इस कंपनी की कारों की ऐसी डिमांड, ट्रेन से लोगों तक पहुंचा दीं 30 लाख कारें; हर महीने मिल रहे लाखों ग्राहक

Narendra Jijhontiya लाइव हिन्दुस्तान
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कंपनी ने रेलवे के माध्यम से 30 लाख से ज्यादा व्हीकल को भेजकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ये ग्रीन लॉजिस्टिक्स के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है। पिछले एक दशक में मारुति ने आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स में रेलवे की हिस्सेदारी को व्यवस्थित रूप से बढ़ाया है, जो फाइनेंशियल ईयर 2014-15 में 5% थी।

इस कंपनी की कारों की ऐसी डिमांड, ट्रेन से लोगों तक पहुंचा दीं 30 लाख कारें; हर महीने मिल रहे लाखों ग्राहक

मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड ने ताज में एक नई कामयाबी का नगीना जड़ गया है। दरअसल, कंपनी ने रेलवे के माध्यम से 30 लाख से ज्यादा व्हीकल को भेजकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ये ग्रीन लॉजिस्टिक्स के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है। पिछले एक दशक में मारुति ने आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स में रेलवे की हिस्सेदारी को व्यवस्थित रूप से बढ़ाया है, जो फाइनेंशियल ईयर 2014-15 में 5% थी। वहीं, ये फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में बढ़कर 26.5% तक पहुंच गई।

पसंदीदा मॉडल्स पर सीमित समय की शानदार डील

खास बात यह है कि 20 लाख से 30 लाख रेल-बेस्ड व्हीकल डिस्पैच तक पहुंचने का सफर केवल 21 महीनों में पूरा किया गया है, जो मारुति सुज़ुकी के ऑपरेशंस में सबसे तेज मिलियन की उपलब्धि है।

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इस उपलब्धि पर कंपनी ने क्या कहा?
इस उपलब्धि पर मारुति सुज़ुकी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर, हिसाशी ताकेउचि ने कहा, "रेलवे के माध्यम से 30 लाख संचयी व्हीकल डिस्पैच की उपलब्धि मारुति सुज़ुकी की ग्रीन लॉजिस्टिक्स यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 2014 के बाद से हमारे रेल-आधारित व्हीकल डिस्पैच मात्रा में नौ गुना बढ़ गए हैं, जो अब कंपनी के कुल व्हीकल डिस्पैच में 26.5% का योगदान दे रहे हैं। मारुति सुज़ुकी ने समर्पित ग्रीन लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे के लिए 1,372 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रतिबद्ध की है।"

उन्होंने आगे कहा, "इसमें हमारे हंसलपुर और मानेसर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट रेलवे साइडिंग का विकास, प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब पर रेल यार्ड की स्थापना, विशेष ऑटोमोटिव रेक की खरीद और कई बुनियादी ढांचागत सुधारों को समर्थन देना शामिल है। हम भारत सरकार को दूरदर्शी पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के लिए धन्यवाद देते हैं, जिसने इंटीग्रेटड, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया है और कुशल, रेल-आधारित और टिकाऊ माल ढुलाई की ओर उद्योग में हो रहे बदलाव का समर्थन किया है।

मई 2013 में मारुति सुजुकी भारत की पहली ऐसी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी बनी, जिसे ऑटोमोबाइल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर (AFTO) लाइसेंस मिला। मार्च 2014 में कंपनी ने अपनी पहली 'फ्लेक्सी-डेक ऑटोमोबाइल वैगन रेक' को हरी झंडी दिखाई। तब से लेकर अब तक हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों में ये शामिल हैं।

> नवंबर 2021 में 10 लाख कुल रेल डिस्पैच का आंकड़ा पार किया
> जून 2024 में 20 लाख कुल रेल डिस्पैच का आंकड़ा पार किया
> मार्च 2024 में हंसलपुर में भारत की पहली ऑटोमोबाइल इन-प्लांट रेलवे साइडिंग का उद्घाटन किया
> जून 2025 में मानेसर में भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल इन-प्लांट रेलवे साइडिंग का उद्घाटन किया
> अक्टूबर 2025 में मारुति सुजुकी व्हीकल का पहला बैच रेल द्वारा कश्मीर घाटी भेजा गया
> फरवरी 2026 में वेरा द्वारा हंसलपुर रेलवे साइडिंग को दुनिया की पहली 'मॉडल शिफ्ट ट्रांसपोर्टेशन प्रोजेक्ट' के रूप में रजिस्ट्रेशन किया

डिस्पैच की हिस्सेदारी 35% तक करना
कंपनी ने बताया कि भविष्य में उसका लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2030-31 तक रेल-आधारित वाहन डिस्पैच की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 35% करना है और उसकी नई खरखौदा सुविधा में इन-प्लांट साइडिंग स्थापित करने की योजना है। इससे कार्बन फुटप्रिंट कम करने, ईंधन की खपत घटाने और सड़कों पर भीड़भाड़ को कम करने में और मदद मिलेगी।

Narendra Jijhontiya

लेखक के बारे में

Narendra Jijhontiya

नरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।

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