पैसा रखिए तैयार! इन 3 ताबड़तोड़ बिकने वाली SUV का आ रहा हाइब्रिड अवतार; जानिए खासियतें
भारतीय मार्केट में अब हाइब्रिड गाड़ियों की बहार आने वाली है। दरअसल, देश की तीन दिग्गज कार कंपनियां अपनी पॉपुलर मिडसाइज एसयूवी मॉडलों को स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड अवतार में लाने की तैयारी कर रही हैं।

भारतीय मार्केट में अब हाइब्रिड गाड़ियों की बहार आने वाली है। माइलेज के शौकीनों और पर्यावरण की चिंता करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दरअसल, देश की तीन दिग्गज कार कंपनियां अपनी पॉपुलर मिडसाइज एसयूवी मॉडलों को स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड अवतार में लाने की तैयारी कर रही हैं। कड़े उत्सर्जन नियमों और डीजल गाड़ियों के घटते क्रेज को देखते हुए रेनॉल्ट, हुंडई और किआ अब हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव खेल रही हैं। इन गाड़ियों में आपको बिना किसी चार्जिंग के झंझट के शानदार माइलेज और दमदार परफॉर्मेंस दोनों मिलेगी। आइए जानते हैं इन तीनों अपकमिंग हाइब्रिड एसयूवी के बारे में।
रेनॉल्ट डस्टर हाइब्रिड
रेनॉल्ट की नई डस्टर इन तीनों में सबसे पहले स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड अवतार में दस्तक दे सकती है। कंपनी के अनुसार, यह गाड़ी दिवाली 2026 के आसपास भारतीय मार्केट में लॉन्च हो सकती है। इसमें 1.8-लीटर का 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन मिलेगा। इसके साथ 49bhp की इलेक्ट्रिक मोटर, 20bhp का हाइब्रिड स्टार्टर जनरेटर और 1.4 kWh का बैटरी पैक दिया जाएगा। यह कुल मिलाकर 160bhp की ताकत और 172Nm का टॉर्क जनरेट करेगी।
हुंडई क्रेटा हाइब्रिड
देश की सबसे पसंदीदा एसयूवी में से एक हुंडई क्रेटा भी अब स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ आने के लिए तैयार हो रही है। खबर है कि हाइब्रिड क्रेटा को साल 2027 तक मार्केट में उतारा जा सकता है। हुंडई अपनी डीजल गाड़ियों पर निर्भरता कम करने के लिए यह कदम उठा रही है। पेट्रोल और डीजल के ऑप्शन तो पहले से मौजूद हैं ही। हाइब्रिड आने से उन लोगों को एक बेहतरीन ऑप्शन मिलेगा जो बिना ईवी (EV) खरीदे धांसू माइलेज चाहते हैं।
किआ सेल्टोस हाइब्रिड
किआ सेल्टोस भी हुंडई क्रेटा की राह पर चलते हुए हाइब्रिड टेक्नोलॉजी अपनाएगी। अगले जनरेशन वाली सेल्टोस को पेट्रोल और डीजल के साथ लॉन्च किया जा चुका है, लेकिन इसका स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड वर्जन 2027 तक सड़कों पर उतर सकता है। किआ इसमें हुंडई वाली हाइब्रिड तकनीक का ही इस्तेमाल कर सकती है। टोयोटा और मारुति की हाइब्रिड कारों को सीधी चुनौती देने के लिए किया का यह बड़ा दांव होगा।
क्यों खास है स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड टेक्नोलॉजी?
माइल्ड हाइब्रिड के मुकाबले स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड गाड़ियां कुछ दूरी तक सिर्फ इलेक्ट्रिक मोटर के दम पर चल सकती हैं। इसमें लगी बैटरी को प्लग से चार्ज करने की जरूरत नहीं होती, बल्कि गाड़ी की ब्रेकिंगऔर इंजन से बैटरी अपने आप चार्ज होती रहती है। जिन लोगों को इलेक्ट्रिक कार के चार्जिंग स्टेशन ढूंढने या रेंज खत्म होने की चिंता रहती है, उनके लिए हाइब्रिड एसयूवी सबसे परफेक्ट विकल्प हैं। बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक में यह तकनीक पेट्रोल का खर्च आधा कर देती है।



