इन लोगों ने फटाफट खरीद ली वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल कार, ये 100% इथेनॉल से दौड़ेगी; कीमत ₹7.24 लाख
मारुति सुजुकी ने देश की पहली वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल कार लॉन्च करके ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में एक बहुत बड़े वैचारिक बदलाव की शुरुआत कर दी है। ऐतिहासिक रूप से पर्यावरण के अनुकूल गाड़ियों (ग्रीन मोबिलिटी) पर होने वाली चर्चाओं में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) का ही दबदबा रहा है।

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने ऑफिशियली पर अपनी और देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार वैगनआर की डिलीवरी शुरू कर दी है। दरअसल, भारतीय चीनी और जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (ISMA) के कार्यकारी सदस्य नई दिल्ली में इसकी शुरुआती डिलीवरी ले रहे हैं। फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल, स्टैंडर्ज वैगनआर मॉडल आर्किटेक्चर पर कॉन्फिगर किया गया है, जिसे बेसलाइन E20 से लेकर E100 फ्यूल की अधिकतम कॉन्सेंट्रेशन तक विभिन्न इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण में संचालित करने के लिए इंजीनियर किया गया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 7.24 लाख रुपए है। ये पेट्रोल मॉडल से 86,000 रुपए महंगी है।
ISMA के प्रेसिडेंट, नीरज शिरगांवकर ने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को अपनाना राष्ट्रीय इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम की दीर्घकालिक व्यवहार्यता के लिए एक व्यावहारिक प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि इन प्लेटफार्मों के कमर्शियल इंटीग्रेशन का उद्देश्य एक सुसंगत, दीर्घकालिक ईंधन मांग चक्र स्थापित करना है, जो कृषि फीडस्टॉक किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ऊर्जा व्यय को सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में वापस भेजता है।
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फ्लेक्स-फ्यूल कार क्या है?
फ्लेक्सिबल फ्यूल व्हीकल (FFV) का कॉन्सेप्ट शायद फ्यूचर की बात लगती हो, लेकिन इसकी टेक्नोलॉजी बेहद प्रेक्टिकल है। एक फ्लेक्स-फ्यूल कार में एक इंटरनल कम्बशन इंजन होता है जो पेट्रोल और इथेनॉल के अलग-अलग ब्लेंड पर चलने में कैपेबल होता है। भारतीय सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियां E20 (20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल का ब्लेंड) पर चलने के लिए ट्यून की गई होती हैं। मारुति की यह नई पेशकश इससे कहीं ज्यादा हायर ब्लेंड पर, यहां तक कि E100 (जो 100% शुद्ध इथेनॉल है) पर भी आसानी से चलने के लिए डिजाइन की गई है।
इसे प्रेक्टिकल बनाने के लिए इंजीनियर्स को इसके इंटरनली सिस्टम को पूरी तरह से बदलना पड़ा। चूंकि इथेनॉल, पेट्रोल की तुलना में रासायनिक रूप से ज्यादा संक्षारक होता है और स्वाभाविक रूप से नमी सोखता है, इसलिए एक आम फ्यूल टैंक खराब हो सकता है। मारुति के फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप में पूरी तरह से नए सिरे से डिजाइन किए गए इंजेक्टर, मजबूत फ्यूल लाइनें, टिकाऊ सील और एक खास तौर से कैलिब्रेटेड इंजन मैनेजमेंट सिस्टम होने की संभावना है, ताकि यह इथेनॉल की अनोखी खूबियों को बिना किसी दिक्कत के संभाल सके।
लेखक के बारे में
Narendra Jijhontiyaनरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।
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