एक्सीडेंट में नहीं खुले SUV के एयरबैग, शिकायतकर्ता ने मांगा ₹5 करोड़ का मुआवजा; कोर्ट में अपील खारिज

Apr 09, 2026 06:40 pm ISTNarendra Jijhontiya लाइव हिन्दुस्तान
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दिसंबर 2013 में हुए एक हादसे के दौरान चालक की तरफ का एयरबैग नहीं खुला जबकि साथ की सीट खाली होने के बावजूद उसका एयरबैग खुल गया। हादसे में चालक को गंभीर चोटें आई थीं।

एक्सीडेंट में नहीं खुले SUV के एयरबैग, शिकायतकर्ता ने मांगा ₹5 करोड़ का मुआवजा; कोर्ट में अपील खारिज

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने जगुआर लैंड रोवर (Jaguar Land Rover) के एक व्हीकल में मैन्युफैक्चरिंग संबंधी कमी के आरोपों वाली शिकायत को खारिज कर दिया है। आयोग ने पाया कि दुर्घटना के दौरान चालक की ओर का एयरबैग न खुलने के पीछे किसी आंतरिक खराबी का कोई सबूत नहीं है। NCDRC के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एपी साही और सदस्य भरतकुमार पंड्या की पीठ हरविंदर सिंह भुल्लर द्वारा जगुआर लैंड रोवर, टाटा मोटर्स लिमिटेड और डीलर एएमपी मोटर्स के खिलाफ दायर शिकायत पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला 2010 के ‘रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी’ मॉडल से जुड़ा है।

पसंदीदा मॉडल्स पर सीमित समय की शानदार डील

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दिसंबर 2013 में हुए एक हादसे के दौरान चालक की तरफ का एयरबैग नहीं खुला जबकि साथ की सीट खाली होने के बावजूद उसका एयरबैग खुल गया। हादसे में चालक को गंभीर चोटें आई थीं। भुल्लर ने वाहन को बदलने या नयी कार देने और सेवा में कमी के लिए पांच करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की थी। पीठ ने व्हीकल मैन्युफैक्चरर द्वारा प्रस्तुत तकनीकी रिपोर्ट का विश्लेषण किया।

रिपोर्ट के अनुसार, साथ ही सीट का एयरबैग इसलिए खुला क्योंकि सीट बेल्ट न लगी होने के कारण वह जल्दी सक्रिय होने वाली कैटेगरी में था। वहीं, चालक की तरफ का एयरबैग इसलिए नहीं खुला, क्योंकि चालक ने सीट बेल्ट लगा रखी थी और टक्कर की तीव्रता उस स्तर तक नहीं पहुंची थी जिसपर एयरबैग का खुलना अनिवार्य होता है।

आयोग ने कहा, "साथ वाली सीट का एयरबैग खुलना दर्शाता है कि कोई मैन्युफैक्चरिंग फॉल्ट नहीं था।" पीठ ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्हीकल ‘अनंत काल’ की वारंटी के साथ नहीं आता। दुर्घटना के समय वाहन की तीन साल की वारंटी अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसके अलावा, जगुआर लैंड रोवर की तरफ से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि कार की मरम्मत के बाद इसे 50,000 किलोमीटर से अधिक चलाया जा चुका है और कोई समस्या नहीं आई। आयोग ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए माना कि शिकायतकर्ता को कोई राहत नहीं दी जा सकती।

Narendra Jijhontiya

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Narendra Jijhontiya

नरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।

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