आपके पास है Swift, Creta, Nexon या ऐसी दूसरी कारें? जान लें माइलेज बढ़ाने के ये 5 सीक्रेट्स
भारतीय कार खरीदारों के लिए 'माइलेज' हमेशा से सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। आज के दौर में, जब देश भर में E20 पेट्रोल तेजी से लागू हो रहा है, तब माइलेज की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है।

भारतीय कार खरीदारों के लिए 'माइलेज' हमेशा से सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। आज के दौर में, जब पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं और देश भर में E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिक्स) तेजी से लागू हो रहा है, तब माइलेज की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है। खुद कार बनाने वाली कंपनियों का मानना है कि एथेनॉल मिक्स पेट्रोल से माइलेज में थोड़ी गिरावट आ सकती है। हालांकि, मनीकंट्रोल में छपी एक खबर के अनुसार, गाड़ी का माइलेज सिर्फ पेट्रोल पर नहीं, बल्कि आपके गाड़ी चलाने के तरीके, मेंटेनेंस और सड़क के मिजाज पर सबसे ज्यादा निर्भर करता है।
हर कार में अपना सकते हैं तरीके
चाहे आप देश की सबसे चहेती हैचबैक मारुति सुजुकी स्विफ्ट चलाओ, या फिर हुंडई क्रेटा, टाटा नेक्सन, महिंद्रा XUV 3XO और किआ सेल्टोस जैसी दमदार SUV, कुछ बेहद आसान और प्रैक्टिकल आदतें बदलकर आप अपनी कार के हर एक लीटर पेट्रोल से पूरा वसूल-पैसा माइलेज निकाल सकते हैं। आइए जानते हैं बेहतर माइलेज के लिए अपनाए जा सकने वाले कुछ खास टिप्स के बारे में।
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क्या वाकई E20 पेट्रोल से घटता है माइलेज?
तकनीकी रूप से इसे सही कहा जा सकता है। दरअसल, E20 पेट्रोल में 20 पर्सेंट एथेनॉल और 80 पर्सेंट पेट्रोल होता है। चूंकि एथेनॉल का एनर्जी कंटेंट सामान्य पेट्रोल की तुलना में कम होता है, इसलिए इंजन को उतनी ही ताकत पैदा करने के लिए थोड़े ज्यादा ईंधन की जरूरत पड़ती है। इसके कारण माइलेज में मामूली कमी देखी जा सकती है।
माइलेज सुधारने के सबसे आसान तरीके:
स्मूथ ड्राइविंग की आदतें: ईंधन बचाने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप अपनी ड्राइविंग स्टाइल को सुधारें। अचानक तेजी से एक्सीलेटर दबाने, तेज ब्रेक लगाने और बेवजह इंजन को हाई आरपीएम (RPM) पर ले जाने से बचें। खासकर शहर के बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक में हल्के पैरों से एक्सीलेटर दबाएं और हाईवे पर जहां तक संभव हो, कांस्टेंट स्पीड बनाए रखें।
टायर प्रेशर का रखें खास ख्याल: यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है। अगर आपकी कार के टायरों में कंपनी द्वारा बताए गए आंकड़े से कम हवा है, तो सड़क पर रोलिंग रेजिस्टेंस बढ़ जाता है। इससे इंजन को गाड़ी आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है और पेट्रोल तेजी से खत्म होता है। हर 15 दिन में एक बार टायर प्रेशर जरूर चेक करें।
समय पर सर्विसिंग: अगर आप समय पर कार की सर्विस नहीं कराते हैं, तो माइलेज गिरना तय है। एक चोक या गंदा हो चुका एयर फिल्टर, घिसे हुए स्पार्क प्लग या पुराना हो चुका इंजन ऑयल इंजन की परफॉर्मेंस को धीमा कर देते हैं। अपनी कार के 'ओनर्स मैनुअल' में दिए गए सर्विस शेड्यूल को फॉलो करें। इससे आपकी लाइफ और कार दोनों स्ट्रेस-फ्री रहेंगी।
बेवजह का वजन हटाएं: गाड़ी जितनी भारी होगी, उसे खींचने में उतनी ही ज्यादा ऊर्जा लगेगी। कई लोग कार की डिक्की में फालतू का भारी सामान छोड़ देते हैं, जिसे तुरंत बाहर निकालें। इसके अलावा, कार की छत पर लगे रूफ कैरियर या रूफ बॉक्स हाईवे पर हवा के बहाव को रोकते हैं। इससे माइलेज काफी कम हो जाता है।
AC का सही इस्तेमाल करें: मॉडर्न पेट्रोल कारें खड़ी होने पर भी अच्छा-खासा ईंधन खाती हैं। अगर आपको किसी सिग्नल या जाम में 1 मिनट से ज्यादा रुकना पड़े, तो इंजन को तुरंत बंद कर दें। आजकल की नई कारों में Idle Start-Stop फीचर आता है जो यह काम खुद कर देता है। वहीं, AC को हमेशा न्यूनतम तापमान पर चलाने के बजाय 22-24 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें और कार के अंदर 'रीसर्क्युलेशन मोड' ऑन रखें।
क्या प्रीमियम पेट्रोल से मिलेगा ज्यादा माइलेज?
नहीं! जब तक आपकी कार के मैनुअल में खासकर प्रीमियम या हाई-ऑक्टेन फ्यूल का सुझाव न दिया गया हो, तब तक महंगे पेट्रोल पर पैसे खर्च करने से माइलेज में कोई बड़ा बदलाव नहीं आने वाला। भारत की अधिकांश मास-मार्केट कारें रेगुलर पेट्रोल और अप्रूव्ड E20 ईंधन पर ही सबसे बेस्ट परफॉर्मेंस देने के लिए ट्यून की गई हैं।
क्या बेहतर माइलेज का कोई शॉर्टकट है?
पेट्रोल कार से बेहतर माइलेज पाने का कोई एक जादुई शॉर्टकट नहीं है। असल में अच्छी ड्राइविंग आदतें (जैसे अचानक एक्सीलेटर और ब्रेक न दबाना), टायरों में सही हवा, समय पर सर्विसिंग, गाड़ी से फालतू वजन हटाना और एसी का समझदारी भरा इस्तेमाल ही मिलकर सबसे बड़ा अंतर पैदा करते हैं। चाहे आपके पास स्विफ्ट, क्रेटा, नेक्सॉन, XUV 3XO या सेल्टोस हो, ये आसान तरीके हर लीटर ईंधन की पूरी कीमत वसूल करा देंगे।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumarदेश-दुनिया की खबरों में रुचि पत्रकारिता में खींच लाई। IIMC, नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में ‘लाइव हिंदुस्तान’ से हुई। बीते करीब 4 सालों से आशुतोष बिजनेस और ऑटो सेक्शन में काम कर रहे हैं। राजनीति, बिजनेस और धर्म में खास रुचि है। लाइव हिंदुस्तान में बिजनेस, टेक, ऑटो, स्पोर्ट्स, एस्ट्रोलॉजी, करियर और न्यूज सेक्शन में लगातार काम करने का अनुभव है। लाइव हिंदुस्तान के लिए बिहार चुनाव 2025 का ग्राउंड पर जाकर पूरा वीडियो कवरेज किया है। बड़े नेताओं और लेखकों के साथ 50 से ज्यादा इंटरव्यू लेने का अनुभव भी रखते हैं। आशुतोष को उनकी रिपोर्टिंग के लिए संस्थान की ओर से प्रतिष्ठित ‘Digi journo of the Quarter’ अवार्ड भी मिल चुका है।
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