CNG वाहन चलाने वालों की जिंदगी आसान बना रहा ये ऐप, घंटों लाइन लगाने से मुक्ति; एक बार यूज किया तो दीवाने हो जाएंगे आप
नवगति भारत का प्रमुख फ्यूल एग्रिगेटर प्लेटफॉर्म है। यह नोएडा बेस्ड स्टार्टअप है। ये CNG कार वालों की जिंदगी आसान बना रहा ये ऐप, एक बार यूज किया तो दीवाने हो जाएंगे आप

नवगति भारत का प्रमुख फ्यूल एग्रिगेटर प्लेटफॉर्म है। यह नोएडा बेस्ड स्टार्टअप है, जो सीएनजी कार चलाने वालों की जिंदगी को आसान और उनके सफर को सुहाना बना रहा है। नवगति वन स्टॉप प्लेटफॉर्म है, जो सीएनजी पंप के मालिकों और आम जनता दोनों की मुश्किलों को अपने न्यू टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन से आसान बनाता है। यह एक स्वदेशी स्टार्टअप है, जो एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ रहा है। नवगति ऐप ने भारत में सीएनजी स्टेशनों को खोजने के लिए ऐप्स की दुनिया में नई क्रांति की है। ऐप पर लोगों को आस-पास के सीएनजी स्टेशन, टाइमिंग, सीएनजी की उपलब्धता, प्राइस और यूजर्स रेटिंग समेत और भी कई जानकारियां मिलती हैं।
स्टार्टअप के पीछे की कहानी?
नवगति स्टार्टअप की स्थापना वैभव कौशिक, आलाप नायर और आर्यन सिसोदिया ने की थी। नवगति ऐप 5 साल पहले उस समय बनाई गई, जब वैभव ने सीएनजी स्टेशन खोजने और सीएनजी स्टेशन पर सामने आने वाले परेशानियों को अपने दोस्तों और अब बिजनेस पार्टनर्स के साथ साझा किया। वैभव ने यह देखा कि सीएनजी स्टेशन पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रहती है और बहुत से लोगों को अपनी गाड़ी में सीएनजी भराने के लिए बहुत लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। अपनी एक कैब राइड के दौरान उन्होंने कैब ड्राइवर से बातचीत की। ड्राइवर ने उन्हें बताया कि गाड़ी में सीएनजी भराने के लिए फ्यूल पंपों पर उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। इससे रोज उन्हें कम से कम अपनी 10 फीसदी कमाई का घाटा होता है। इससे समय तो बर्बाद होता ही है और उन्हें अपनी कई ट्रिप इसी कारण से छोड़नी पड़ती है।
सीएनजी पंप पर लोगों को होने वाली परेशानियों के अहसास ने वैभव पर काफी असर डाला और उन्होंने आलाप और आर्यन के साथ मिलकर ऐसे सोल्यूशन पर काम करना शुरू किया, जिससे लोगों के सिर्फ पैसे और समय की बचत ही न हो, बल्कि इससे सीएनजी गैस गाड़ियों में भराने की पूरी प्रक्रिया सुव्यवस्थित हो सके। वैभव, आलाप और आर्यन ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर, नवगति को त्यार किया और भारत में सीएनजी पंपों के आगे से वाहनों की भीड़ को कम करने के अपने अभियान पर आगे बढ़े।
मकसद क्या है?
नवगति का मुख्य लक्ष्य सीएनजी पंपों पर होने वाली भीड़-भाड़ को कम करना और कंस्यूमर्स और फ्यूल ऑपरेटर्स दोनों के लिए इस अनुभव को शानदार बनाना है। इसमें बिजनेस टु बिजनेस (बी टू बी) – फ्यूल प्रोवाइडर्स (फ्यूल पंप के मालिक, ईंधन कंपनियां और डीलर्स) और बिजनेस टु कंस्यूमर्स (बी टू सी) – अंतिम उपभोक्ता (कैब ड्रा इवर और आम जनता) शामिल है। बी २ सी के लिए नवगति ने ‘नवगति फुएलिन्ग ऐप’ की खोज की और बी २ बी के लिए ‘आवेग’।
बिजनेस टू कंज्यूमर्स उपभोक्ताओं के लिए नवगति ने भारत में फ्यूल की खोज के लिए सबसे बड़ा ऐप नवगति फ्यूलिंग ऐप (Nawgati Fueling App) ऑफर की है। यह ऐप गाड़ी में सीएनजी गैस भराने के अनुभव को शानदार बनाने के लिए डिजाइन की गई है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी ट्रिप को एडवांस में प्लान कराने की इजाजत मिलती है। इस ऐप के प्रयोग से सीएनजी पंपों पर कम से कम इंतजार करना पड़ता है। यह उपभोक्ताओं को किसी पंप पर ईंधन के रेट, ईंधन की उपलब्धता, वहां इंतजार में लगने वाले समय और सर्विंग टाइम की जानकारी मिलती है। वह सोच-समझकर फैसला कर सकते हैं। इससे सीएनजी पंपों की कार्यक्षमता भी बढ़ती है। यह केवल कहानी का एक पहलू है।
नवगति ने बी टू बी ओफ्फ्रिंग, आवेग (Aaveg), भी दिया है अपने बिजनेस टु बिजनेस उपभोक्ताओं के लिए। यह एक अनोखा प्लेटफॉर्म है जो पूर्ण रूप से एक रिटेल ऑप्स प्लेटफॉर्म है, जो एक डैशबोर्ड के माध्यम से मौजूदा ऑपरेशनल ट्रेंड और स्टेशन पर हो रही गतिविधि की जानकारी देता है। इसकी मदद से पंप के मालिक स्टेशन पर होने वाली गतिविधियों को देख सकते हैं और तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं।
इसके अलावा इससे मालिकों को फ्यूल भराने में लगने वाले समय, इंतजार के समय, सर्विंग टाइम की जानकारी होने के साथ यह भी पता चलता है कि स्टेशन पर कितने कर्मचारी काम कर रहे हैं। उन्हें संसाधनों के कम या ज्यादा इस्तेमाल की जानकारी भी मिलती है। अपने इस नए ऑफर्स से नवगति ऐप फ्यूल कंपनियों या डीलरों को भीड़ से निपटने में मदद करता है। सिस्टम के अनुकूल निगरानी करती है और फिलिंग स्टेशन में ऑपरेशंस को ऑटोमैटिक बनाती है। इससे पंप ओनर्स यह फैसला कर सकते हैं कि किस फिलिंग स्टेशन पर संचालन को बढ़ाना है और कहां कम करना है।
मौजूदा सर्विस के अलावा नवगति ने हाल ही में सीएनजी स्टेशन पर फ्यूल के लेन-देन की क्षमता, प्रभावशीलता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवगति बिलिंग ऐप (Nawgati Billing App) लॉन्च की है। यह ऐप एंड्रॉयड पीओएस मशीनों और आवेग प्लेटफॉर्म से एकीकृत होकर काम करती है। इससे आंकड़ों के संकलन को स्वचालित और केंद्रीयकृत किया है। इस तरह यह पंप के मालिकों को बिक्री की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करती है। इससे गड़बड़ियां कम होती है और राजस्व की चोरी भी नहीं होती।
150 फ्यूल स्टेशनों पर ऐज कंट्रोलर इंस्टाल
नवगति ने शुरुआत में ही काफी ठोस विकास दर्ज किया। दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे बड़े शहरों के 150 फ्यूल स्टेशनों पर ऐज कंट्रोलर इंस्टाल किए हैं। इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल प्रमुख फ्यूल प्रोवाइडर्स, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, एचपीसीएल, साबरमती गैस, गुजरात गैस, टोरंट गैस समेत अन्य कंपनियों ने किया है। नवगति फ्यूलिंग ऐप पर 14 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के साथ नवगति ने ऐप का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स का मजबूत आधार बना लिया हैं। इसमें नवगति सुपर यूजर्स का चुनिंदा ग्रुप भी है, जो नए फीचर्स को टेस्ट करता है और कीमती फीडबैक देता है।
फंडिंग और विकास की योजनाएं
स्टार्टअप को MeitY Tide Startup Hub 2.0 योजना के तहत बिट्स पिलानी के इनक्यूबेटर, पिलानी इनोवेशन एंड एंट्रिप्रेन्योरशिप डिवेलपमेंट सोसाइटी (PIEDS) से प्रारंभिक सहयोग मिला। इस स्टार्टअप को विज्ञान और प्रोद्योगिकी विभाग, मैपमाईइंडिया, शार्क टैंक इनवेस्टर्स और एंजेल इनवेस्टर्स से भी फंड हासिल हुआ। इसके अलावा नवगति ने ऑल इन कैपिटल की अगुवाई में प्री सीड फंडिंग राउंड से फंडिंग प्राप्त की है। एवं गेल (भारत) ने पंख की पहल के तहत 1 करोड़ रुपये का निवेश किया।
भविष्य में इस स्टार्टअप का उद्देश्य अगले 2 साल में 15 हजार फ्यूल आउटलेट्स को अपनी ऐप में शामिल करना है। इस महत्वाकांक्षी विस्तार योजना में कई शहर शामिल हैं जैसे की दिल्ली एनसीआर, मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु, कोलकाता, भोपाल, चेन्नई, पुणे, लखनऊ, पटना और जयपुर। इसके अलावा नवगति नए फीचर्स भी लॉन्च करेगा, जिससे ईंधन भराने के अनुभव को डिजिटाइज करने में मदद मिलेगी और संचालन लागत में कमी आएगी।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक
अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर ऑटो सेक्शन से जुड़े हुए हैं। सर्वेश्वर को पत्रकारिता में 7 साल से ज्यादा का अनुभव है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों व एनालिसिस में उन्हें गहरी समझ और अनुभव है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय (हरिद्वार) से पत्रकारिता में मास्टर के बाद इन्होंने साल 2019 में ईटीवी भारत से पत्रकारिता जगत में अपना कदम रखा। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी के साथ काम किया। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर लेखन के साथ-साथ बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान इन्होंने गोंदिया (महाराष्ट्र) में 2 महीने से ज्यादा समय तक सोशल वेलफेयर के लिए काम किया। इस दौरान उन्होंने कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और स्कूल के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। सर्वेश्वर को बचपन से क्रिकेट खेलना और डांस पसंद है।
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