्य तौर पर टायर के साइड में ही उसकी गुणवत्ता और साइज के बारे में कोड भाषा में दर्शाया गया होता है। मान लें कि यदि टायर के साइड में (195/55 R 16 87 V) लिखा हो तो आप इसे कैसे समझेंगे। इसमें 195 mm टायर की चौड़ाई को दर्शाता है, 55% ट्रेड  टायर का एक्सपेक्ट रेशियो यानी हाईट को दर्शाता है, 'R' मतलब टायर रेडियल है और 16 का मतलब होता है टायर की साइज इंच में, वहीं 87 का मतलब हुआ लोड इंडेक्सिंग और 'V' का अर्थ होता है टायर के स्पीड की रेटिंग। इस तरह से आप अपने कार के लिए सही साइज के टायर का चुनाव कर सकते हैं। 


tyre tips

2)- ट्यूबलेस या ट्यूब वाला: सामान्य तौर पर ज्यादा लोग ट्यूबलेस या ट्यूब वाले टायर के बीच चुनाव को लेकर परेशान रहते हैं। लेकिन आपको बता दें कि, ट्यूबलेस टायर सबसे बेहतर होता है। ये आज के समय के अनुसार एडवांस और सुरक्षित है। इसके अलावा ट्यूबलेस टायर के लिए एलॉय व्हील की जरूरत नहीं होता है इसे सामान्य स्टील व्हील के साथ भी लगाया जा सकता है। ट्यूबलेस टायर में पंचर का भी डर नहीं होता है, हालांकि ये कीमत में ज्यादा होता है लेकिन इसके कई फायदे भी होते हैं। 


3)- सही ट्रेड का चुनाव: सबसे पहले आपको बता दें कि, टायर के उपर जो डिजाइन या धारियों वाला पैटर्न दिया गया होता है उसे ही ट्रेड कहते हैं। अपनी पसंद और उपयोगिता के अनुसार सही ट्रेड वाले टायर का चुनाव करना चाहिए। टायर में दिए गए ट्रेड वाहन के ड्राइविंग एक्सेरिएंस के लिए खासे जिम्मेदार होते हैं। हमेशा ऐसे ट्रेड का चुनाव करें जिसमें आपको बेहतर ग्रिपिंग मिलती हो, इससे आप किसी भी तरह के रोड कंडिशन में अपने वाहन को सही ढंग से चला सकते हैं। सामान्य तौर पर तीन तरह के ट्रेड चलन में हैं, जिसमें कन्वेंसनल, यूनि-डायरेक्शनल और सिमेट्रिक शामिल हैं। 


4)- ब्रांड नेम: सही टायर का चुनाव करने से पहले टायर के ब्रांड पर जरूर गौर करें। कम पैसे खर्च करने के चक्कर में कभी भी लोकल ब्रांड्स के टायर न खरीदें। आज कल बाजार में कई ब्रांड्स के टायर मौजूद हैं जो आपको बेहतर परफॉर्मेंस के साथ ही शानदार वारंटी भी देते हैं। इसके लिए आप अपने नजदीकी डीलरशिप से भी संपर्क कर सकते हैं और चलन में मौजूद ब्रांड्स में किसी एक का चुनाव कर सकते हैं। 


5)- रबर की गुणवत्ता: नए टायर खरीदने से पहले रबर की गुणवत्ता की जांच करना सबसे महत्वपूर्ण बिंदू है। टायर में इस्तेमाल किया गया रबर सड़क पर होने वाले घर्षण से लेकर बेहतर ग्रीपिंग तक के लिए जिम्मेदार होता है। हमेशा बेस्ट क्वॉलिटी के रबर वाले टायर का ही चुनाव करें, ये न केवल कार के परफॉर्मेंस को बेहतर बनाता है बल्कि संतुलित ब्रेकिंग भी प्रदान करता है।

संबंधित खबरें