विदेशियों के दिमाग में घुसी मेड इन इंडिया कारें, एक्सपोर्ट में 24% की भारी उछाल; रिकॉर्ड 31.43 लाख व्हीकल सेल
संक्षेप: मेड इन इंडिया कारें विदेशियों के दिमाग में घुस गई हैं। भारतीय बाजार से एक्सपोर्ट में 24% की भारी उछाल आई है। एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड 31.43 लाख व्हीकल भेजे गए हैं।
अगर आपको लगता है कि भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां सिर्फ देश के अंदर ही गाड़ियां बेचती हैं, तो आप गलत हैं। फ्रेश आंकड़े बताते हैं कि विदेश में 'मेड इन इंडिया' गाड़ियों की डिमांड जबरदस्त बढ़ी है और इस बार का निर्यात रिकॉर्ड तोड़ सकता है। फाइनेंशियल इयर 2026 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2025) में भारत से होने वाले वाहनों के निर्यात में 24% की धमाकेदार वृद्धि दर्ज की गई है। कुल 31.4 लाख (3.14 मिलियन) यूनिट्स गाड़ियों को विदेशी बाजारों में भेजा गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह उछाल किसी एक सेगमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि कार, टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और कॉमर्शियल व्हीकल सभी में देखी गई है।

क्या टूटेगा पिछला रिकॉर्ड?
पिछले वित्त वर्ष (FY2025) में भारत ने कुल 53.6 लाख वाहन निर्यात किए थे। इस साल सिर्फ 6 महीनों में ही हम उस आंकड़े का 59% हासिल कर चुके हैं। अगर यही रफ्तार कायम रही, तो भारतीय ऑटो इंडस्ट्री FY2022 के 56.1 लाख यूनिट्स के रिकॉर्ड को आसानी से तोड़ सकती है।
आइए देखते हैं किस सेगमेंट ने कितनी धूम मचाई।
1- दोपहिया वाहन: निर्यात का असली इंजन
| सेगमेंट | H1 FY2026 निर्यात (यूनिट्स) | सालाना वृद्धि (YoY) |
|---|---|---|
| टू-व्हीलर्स | 24.32 लाख | 24% |
सबसे बड़ा वॉल्यूम: यह सेगमेंट भारत के निर्यात वृद्धि का सबसे बड़ा ड्राइवर है।
मोटरसाइकिल की धाक: निर्यात की गई कुल टू-व्हीलर्स में 86% मोटरसाइकिलें हैं, जिनकी डिमांड 28% बढ़ी है।
चैंपियन कंपनी: बजाज ऑटो (Bajaj Auto) निर्यात में 37% हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है।
तेज रफ्तार: टीवीएस मोटर (TVS Motor Co.) ने 35% और हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) ने 54% की शानदार वृद्धि दर्ज की है।
2- पैसेंजर व्हीकल (कार और SUV): मारुति का बड़ा दांव
| सेगमेंट | H1 FY2026 निर्यात (यूनिट्स) | सालाना वृद्धि (YoY) |
|---|---|---|
| पैसेंजर व्हीकल्स | 4.45 लाख | 18% |
SUV का जलवा: इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा उछाल यूटिलिटी व्हीकल्स (SUVs) में आया है, जिनका निर्यात 26% बढ़ा है।
मार्केट लीडर: मारुति सुजुकी इंडिया ने 40% की जबरदस्त वृद्धि के साथ 2 लाख से ज्यादा गाड़ियां विदेश भेजी हैं।
EV का नया हथियार: मारुति ने 'मेड-इन-इंडिया' ई-विटारा का निर्यात भी शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले समय में एक्सपोर्ट को और भी बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
दूसरे नंबर पर: हुंडई मोटर इंडिया 17% की वृद्धि के साथ दूसरे पायदान पर है।
3- तिपहिया वाहन: सबसे तेज छलांग
हाईएस्ट ग्रोथ: ऑटोमोबाइल के सभी सेगमेंट में तिपहिया वाहनों ने सबसे ज्यादा 43% की वृद्धि दर्ज की है।
मुख्य खिलाड़ी: बजाज ऑटो इस सेगमेंट में भी 62% हिस्सेदारी के साथ लीड कर रही है, जिसने 54% की शानदार वृद्धि दर्ज की।
यानी भारतीय तिपहिया वाहन अब सिर्फ एशिया ही नहीं, बल्कि अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के छोटे शहरों में भी सवारी और सामान ढोने का काम कर रहे हैं।
| सेगमेंट | H1 FY2026 निर्यात (यूनिट्स) | सालाना वृद्धि (YoY) |
|---|---|---|
| थ्री-व्हीलर्स | 2.19 लाख | 43% |
| सेगमेंट | H1 FY2026 निर्यात (यूनिट्स) | सालाना वृद्धि (YoY) |
|---|---|---|
| थ्री-व्हीलर्स | 2.19 लाख | 43% |
4- कमर्शियल व्हीकल (ट्रक, बसें): मजबूत संकेत
| सेगमेंट | H1 FY2026 निर्यात (यूनिट्स) | सालाना वृद्धि (YoY) |
|---|---|---|
| कमर्शियल व्हीकल्स | 43,440 | 23% |
इस सेगमेंट ने 23% की वृद्धि दर्ज की है।
LCV Vs M&HCV: लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (LCVs) की डिमांड ज्यादा है, लेकिन मीडियम और हैवी कॉमर्शियल व्हीकल्स (M&HCVs) की निर्यात वृद्धि दर 63% रही, जो इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की बढ़ती डिमांड का संकेत देती है।

लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




