
12.3-इंच क्लस्टर, 12-इंच इंफोटेनमेंट, 647 लीटर बूट स्पेस; भारत की सकड़ों पर पहली बार दिखी 'राफेल' कार
रेनो की फ्लैगशिप कूप-SUV रेनो राफेल को पहली बार भारतीय सड़कों पर देखा गया है। स्पाई शॉट्स को ऑटोमोटिव पोनसाम चार्ल्स ने शेयर किया है। यहां देखा गया मॉडल एक वन-ऑफ कंपनी इम्पोर्ट माना जा रहा है, जिसे शायद रेनो इंडिया के किसी सीनियर अधिकारी के इंटरनल इस्तेमाल के लिए लाया गया है।
रेनो की फ्लैगशिप कूप-SUV रेनो राफेल को पहली बार भारतीय सड़कों पर देखा गया है। स्पाई शॉट्स को ऑटोमोटिव पोनसाम चार्ल्स ने शेयर किया है। यहां देखा गया मॉडल एक वन-ऑफ कंपनी इम्पोर्ट माना जा रहा है, जिसे शायद रेनो इंडिया के किसी सीनियर अधिकारी के इंटरनल इस्तेमाल के लिए लाया गया है। अभी तक, रेनो ने भारतीय बाजार में राफेल को लॉन्च करने की कोई योजना नहीं बताई है। राफेल को रेनो के ग्लोबल हेलो प्रोडक्ट के तौर पर पेश किया गया है और इसने ब्रांड की नई फ्लैगशिप कूप-स्टाइल SUV के तौर पर दुनियाभर में डेब्यू किया है।
एविएशन से प्रेरित नाम और डिजाइन फिलॉसफी दोनों में राफेल रेनो की लेटेस्ट डिजाइन लैंग्वेज और एडवांस्ड हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को दिखाता है। यह CMF-CD प्लेटफॉर्म पर बनी है, जिसे ऑस्ट्रेल और एस्पेस जैसे मॉडलों के साथ शेयर किया गया है, लेकिन इसमें यूनिक बॉडी पैनल और ज्यादा ड्रामेटिक कूप-SUV सिल्हूट है। भारतीय बाजार में ये कूप SUV आती है तो इसका सीधा मुकाबला टाटा कर्व और सिट्रोन बेसाल्ट से होगा।
डाइमेंशन के हिसाब से राफेल D-SUV सेगमेंट में मजबूती से खड़ी है, जिसकी लंबाई लगभग 4.71 मीटर और 2.74 मीटर का लंबा व्हीलबेस है। डिजाइन रेनो की मौजूदा इंडिया लाइनअप से बिल्कुल अलग है, जिसमें तीर के आकार के LED DRLs, पतले LED हेडलैंप और रेनो के डायमंड लोगो से प्रेरित एक खास ग्रिल पैटर्न है। 17 डिग्री पर झुकी हुई स्लोपिंग रूफलाइन राफेल को इसका कूप कैरेक्टर देती है। साथ ही, पीछे के वाइपर की जरूरत को भी खत्म करती है। पीछे की तरफ, Y-आकार के LED टेल लैंप, एक इंटीग्रेटेड स्पॉइलर और एक साफ बंपर डिज़ाइन इसके प्रीमियम लुक को बढ़ाते हैं।
इंटीरियर की बात करें तो, राफेल में रेनो का OpenR डिजिटल कॉकपिट है, जिसमें 12.3-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 12-इंच का इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन है। साथ ही, एक ऑप्शनल हेड-अप डिस्प्ले भी है। केबिन को प्रीमियम और टेक-फॉरवर्ड महसूस कराने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें हाई-क्वालिटी मटीरियल, एम्बिएंट लाइटिंग और चुनिंदा ट्रिम्स में स्पोर्टी सीटें हैं। एक खास फीचर रेनो की सोलरबे पैनोरमिक ग्लास रूफ है, जिसे पैसेंजर की पसंद के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक रूप से गहरा या हल्का किया जा सकता है। कूप रूफलाइन के बावजूद, रेनो का दावा है कि इसमें पीछे की सीटों पर काफी जगह और 647-लीटर का बड़ा बूट स्पेस दिया है।
इंजन की बात करें तो, राफेल को ग्लोबली सिर्फ हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ पेश किया जाता है। स्टैंडर्ड वर्जन में रेनो का सेल्फ-चार्जिंग E-Tech हाइब्रिड सिस्टम इस्तेमाल किया गया है, जिसमें 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन को इलेक्ट्रिक मोटर्स के साथ मिलाकर लगभग 200 PS का कम्बाइंड आउटपुट मिलता है। रेनो एक ज्यादा पावरफुल प्लग-इन हाइब्रिड वैरिएंट की भी योजना बना रही है, जिसमें ऑल-व्हील ड्राइव होगा और यह 296 PS तक की पावर देगा, जिससे राफेल जर्मन ब्रांड्स की प्रीमियम कूप-SUV को टक्कर देगी।
अभी के लिए, भारत में राफेल का दिखना सिर्फ इंटरनल या एग्जीक्यूटिव इस्तेमाल के लिए लगता है। रेनो अभी भारत के लिए वॉल्यूम-ओरिएंटेड प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है और राफेल एक प्रीमियम, यूरोप-फोकस्ड मॉडल है, इसलिए निकट भविष्य में इसका भारत में लॉन्च होना मुश्किल लगता है। फिर भी भारतीय सड़कों पर इसकी मौजूदगी रेनो के ग्लोबल डिजाइन और टेक्नोलॉजी की दिशा की एक झलक देती है। यह भी दिखाती है कि ब्रांड अपने पोर्टफोलियो के टॉप एंड पर क्या कर सकता है।

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Narendra Jijhontiyaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




