
गजब! डोर खुलते ही सीट घूमकर आएगी बाहर, अब मारुति वैगनआर में मिलेगा ऐसा खास फीचर; बुजुर्गों-दिव्यांगों का सफर बेहद आसान
मारुति वैगनआर (Maruti WagonR) ने ऐसा गजब खास फीचर पेश किया है, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों का सफर बेहद आसान हो जाएगा। जी हां, क्योंकि कंपनी ने वैगनआर (WagonR) के लिए ऑप्शनल स्विवेल सीट (Swivel Seat) पेश की है, जिससे कार में बैठना और उतरना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
देश की सबसे भरोसेमंद कार कंपनियों में से एक मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक वैगनआर (WagonR) में एक ऐसा फीचर जोड़ा है, जो खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) और दिव्यांग लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कंपनी ने वैगनआर (WagonR) के लिए ऑप्शनल स्विवेल सीट (Swivel Seat) पेश की है, जिससे कार में बैठना और उतरना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।






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क्या और क्यों खास है स्विवेल सीट?
स्विवेल सीट एक ऐसी सीट होती है, जो दरवाजा खुलते ही घूमकर बाहर की तरफ आ जाती है। इससे जिन लोगों को घुटनों, कमर या चलने-फिरने में परेशानी होती है, उन्हें कार में चढ़ने और उतरने में ज्यादा जोर नहीं लगाना पड़ता। मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) का कहना है कि यह फीचर उन लोगों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और सुविधा देने के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें रोजमर्रा की यात्रा में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
11 शहरों में पायलट प्रोजेक्ट
कंपनी ने इस स्विवेल सीट को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 11 शहरों में लॉन्च किया है। यह सुविधा देशभर के 200 से ज्यादा मारुति सुजुकी एरिना (Maruti Suzuki ARENA) डीलरशिप्स पर उपलब्ध कराई गई है। मारुति (Maruti) का कहना है कि अगर ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो इसे आगे चलकर और शहरों में भी विस्तार दिया जाएगा।
नई और पुरानी वैगनआर दोनों में लगेगी सीट
इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि स्विवेल सीट को नई वैगनआर (WagonR) में लगाया जा सकता है। साथ ही इसे पहले से खरीदी गई वैगनआर (WagonR) में भी फिट कराया जा सकता है। यह एक रेट्रोफिट किट के रूप में उपलब्ध है, जिसमें कार की बॉडी में कोई बदलाव नहीं होता है। इसके अलावा ओरिजिनल फैक्ट्री सीट हटाने की जरूरत नहीं पड़ती है।
3 साल की वारंटी
कंपनी के अनुसार, इसे फिट करने में करीब एक घंटा ही लगता है। इस दौरान सुरक्षा और वारंटी का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने बताया कि इस स्विवेल सीट किट का ARAI (Automotive Research Association of India) में सेफ्टी टेस्ट किया गया है। यह सभी जरूरी सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है। इस पर 3 साल की वारंटी भी दी जा रही है, जो मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट को कवर करती है।
वैगनआर (WagonR) ही क्यों?
वैगनआर (WagonR) का टॉल-बॉय डिजाइन, ज्यादा हेडरूम और लेगरूम, इसे इस तरह की सीट के लिए आदर्श बनाता है। यही वजह है कि मारुति (Maruti) ने अपनी टॉप-सेलिंग कारों में शामिल वैगनआर (WagonR) को इस इनोवेशन के लिए चुना।
कंपनी क्या कहती है?
मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) के MD और CEO हिसाशी ताकेउची ने कहा कि वैगनआर (WagonR) भारत की टॉप-10 बिकने वाली कारों में शामिल है और ऐसे में इस तरह की सुविधा ज्यादा लोगों तक पहुंच सकती है। उनके अनुसार, यह पहल हमारी समावेशी मोबिलिटी की सोच को दर्शाती है और लोगों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और भरोसे के साथ सफर करने में मदद करती है। हमारा लक्ष्य है कि ‘जॉय ऑफ मोबिलिटी’ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।
स्टार्टअप के साथ साझेदारी
इस प्रोजेक्ट के लिए मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप TRUEAssist Technology Pvt. Ltd. के साथ साझेदारी की है। यह सहयोग कंपनी के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन प्रोग्राम (NSRCEL–IIM Bangalore) के तहत किया गया है।

लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक
अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर ऑटो सेक्शन से जुड़े हुए हैं। सर्वेश्वर को पत्रकारिता में 7 साल से ज्यादा का अनुभव है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों व एनालिसिस में उन्हें गहरी समझ और अनुभव है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय (हरिद्वार) से पत्रकारिता में मास्टर के बाद इन्होंने साल 2019 में ईटीवी भारत से पत्रकारिता जगत में अपना कदम रखा। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी के साथ काम किया। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर लेखन के साथ-साथ बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान इन्होंने गोंदिया (महाराष्ट्र) में 2 महीने से ज्यादा समय तक सोशल वेलफेयर के लिए काम किया। इस दौरान उन्होंने कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और स्कूल के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। सर्वेश्वर को बचपन से क्रिकेट खेलना और डांस पसंद है।
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