किआ सोरेंटो vs टोयोटा फॉर्च्यूनर: फीचर्स, इंजन और कीमत में कौन है असली किंग? जानिए कहां लगाएं पैसा
दिग्गज कार निर्माता किआ ने भारतीय मार्केट में अपनी नई प्रीमियम 3-रो एसयूवी Sorento को उतार दिया है। भारत में इसका सीधा मुकाबला इस सेगमेंट की बादशाह मानी जाने वाली टोयोटा फॉर्च्यूनर से होगा।

दिग्गज कार निर्माता किआ (Kia) ने भारतीय मार्केट में अपनी नई प्रीमियम 3-रो एसयूवी Kia Sorento को उतार दिया है। ग्लोबल मार्केट में 2002 से बिक रही और 132 से ज्यादा देशों में 48 लाख से अधिक यूनिट्स की बिक्री दर्ज करा चुकी सोरेंटो किआ का तीसरा सबसे पॉपुलर मॉडल है। भारत में इसका सीधा मुकाबला इस सेगमेंट की बादशाह मानी जाने वाली टोयोटा फॉर्च्यूनर से होगा। ऐसे में भारतीय ग्राहकों के लिए यह जानना बेहद दिलचस्प है कि सोरेंटो अपनी दमदार फीचर्स, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी और आक्रामक कीमतों के दम पर फॉर्च्यूनर को कितनी कड़ी टक्कर देती है।
साइज और स्पेस का गणित
डायमेंशन यानी साइज की बात करें तो सोरेंटो कई मामलों में फॉर्च्यूनर से आगे निकल जाती है। किआ सोरेंटो की लंबाई 4,815 mm, चौड़ाई 1,900 mm और व्हीलबेस 2,815 mm है। वहीं, टोयोटा फॉर्च्यूनर 4,795 mm लंबी, 1,855 mm चौड़ी और इसका व्हीलबेस 2,745 mm है। साफ है कि सोरेंटो लंबी, चौड़ी और बड़े व्हीलबेस के साथ आती है, जिससे अंदर केबिन में ज्यादा जगह मिलती है। हालांकि, फॉर्च्यूनर की हाइट (1,835 mm) सोरेंटो (1,785 mm) से थोड़ी ज्यादा है।
इंजन और परफॉर्मेंस की तुलना
इंजन ऑप्शंस में दोनों एसयूवी का अंदाज काफी अलग है। सोरेंटो में 2.2-लीटर डीजल इंजन (193 PS / 442 Nm) के साथ 8-स्पीड DCT और एक 1.6-लीटर टर्बो पेट्रोल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन मिलता है, जो मिलकर 245 PS की कंबाइंड पावर जनरेट करता है। दूसरी तरफ, फॉर्च्यूनर में 2.7-लीटर पेट्रोल और 2.8-लीटर डीजल (204 PS / 500 Nm तक टॉर्क) का ऑप्शन है। हालांकि, फॉर्च्यूनर का डीजल इंजन सोरेंटो से ज्यादा पावरफुल है। लेकिन सोरेंटो का पेट्रोल हाइब्रिड मॉडल फॉर्च्यूनर पेट्रोल से कहीं आगे निकल जाता है।
ऑफ-रोडिंग का असली किंग कौन?
अगर आपको मुश्किल रास्तों पर गाड़ी चलानी पसंद है, तो फॉर्च्यूनर का लैडर-फ्रेम चेसिस और पार्ट-टाइम 4WD सिस्टम इसे असली ऑफ-रोडर बनाता है। फॉर्च्यूनर में 225 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस, लो-रेंज गियरबॉक्स, एक्टिव ट्रैक्शन कंट्रोल और 700 mm की वॉटर वेडिंग कैपेसिटी मिलती है। दूसरी ओर, सोरेंटो मोनोकॉक चेसिस पर बनी है। इसमें ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) के साथ स्नो, सैंड और मड जैसे टेरेन मोड मिलते हैं। सोरेंटो का ग्राउंड क्लीयरेंस 176 mm है, जो शहर और हाईवे ड्राइविंग के लिए आरामदायक है। हालांकि, हार्डकोर ऑफ-रोडिंग में फॉर्च्यूनर आगे है।
फीचर्स और सेफ्टी से भरपूर केबिन
कार के अंदर मिलने वाले फीचर्स और सेफ्टी के मामले में सोरेंटो काफी मॉडर्न और हाई-टेक महसूस होती है। सोरेंटो के केबिन में 12.3-इंच की दो जुड़वां स्क्रीन (इंफोटेनमेंट और डिजिटल क्लस्टर), 12-स्पीकर वाला बोस (Bose) साउंड सिस्टम, वेंटिलेटेड सीट्स, एआई असिस्टेंट और डिजिटल की जैसे फीचर्स मिलते हैं। सेफ्टी की बात करें तो सोरेंटो में ADAS लेवल 2+ दिया गया है। वहीं, फॉर्च्यूनर अपने मजबूत स्ट्रक्चर के साथ आती है, लेकिन फिलहाल इसमें ADAS तकनीक की कमी खलती है।
कीमत का बड़ा अंतर
कीमत के मोर्चे पर किआ ने बड़ा दांव खेला है। किआ सोरेंटो के डीजल वैरिएंट्स की कीमत 27.99 लाख से 38.89 लाख रुपये के बीच है। जबकि इसके पेट्रोल हाइब्रिड वैरिएंट्स 29.49 लाख से 40.39 लाख रुपये तक जाते हैं। इसके मुकाबले, टोयोटा फॉर्च्यूनर डीजल 35.40 लाख से 50.46 लाख रुपये और इसका पेट्रोल वैरिएंट 34.76 लाख से शुरू होता है। यानी सोरेंटो न केवल शुरुआती कीमत के मामले में सस्ती है, बल्कि अपने टॉप वैरिएंट में भी फॉर्च्यूनर से करीब 10 लाख रुपये कम कीमत में लग्जरी, मॉडर्न फीचर्स और सेफ्टी का बेहतरीन पैकेज देती है।



