
एलन मस्क का बड़ा फैसला! 14 फरवरी के बाद लोग नहीं खरीद पाएंगे टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग कार, ये है वजह
एलन मस्क (Elon Musk) ने फुल सेल्फ-ड्राइविंग कारों को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। इसके मुताबिक 14 फरवरी 2025 के बाद टेस्ला (Tesla) के ग्राहक फुल सेल्फ ड्राइविंग कारों को वन-टाइम खरीद में नहीं ले सकेंगे। आइए जरा विस्तार से इसके पीछे की डिटेल्स जानते हैं।
टेस्ला (Tesla) के CEO एलन मस्क ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि कंपनी 14 फरवरी के बाद फुल सेल्फ-ड्राइविंग (Full Self-Driving -FSD) सॉफ्टवेयर को वन-टाइम खरीद के तौर पर बेचना बंद कर देगी। इसके बाद यह एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस फीचर केवल मंथली सब्सक्रिप्शन मॉडल में ही उपलब्ध होगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब टेस्ला (Tesla) की ड्राइविंग टेक्नोलॉजी रेगुलेटर्स की कड़ी निगरानी में है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।






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अब कैसे मिलेगा टेस्ला का FSD?
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि टेस्ला (Tesla) 14 फरवरी के बाद FSD की बिक्री बंद कर देगा। इसके बाद FSD केवल मंथली सब्सक्रिप्शन के रूप में ही मिलेगा।
अभी क्या विकल्प हैं?
अमेरिका में टेस्ला (Tesla) ग्राहक फिलहाल 8,000 डॉलर (करीब 6.6 लाख) देकर FSD एक बार में खरीद सकते हैं या फिर 99 प्रति माह का सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं, लेकिन 14 फरवरी के बाद सिर्फ सब्सक्रिप्शन का ही विकल्प बचेगा।
आखिर फुल सेल्फ ड्राइविंग करता क्या है?
नाम भले ही फुल सेल्फ ड्राइविंग (Full Self-Driving) हो, लेकिन टेस्ला (Tesla) खुद साफ करता है कि यह सिस्टम पूरी तरह से ऑटोनॉमस नहीं है। ड्राइवर को हर समय सतर्क और कंट्रोल लेने के लिए तैयार रहना जरूरी है।
FSD के मुख्य फीचर्स
फुल सेल्फ ड्राइविंग (Full Self-Driving) ऑटोमैटिक लेन चेंज करने में सक्षम है।ये शहर की सड़कों पर नेविगेशन, ट्रैफिक लाइट और स्टॉप साइन पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। वहीं, टेस्ला (Tesla) का दूसरा सिस्टम ऑटोपायलेट (Autopilot) मोड है। ये मुख्य रूप से हाईवे ड्राइविंग में मदद करता है। स्टीयरिंग, ब्रेकिंग और एक्सीलरेशन को कंट्रोल करता है।
सेफ्टी को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
टेस्ला (Tesla) के इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह सुरक्षा को लेकर बढ़ती जांच है। अमेरिका की NHTSA (नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन) ने करीब 28.8 लाख टेस्ला (Tesla) कारों की जांच शुरू की है।
FSD के इस्तेमाल से जुड़ी है वजह
अब तक 50 से ज्यादा सेफ्टी वॉयलेशन रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। कई दुर्घटनाएं रेगुलेटर्स यह जांच कर रहे हैं कि कहीं सिस्टम ड्राइवरों को गलत भरोसा तो नहीं दे रहा।
टेस्ला ने नाम में क्यों जोड़ा सुपरवाइज्ड?
लगातार आलोचना और जांच के बाद टेस्ला (Tesla) ने अपने पैसेंजर व्हीकल्स में इसे फुल सेल्फ-ड्राइविंग (Full Self-Driving-Supervised) कहना शुरू कर दिया।इसका मकसद साफ करना है कि यह तकनीक ड्राइवर की जगह नहीं लेती है। इंसान का हस्तक्षेप हर हाल में जरूरी है।

लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक
अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर ऑटो सेक्शन से जुड़े हुए हैं। सर्वेश्वर को पत्रकारिता में 7 साल से ज्यादा का अनुभव है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों व एनालिसिस में उन्हें गहरी समझ और अनुभव है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय (हरिद्वार) से पत्रकारिता में मास्टर के बाद इन्होंने साल 2019 में ईटीवी भारत से पत्रकारिता जगत में अपना कदम रखा। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी के साथ काम किया। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर लेखन के साथ-साथ बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान इन्होंने गोंदिया (महाराष्ट्र) में 2 महीने से ज्यादा समय तक सोशल वेलफेयर के लिए काम किया। इस दौरान उन्होंने कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और स्कूल के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। सर्वेश्वर को बचपन से क्रिकेट खेलना और डांस पसंद है।
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