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विदेशियों के दिमाग में फिट हुईं इस कंपनी की कारें, दूसरे नंबर पर हुंडई; 13% तक बढ़ा भारत का एक्सपोर्ट

विदेशियों के दिमाग में फिट हुईं इस कंपनी की कारें, दूसरे नंबर पर हुंडई; 13% तक बढ़ा भारत का एक्सपोर्ट

संक्षेप:

अप्रैल–दिसंबर 2025 में भारत का ऑटो एक्सपोर्ट 13% तक बढ़ा है। इस सफर में मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) सबसे आगे रही। वहीं, हुंडई (Hyundai) दूसरे नंबर पर रही।

Jan 15, 2026 03:03 am ISTSarveshwar Pathak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए 2025 एक मजबूत साल साबित हो रहा है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच भारत से वाहन निर्यात (Exports) में 13% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान कुल 6,70,930 गाड़ियां एक्सपोर्ट की गईं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 5,78,091 यूनिट्स था। यह साफ संकेत है कि भारत अब सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि ग्लोबल ऑटो मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में तेजी से उभर रहा है।

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भारत बनी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब

ऑटो कंपनियों के मुताबिक, भारत में बनी गाड़ियों की मांग मैक्सिको, साउथ अमेरिका, अफ्रीका और वेस्ट एशिया जैसे बड़े बाजारों में लगातार बनी हुई है। इस दौरान पेट्रोल-डीजल (ICE) गाड़ियां, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs), छोटी कारें, SUVs और प्रीमियम मॉडल्स सभी का निर्यात किया गया। इससे साफ है कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी और लागत-प्रभावी प्रोडक्शन अब दुनिया को आकर्षित कर रही है।

मारुति सुजुकी बनी एक्सपोर्ट की बादशाह

भारत से कार निर्यात में मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने एक बार फिर बाजी मार ली। अप्रैल-दिसंबर 2025 के बीच कंपनी ने 3,08,237 गाड़ियां एक्सपोर्ट कीं। यह भारत के कुल कार एक्सपोर्ट का 46% हिस्सा है। मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) फिलहाल 100 से ज्यादा देशों में भारतीय गाड़ियां भेज रही है।

एक्सपोर्ट होने वाले प्रमुख मॉडल

एक्सपोर्ट होने वाले प्रमुख मॉडलों में फ्रोंक्स (Fronx), स्विफ्ट (Swift), बलेनो (Baleno) और जिम्नी (Jimny) जैसी कारें शामिल हैं। ये गाड़ियां लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, एशिया और यूरोप के बाजारों में भेजी जा रही हैं।

EV एक्सपोर्ट में भी मारुति का बड़ा कदम

पिछले 5 सालों में मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) का एक्सपोर्ट 2020 की तुलना में करीब 365% बढ़ चुका है। खास बात यह है कि कंपनी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV ई-विटारा (e VITARA) का एक्सपोर्ट भी शुरू कर दिया है। e VITARA को 29 से ज्यादा देशों, खासकर यूरोप में भेजा जा रहा है। यह भारत के EV एक्सपोर्ट के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

हुंडई दूसरे स्थान पर

एक्सपोर्ट में हुंडई दूसरे स्थान पर रही, जो 18% की बढ़ोतरी को दर्शाता है। हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) ने एक्सपोर्ट के मामले में दूसरा स्थान बरकरार रखा। अप्रैल–दिसंबर 2025 में 1,48,428 यूनिट्स एक्सपोर्ट हुईं।

पिछले साल की तुलना में 18% की बढ़ोतरी हुई। हुंडई (Hyundai) के एक्सपोर्ट मॉडल्स में क्रेटा (Creta), i10, वरना (Verna), वेन्यू (Venue) और एक्सटर (Exter) जैसे मॉडल शामिल हैं। कंपनी 80 से ज्यादा देशों में भारत में बनी गाड़ियां भेज रही हैं।

हुंडई (Hyundai) ने साफ किया है कि वह 2030 तक भारत में बनने वाली कुल गाड़ियों का 30% एक्सपोर्ट करना चाहती है, क्योंकि भारत उभरते बाजारों के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम है।

निसान को फायदा, VW और होंडा को झटका

निसान (Nissan) तीसरे स्थान पर रही। इसके एक्सपोर्ट में 25% की बढ़ोतरी देखी गई। इसकी कुल 65,146 यूनिट एक्सपोर्ट की गईं। वहीं, फॉक्सवैगन इंडिया (Volkswagen India) के एक्सपोर्ट में 22% की गिरावट देखी गई। इसकी कुल 31,522 यूनिट एक्सपोर्ट की गईं।

टोयोटा (Toyota Kirloskar Motor) ने 30,358 यूनिट्स का एक्सपोर्ट किया। ये कंपनी 20 से ज्यादा देशों में गाड़ियां में एक्सपोर्ट करती है। होंडा ने एक्सपोर्ट में 50% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जो कंपनी के लिए चिंता का विषय है।

Sarveshwar Pathak

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Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक
अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर ऑटो सेक्शन से जुड़े हुए हैं। सर्वेश्वर को पत्रकारिता में 7 साल से ज्यादा का अनुभव है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों व एनालिसिस में उन्हें गहरी समझ और अनुभव है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय (हरिद्वार) से पत्रकारिता में मास्टर के बाद इन्होंने साल 2019 में ईटीवी भारत से पत्रकारिता जगत में अपना कदम रखा। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी के साथ काम किया। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर लेखन के साथ-साथ बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान इन्होंने गोंदिया (महाराष्ट्र) में 2 महीने से ज्यादा समय तक सोशल वेलफेयर के लिए काम किया। इस दौरान उन्होंने कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और स्कूल के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। सर्वेश्वर को बचपन से क्रिकेट खेलना और डांस पसंद है।

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