
इस कंपनी के आगे टेस्ला और पोर्शे की बोलती बंद! लग्जरी की बादशाह बनीं इसकी कारें, आ गई 2025 के विनर-लूजर की लिस्ट
फेरारी (Ferrari) के लिए यह साल किसी सपने से कम नहीं रहा। इसके ऑर्डर बुक 1 साल से ज्यादा की वेटिंग के साथ फुल हैं। वहीं, टेस्ला और पोर्शे को इस साल तगड़ा झटका लगा है। आइए पूरी रिपोर्ट जानते हैं।
साल 2025 ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए कई मायनों में चौंकाने वाला रहा। जहां एक तरफ सुपरकार और लग्जरी कार ब्रांड्स ने रिकॉर्डतोड़ डिमांड, भारी मुनाफा और लंबी वेटिंग लिस्ट देखी, वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पर दांव लगाने वाली कई बड़ी कंपनियां उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। यह साल साफ तौर पर यह बताता है कि हर नई टेक्नोलॉजी तुरंत सफल नहीं होती और हर महंगी कार सिर्फ ब्रांड के नाम पर नहीं बिकती।






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2025: सुपरकार्स का सुनहरा साल
कुछ साल पहले तक लग रहा था कि शायद सुपरकार्स का क्रेज अब कम हो जाएगा, लेकिन 2025 ने इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। फेरारी (Ferrari), लैम्बॉर्गिनी (Lamborghini), बुगाटी (Bugatti), पेगानी (Pagani) और Koenigsegg जैसी कंपनियों के लिए यह साल किसी सपने से कम नहीं रहा। ऑर्डर बुक 1 साल से ज्यादा की वेटिंग के साथ फुल रहा।
मुनाफा पहले से ज्यादा
ग्राहक अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज्ड कार्स खरीदने को तैयार है। अमेरिका जैसे बाजार में लग्जरी कारों की औसत कीमत 50,000 डॉलर से ऊपर पहुंच गई, फिर भी डिमांड कम नहीं हुई। अमीर खरीदार आज भी पेट्रोल इंजन और मैनुअल गियरबॉक्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
EV की रफ्तार रही उम्मीद से धीमी
हालांकि, ग्लोबल लेवल पर EV की बिक्री बढ़ी, लेकिन कई देशों में यह बढ़ोतरी उम्मीद से कम रही। इसके पीछे कई बड़े कारण रहे। चीन की सस्ती और अच्छी EVs से कंपनियों को कड़ी टक्कर मिली। सरकारी सब्सिडी और टैक्स छूट का खत्म होने से EV की डिमांड में गिरावट दर्ज की गई। इसका असर ऑडी (Audi), फोर्ड (Ford), GM, वोल्वो (Volvo) जैसी कंपनियों पर साफ दिखा।
टेस्ला (Tesla) की गिरती पकड़
2025 टेस्ला (Tesla) के लिए मुश्किल भरा रहा और इसके बिक्री और मुनाफे में तेज गिरावट देखने को मिली। अमेरिका में मार्केट शेयर कम हुआ और सेफ्टी एंड कानूनी मामलों को लेकर कंपनी को विवाद झेलना पड़ा।
लुसिड: सप्लाई चेन की मार
लुसिड ग्रुप (Lucid Group) भी इस साल संघर्ष करती दिखी। इसके साथ सप्लाई चेन की समस्याएं थी, जिसके चलते लगातार घाटा बढ़ता चला गया और सीमित ग्राहक मिले।
पोर्शे (Porsche) को सबसे बड़ा झटका
2025 में पोर्शे (Porsche) को सबसे बड़ा झटका लगा। इसके EV मॉडल (Taycan, Macan EV) को उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिला। चीन में इसके शेयर की कीमत एक साल में 33% गिर गई और पहली बार कंपनी को तिमाही घाटा हुआ। पुराने पोर्शे (Porsche) फैंस भी अब कीमतों और डिजिटल केबिन को लेकर नाराज दिखे।
2025 के सबसे बड़े विनर
2025 में फेरारी (Ferrari) की बादशाहत बरकरार रही। जहां पोर्शे (Porsche) फिसली, वहीं फेरारी (Ferrari) और मजबूत होकर उभरी। इसका ऑर्डर बुक 2027 तक फुल है। इसने शानदार प्रॉफिट मार्जिन हासिल किए हैं और इसकी चीन पर निर्भरता (10% से भी कम बिक्री) कम है।
EV को लेकर बेहद सतर्क रणनीति
फेरारी (Ferrari) ने साफ कर दिया है कि 2030 तक उसकी सिर्फ 20% कारें EV होंगी, जिससे ब्रांड की वैल्यू बनी रहे।

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Sarveshwar Pathakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




