SUV की स्पीड का दावा निकला गलत, कोर्ट ने कंपनी को कहा- ग्राहक को ₹1.65 करोड़ और ब्याज लौटाओ
आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता इस गलत बयान से धोखा खा गया जो उसके द्वारा 1.65 करोड़ रुपए के वाहन की खरीद का एक महत्वपूर्ण कारक था। एडवोकेट जैन ने तर्क दिया कि वाहन में फ्यूल फिलर फ्लैप- सेंट्रल लॉकिंग प्रणाली का अभाव था, जो एक आवश्यक सुरक्षा सुविधा है और स्टैंडर्ड फीचर्स की लिस्ट में शामिल थी।

जगुआर लैंड रोवर (JLR) इंडिया से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें कंपनी को ग्राहक को कार का पूरा अमाउंट लौटाने का आदेश मिला है। दरअसल, उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग ने लक्जरी कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी JLR इंडिया को उसकी पूरी कीमत करीब 1.65 करोड़ रुपए ब्याज सहित ग्राहक को लौटाने का आदेश दिया है। कंपनी की डिफेंडर 110 X P400 SUV में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट और अनऑथराइज्ड स्ट्रक्चरल बदलाव पाए जाने के बाद यह निर्देश दिया गया है।






आयोग की अध्यक्ष कुमकुम रानी और सदस्य बी एस मनराल की पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि मैन्युफैक्चरर ने विज्ञापन में दिए अपने परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड को पूरा करने में नाकाम रहने वाले व्हीकल को बेचकर 'अनुचित व्यापार व्यवहार' और 'सेवा में कमी' की है। आयोग में शिकायत हरिद्वार जिले के रूड़की स्थित मैसर्स ईप्रो ग्लोबल लिमिटेड ने दर्ज कराई थी जिससे अक्टूबर 2022 में अपने निदेशक जगदीप चौहान के लिए डिफेंडर 110 X P400 खरीदी थी।
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अपने वादे पर खरी नहीं उतरी SUV
शिकायतकर्ता के वकील वैभव जैन के मुताबिक, यह SUV अपने मूल वादों पर खरी नहीं उतर पाई। प्रमुख शिकायतों में से एक व्हीकल की एक्सीलरेशन कैपेसिटी यानी गति बढ़ाने में कार द्वारा लिए जाने वाले समय से संबंधित थी जो कंपनी द्वारा विज्ञापन में दिए गए दावे से कहीं कम थी। कंपनी ने विज्ञापन में कहा गया था कि डिफेंडर 110 X P400 मॉडल 6.1 सेकंड में 0-100 किमी/घंटा की गति तक पहुंच सकता है, लेकिन शिकायतकर्ता ने सबूत पेश किया कि वाहन को उस गति को प्राप्त करने में लगातार 7.1 सेकंड से अधिक समय लगता था।
कई दूसरे खतरे का भी अंदेशा
आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता इस गलत बयान से धोखा खा गया जो उसके द्वारा 1.65 करोड़ रुपए के वाहन की खरीद का एक महत्वपूर्ण कारक था। एडवोकेट जैन ने तर्क दिया कि वाहन में फ्यूल फिलर फ्लैप- सेंट्रल लॉकिंग प्रणाली का अभाव था, जो एक आवश्यक सुरक्षा सुविधा है और स्टैंडर्ड फीचर्स की लिस्ट में शामिल थी। उन्होंने जोर दिया कि इस लॉकिंग प्रणाली के न होने से सुरक्षा का गंभीर खतरा पैदा होता है, क्योंकि अनऑथराइज्ड व्यक्ति आसानी से फ्यूल टैंक तक पहुंचकर फ्यूल चुरा सकते हैं या रेत या चीनी जैसे खतरनाक पदार्थ डाल सकते हैं जो दूरदराज के एरिया में जानलेवा साबित हो सकता है ।
आयोग के आदेश में एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह भी है कि व्हीकल के चेसिस यानी भार वहन करने वाले मूलभूत ढांचे में बड़े पैमाने पर मरम्मत की गई थी। लगातार आ रही कर्कश आवाज की समस्या को दूर करने के लिए ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर ने कार मालिक की सहमति के बिना चेसिस की कटिंग, वेल्डिंग और रिवेटिंग कर दी। पीठ ने कहा कि कार में इस तरह के स्ट्रक्चरल चेंजेस से इसकी बुनियाद ही बदल जाती है और इसकी सुरक्षा और उपयोगिता प्रभावित होती है।
JLR इंडिया ने व्हीकल के प्रदर्शन में कमी का बचाव करते हुए दावा किया कि विज्ञापन में दी गयी स्पीड कंट्रोल एक्सपेरिमेंटल कंजीशन के तहत हासिल की गई थी और फ्यूल लॉक की कमी का कारण ऑटोमोबाइल चिप्स की ग्लोबल कमी थी । हालांकि, आयोग ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि खरीद के समय खरीददार को इनके बारे में सूचित नहीं किया गया था।
पीठ ने JLR के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि ग्राहक के साथ उसका कोई सीधा अनुबंध नहीं था और कहा कि एक निर्माता अपने डीलरों के साथ समझौतों के जरिए इन्हिरन्ट डिफेक्ट्स के लिए दायित्व से बच नहीं सकता। आयोग ने JLR इंडिया को शिकायत स्वीकार किए जाने की तारीख (27 मार्च, 2024) से 7% वार्षिक ब्याज के साथ 1,65,61,234 रुपए की पूरी खरीद कीमत वापस करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, निर्माता को मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में 50,000 रुपए का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है।
लेखक के बारे में
Narendra Jijhontiyaनरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।
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