कार कंपनी ने किया कन्फर्म, दो साल में जाएगी 4 हजार लोगों की नौकरी, टाटा मोटर्स से है कनेक्शन
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स की JLR अगले दो साल में दुनियाभर में करीब 4 हजार पदों को कम करने वाली है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का हिस्सा है।

Jaguar Land Rover (JLR) ने आखिरकार 4 हजार जॉब कट की खबरों को कन्फर्म कर दिया है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स की JLR अगले दो साल में दुनियाभर में करीब 4 हजार पदों को कम करने वाली है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला बड़ी कॉस्ट कटिंग और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का हिस्सा है। JLR ने कहा है कि जहां तक संभव होगा कर्मचारियों की संख्या कम करने का काम वॉलंटरी तरीके से किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक इस फैसले का सीधा असर मैन्युफैक्चरिंग जॉब्स पर पड़ने की उम्मीद नहीं है। फर्स्ट फेज की कटौती को लेकर कर्मचारियों से बातचीत शुरू हो चुकी है। कंपनी इस दौरान ट्रेड यूनियन्स और एम्प्लॉयी रिप्रेजेंटेटिव के साथ मिलकर काम करेगी।
दो साल में 1.7 अरब पाउंड बचाने का प्लान
यह जॉब कट JLR की 'Growth Reimagined' स्ट्रैटिजी का हिस्सा है। कंपनी ने इस स्ट्रैटिजी का ऐलान जून में इन्वेस्टर डे के दौरान किया था। इसके तहत JLR अगले दो साल में करीब 1.7 अरब पाउंड की बचत करना चाहती है। कंपनी का एक और बड़ा टारगेट अपने Break-even Level को करीब 3 लाख गाड़ियों तक लाना है। आसान भाषा में कहें, तो JLR चाहती है कि कम गाड़ियों की सेल पर भी कंपनी अपने खर्च को आसानी से कवर कर सके और प्रॉफिट में रहे।
इलेक्ट्रिक कारों पर बड़ा निवेश जारी रहेगा
JLR का कहना है कि कॉस्ट कटिंग से बचने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी की आगे की प्लाननिंग में किया जाएगा। कंपनी ने अगले पांच साल में 15 से 18 अरब पाउंड निवेश करने की योजना बनाई है। इस रकम का बड़ा हिस्सा Electric Vehicles, डिजिटल टेक्नोलॉजी, अडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने पर खर्च किया जाएगा। यानी कर्मचारियों की संख्या कम करने के बावजूद कंपनी आने की टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक कारों में अपना निवेश जारी रखेगी।
साइबर अटैक ने बढ़ाई मुश्किल
JLR के लिए पिछले करीब एक साल का समय काफी मुश्किल रहा है। करीब एक साल पहले कंपनी पर बड़ा साइबर अटैक हुआ था। इसके चलते कंपनी को कई हफ्तों तक अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स को रोकना पड़ा था। इसका सीधा असर प्रोडक्शन पर पड़ा और यह करीब 27 पर्सेंट गिर गया।
यूएस टैरिफ भी बना बड़ी परेशानी
JLR को अमेरिका में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका ने ब्रिटेन में बनी कारों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया है। इससे JLR के लिए अमेरिका जैसे बड़े बाजार में कारोबार करना और चुनौतीपूर्ण हो गया है। JLR की ग्लोबल सेल्स में नॉर्थ अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 29 फीसदी है। ऐसे में यह कंपनी के लिए बेहद अहम बाजार है। इसके अलावा दुनियाभर के बाजारों में कम कीमत वाली चीन की कार कंपनियों से भी मुकाबला लगातार बढ़ रहा है।



