संसद में सरकार की सफाई: E20 पेट्रोल से नहीं खराब होता गाड़ी का इंजन, कहा- माइलेज पर थोड़ा असर संभव
सरकार ने सोमवार को संसद में E20 पेट्रोल का बचाव करते हुए बड़ी बात कही है। सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या कार-बाइक की उम्र कम होने की बात एकदम गलत है।

केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में E20 यानी एथेनॉल वाले पेट्रोल का बचाव करते हुए बड़ी बात कही है। सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या कार-बाइक की उम्र कम होने की बात एकदम गलत है। राज्यसभा में सांसद राजीव शुक्ला और डॉ. जॉन ब्रिटास के सवालों का जवाब देते हुए पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि इस पेट्रोल को मार्केट में उतारने से पहले लैब में पूरी तरह चेक किया गया था। उन्होंने साफ किया कि लंबी रिसर्च और जांच के बाद ही इसे देशभर में बेचने की मंजूरी दी गई है।
पुरानी गाड़ियों के माइलेज पर थोड़ा असर
सरकार ने बताया कि E20 पेट्रोल को गाड़ियों में डालकर चलाकर देखा गया था। इसमें पाया गया कि यह पेट्रोल गाड़ियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, सरकार ने यह माना कि जो पुरानी गाड़ियां हैं, उनके माइलेज में 3 से 5 परसेंट की हल्की सी कमी आ सकती है। लेकिन इसके कई फायदे भी हैं। इस पेट्रोल से इंजन का परफॉरमेंस अच्छा रहता है, गाड़ी स्मूथ चलती है और धुएं से होने वाला प्रदूषण भी काफी कम होता है।
इंजन खराब होने की कोई शिकायत नहीं
संसद में सरकार ने बताया कि उन्हें किसी भी कार कंपनी, ऑटो संगठन या आम ग्राहकों से ऐसी कोई बड़ी शिकायत नहीं मिली है, जिसमें E20 पेट्रोल की वजह से इंजन या फ्यूल पंप खराब होने की बात साबित हुई हो। सोशल मीडिया और खबरों में जो इंजन खराब होने की बातें चल रही हैं, सरकार ने उनकी जांच कराई तो वे केवल अफवाह और बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई बातें निकलीं।
कार कंपनियों के आंकड़ों ने भी दी राहत
अपनी बात को सही साबित करने के लिए सरकार ने कार कंपनियों के सर्विस डेटा का भी हवाला दिया। एक बड़ी कार कंपनी ने पिछले साल लगभग 2.84 करोड़ गाड़ियों की सर्विसिंग की। इनमें से करीब 1.5 करोड़ गाड़ियां ऐसी थीं, जो E20 पेट्रोल के हिसाब से नहीं बनी थीं। इसके बावजूद, किसी भी गाड़ी में एथेनॉल की वजह से जंग लगने या पार्ट्स खराब होने की समस्या नहीं आई। इसीलिए कंपनियां आज भी गाड़ियों की वारंटी आराम से दे रही हैं।
बिना परेशानी के चल रही हैं गाड़ियां
सरकार का कहना है कि देश में इस समय 20 करोड़ से ज्यादा बाइक-स्कूटर और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें एथेनॉल वाले पेट्रोल पर बिना किसी दिक्कत के चल रही हैं। पेट्रोल की क्वालिटी से कोई समझौता न हो, इसके लिए हाल के दिनों में पेट्रोल पंपों की 30,000 से ज्यादा बार चेकिंग भी की गई है। सरकार ने साफ कर दिया कि अगर E20 पेट्रोल से सच में इंजन खराब हो रहे होते, तो अब तक लाखों लोग कार कंपनियों के चक्कर काट रहे होते और शिकायतें दर्ज करा रहे होते।



