टू-व्हीलर बाजार में हुआ बड़ा उलटफेर, कम बिक्री के चलते हीरो नंबर-1 से फिसली; इस कंपनी ने छिना ताज
हीरो मोटोकॉर्प और होंडा मोटर कंपनी ने 2011 में अलग होने और टू-व्हीलर इंडस्ट्री में कड़े कॉम्पटीटर बनकर उभरने से पहले, हीरो होंडा ब्रांड के तहत मिलकर भारत का मोटरसाइकिल बाजार खडा किया था। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच, होंडा सबसे ज्यादा बिक्री करने वाली कंपनी बनकर उभरी।

देश की टू-व्हीलर इंडस्ट्री में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। खासकर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में बड़े उलटफेर दिख रहे हैं। हालांकि, इस बार का उलटफेर दो ऐसी कंपनियों के बीच देखने को मिला है जो ICE व्हीकल में दबदबा बनाए हुए हैं। दरअसल, हीरो मोटकॉर्प (Hero MotoCorp) सालों से सेगमेंट में नंबर-1 की पपोजीशन पर रही है, लेकिन बीते महीने यानी अप्रैल में जापानी कंपनी होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) के हाथों उसने इस पोजीशन को गंवा दिया। इस पुरानी भारतीय कंपनी के सामने दुनिया के सबसे बड़े टू-व्हीलर बाजार में अपनी मार्केट हिस्सेदारी बचाने की अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है।
हीरो मोटोकॉर्प और होंडा मोटर कंपनी ने 2011 में अलग होने और टू-व्हीलर इंडस्ट्री में कड़े कॉम्पटीटर बनकर उभरने से पहले, हीरो होंडा ब्रांड के तहत मिलकर भारत का मोटरसाइकिल बाजार खडा किया था। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच, होंडा सबसे ज्यादा बिक्री करने वाली कंपनी बनकर उभरी। उसने अपनी चार मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज से 2.26 मिलियन यूनिट्स बाजार में उतारीं। इसी दौरान, हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी छह फैक्टरियों से 2.18 मिलियन यूनिट्स भेजीं।
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FY26 से गणित बदलना शुरू हुआ
पोजीशन में यह गिरावट हीरो मोटोकॉर्प के लिए एक मुश्किल फाइनेंशियल ईयर के बाद आई है। पहली बार, मुंजाल फैमिली द्वारा प्रमोटेड इस कंपनी ने अपनी घरेलू मार्केट हिस्सेदारी को 28% के निशान से नीचे गिरते देखा। वहीं, FY26 के आखिर में यह 27.94% रही। यह FY09 में हासिल की गई लगभग 50% की जबरदस्त हिस्सेदारी से बहुत कम है। सियाम (SIAM) के आंकड़ों के मुताबिक, यह FY25 में दर्ज 28.61% के आंकड़े से भी कम है।
होंडा लगातार इस अंतर को कम करती रही है और FY26 के आखिर में उसकी मार्केट हिस्सेदारी 26.5% रही। हीरो पूरे साल की रैंकिंग में सिर्फ इसलिए आगे रह पाई, क्योंकि सितंबर 2025 में GST को 28% से घटाकर 18% किए जाने के बाद सस्ते टू-व्हीलर्स की मांग में अचानक तेजी आ गई थी। हालांकि, हीरो का पारंपरिक मजबूत गढ़ इकोनॉमी कम्यूटर सेगमेंट बना हुआ है, जिसमें स्प्लेंडर, पैशन और HF डीलक्स जैसे पुराने मॉडल का दबदबा है।
एनलिस्ट का कहना है कि कंपनी को इस मुख्य सेगमेंट से बाहर अपनी पकड़ बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी 125cc, 150cc और 225cc सेगमेंट में अपनी कोई खास छाप छोड़ने में नाकाम रही है। BNP पारिबा सिक्योरिटीज के एनालिस्ट कुमार राकेश ने कहा, "हीरो मोटोकॉर्प को ऐतिहासिक रूप से अपने मुख्य 110cc मोटरसाइकिल सेगमेंट से बाहर अपनी मार्केट हिस्सेदारी बढ़ाने के मामले में अमल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, लेकिन स्कूटर्स और EVs के सेक्टर में उसका हालिया प्रदर्शन काफी शानदार रहा है।"
होंडा की बड़ी छलांग उसकी अग्रेसिव ग्लोबल स्ट्रैटजी की बदौलत संभव हुई है। अपने बड़े इंटरनेशनल नेटवर्क का लाभ उठाते हुए, होंडा ने FY26 में अपने कुल प्रोडक्शन का लगभग 10% (620,000 यूनिट्स) निर्यात किया, जबकि हीरो का निर्यात हिस्सा 6% से थोड़ा ही ज्यादा रहा। अप्रैल में यह अंतर और भी बढ़ गया। होंडा का निर्यात बढ़कर उसके कुल प्रोडक्शन का 13% हो गया, जबकि हीरो का निर्यात 6% पर ही स्थिर रहा।
EV सेगमेंट में हीरो का दबदबा बढ़ रहा
वॉल्यूम के मामले में टॉप स्थान गंवाने के बावजूद, हीरो मोटोकॉर्प तेजी से बदलते इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में अपनी एक अलग बढ़त बनाए हुए है। यह एक ऐसा सेक्टर है जहां जापानी दिग्गज कंपनी को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। जहां एक तरफ होंडा भारत के टॉप-10 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों की सूची में जगह बनाने में नाकाम रही है। तो वहीं, हीरो चौथे स्थान पर पहुंच गई है, जो TVS मोटर कंपनी, बजाज ऑटो और एथर एनर्जी से ठीक पीछे है।
EV ईकोसिस्टम में इन दोनों कंपनियों के बीच का अंतर साफ नजर आता है। इस साल अप्रैल तक खत्म हुए 4 महीनों के दौरान, होंडा ने डीलरों को 1,300 से भी कम इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर भेजे। फाडा (FADA) के रजिस्ट्रेशन आंकड़ों के अनुसार, बाजार की लीडिंग कंपनी TVS इन चार महीनों की कुल बिक्री के बराबर व्हीकल केवल एक दिन में ही बेच देती है, जबकि हीरो को यह आंकड़ा छूने में हर तीन दिन लगते हैं। जैसे-जैसे यह मुकाबला EV की तरफ बढ़ रहा है, होंडा का वॉल्यूम लीडरशिप में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। हीरो को मिली शुरुआती बढ़त इस बात का संकेत देती है कि भारत के टू-व्हीलर बाजार में वर्चस्व की यह लड़ाई अभी खत्म होने से कोसों दूर है।
लेखक के बारे में
Narendra Jijhontiyaनरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।
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