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हिंदी न्यूज़ ऑटोअब इन सरकारी गाड़ियों की खैर नहीं, नितिन गडकरी ने इन्हें कबाड़ बनाने की तैयारी की

अब इन सरकारी गाड़ियों की खैर नहीं, नितिन गडकरी ने इन्हें कबाड़ बनाने की तैयारी की

सरकार की स्क्रैप पॉलिसी का असर अब सरकारी गाड़ियों पर भी होगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत सरकार के 15 साल से अधिक पुराने सभी वाहनों को कबाड़ में बदला जाएगा।

अब इन सरकारी गाड़ियों की खैर नहीं, नितिन गडकरी ने इन्हें कबाड़ बनाने की तैयारी की
Narendra Jijhontiyaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 26 Nov 2022 10:10 AM
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सरकार की स्क्रैप पॉलिसी का असर अब सरकारी गाड़ियों पर भी होगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत सरकार के 15 साल से अधिक पुराने सभी वाहनों को कबाड़ में बदला जाएगा। इससे संबंधित नीति राज्यों को भेजी गई है। गडकरी ने वार्षिक कृषि प्रदर्शनी 'एग्रो-विजन' के इवेंट में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में एक फाइल पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत भारत सरकार के सभी 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को कबाड़ में बदल दिया जाएगा। उन्होंने भारत सरकार की इस नीति को सभी राज्यों को भेज दिया है।

हर राज्य में 3 व्हीकल स्क्रैप सेंटर खुलेंगे
नितिन गडकरी पहले बता चुके हैं कि सरकार ने देश के हर जिले में कम से कम तीन रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैप सेंटर खोलने की योजना बनाई है। सड़क मंत्रालय को रोपवे, केबल कार और फनिक्युलर रेलवे (केबल रेलवे) के लिए 206 प्रस्ताव मिले हैं। सरकार हर जिले में तीन रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैप सेंटर खोल सकती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अगस्त में नेशनल व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी शुरू की थी। उन्होंने कहा था कि पुराने और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को स्क्रैप किया जाएगा।

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व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी क्या है? इससे लोगों को क्या फायदा होगा?

व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी में 10 साल पुरानी डीजल कार और 15 साल पुरानी पेट्रोल कार को स्क्रैप किए जाने का नियम बनाया गया है। हालांकि अब कारों का फिटनेस टेस्ट किया जाएगा। कार का इंश्योरेंस कराने के लिए अब उसका फिटनेस टेस्ट सर्टिफिकेट जरूरी हो जाएगा। इस वजह से सभी कारों का हर साल फिटनेस टेस्ट किया जाएगा। अगर आपकी कार इस फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है, तो उसे स्क्रैप के लिए भेजा जाएगा।

सरकार ने व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी को वॉलंटरी व्हीकल फ्लीट मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (VVMP) नाम दिया है। अगर किसी व्यक्ति की गाड़ी फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है तो उसे देश भर में मौजूद 60-70 रजिस्टर्ड स्क्रैप फैसिलिटी सेंटर में से कहीं पर अपनी गाड़ी जमा करनी होगी। सभी बड़े और मेट्रो शहरों में ऐसे स्क्रैपिंग सेंटर खोले जा रहे हैं। अगर आपके शहर में ये सेटर नहीं है, तो आपको नजदीकी शहर वाले सेंटर में कार ले जानी होगी।

आप अपनी कार से जुड़े सभी डॉक्युमेंट्स जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, एक पहचान पत्र ले लें। इन सभी की फोटोकॉपी भी करा लें। ये सारे डॉक्युमेंट्स आपको स्क्रैपिंग सेंटर पर दिखाने होंगे। बेसिक फॉर्मेलिटी के बाद कार को स्क्रैप करने का काम शुरू हो जाएगा। आपके सामने आपकी गाड़ी के सभी पार्ट्स को अलग किया जाएगा।

कार के जरूरी कॉम्पोनेंट्स/पार्ट्स को अलग किया जाएगा। इन्हें दोबारा काम में लाया जा सकता है। खासकर स्टील सबसे बड़ा रॉ मटेरियल है। बैटरी, धातु, ऑयल, कूलेंट ग्लोबल एनवायर्नमेंट स्टैंडर्ड के अनुसार नष्ट किए जाएंगे, ताकि इन्हें दोबारा यूज में नहीं लाया जा सके। कार का कोई भी पार्ट आपको नहीं दिया जाएगा। जब कार स्क्रैप हो जाए, तब अपने सभी ओरिजिनल डॉक्युमेंट्स वापस ले लें। साथ ही इंजन नंबर, चेसिस नंबर की प्लेट भी ले लें।

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जिस भी स्क्रैपिंग सेंटर पर आपकी कार स्क्रैप होगी, वहां से आपको स्क्रैपिंग से जुड़ा डॉक्युमेंट दिया जाता है। इसे डिपॉजिट सर्टिफिकेट कहते हैं। सर्टिफिकेट में आपकी गाड़ी (मॉडल और रजिस्ट्रेशन नंबर) किस तारीख को स्क्रैप की गई है, इस बात की डिटेल होती है। ऑटो कंपनियां इस सर्टिफिकेट पर नई गाड़ी खरीदते समय एक्स-शोरूम प्राइस का 5% तक का डिस्काउंट देंगी। इसके अलावा नए व्हीकल की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगेगी।

कार को स्क्रैप कराने के बाद ग्राहक को एक डिस्ट्रक्शन सर्टिफिकेट भी जारी किया जाता है। ये सर्टिफिकेट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में जाकर जमा करना पड़ता है। जिसके बाद आपकी कार को सड़क पर दौड़ने वाली गाड़ियों की लिस्ट से बाहर कर दिया जाता है, ताकि भविष्य में कोई आपकी गाड़ी के नंबर का गलत इस्तेमाल न कर सके।