E20, E22, E25... इथेनॉल-ब्लेंड पेट्रोल पर नहीं लगेगी एक्साइज ड्यूटी, लेकिन कार-बाइक पर क्या होगा असर?
सरकार ज्यादा इथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ट्रांसपोर्ट ईकोसिस्टम बनाना चाहती है। सरकार हाइब्रिड-फ्यूल गाड़ियों को अपनाने की स्पीड बढ़ाने के लिए पॉलिसी उपायों पर विचार कर रही है। साल के आखिर तक यह फ्यूल 500 पंपों पर उपलब्ध होगा।

केंद्र सरकार पेट्रोल पर निर्भरता कम करने इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार ने E22, E25, E27 और E30 जैसे कई वैरिएंट पर एक्साइज ड्यूटी माफ कर दी है। इसका मतलब है कि 22%, 25%, 27% और 30% इथेनॉल ब्लेंड वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 'जीरो' होगी। इस छूट का मकसद ग्राहकों को इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल की तरफ बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। हाल ही के दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7.5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी भी हो चुकी है।
मार्च में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी, जिससे सालाना 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के रेवेन्यू का नुकसान हुआ। इसका मकसद घरेलू ग्राहकों को ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी से राहत दिलाना था। हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E85 या 85% इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल को लॉन्च भी किया है। जैसे-जैसे सरकार इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल को बढ़ावा दे रही है, घरेलू ग्राहकों के मन में कुछ सवाल भी आने लगे हैं। खासकर क्या ब्लेंडेड पेट्रोल का गाड़ी के इंजन की कैपेसिटी पर भी असर पड़ेगा। इन्ही बातों को इस खबर में समझते हैं।
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1. E22, E25, E27 और E30 क्या है?
E22 का मतलब 22% इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल है। वॉल्यूम के हिसाब से E22 में 78% पेट्रोल होता है, जिस पर उचित एक्साइज ड्यूटी चुकाई गई है। जबकि, 22% इथेनॉल पर केंद्र, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश या इंटीग्रेटेड टैक्स लगते हैं। इसी तरह, E25, E27 और E30 में वॉल्यूम के हिसाब से क्रमशः 25%, 27% और 30% इथेनॉल होता है। 20 मई को सरकार ने E22, E25, E27 और E30 फ्यूल ब्लेंड के लिए नियम नोटिफाई किए।
अपने नोटिफिकेशन में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने पॉजिटिव इग्निशन इंजन-पावर्ड गाड़ियों में इस्तेमाल के लिए एनहाइड्रस इथेनॉल या इथेनॉल को पेट्रोल के साथ मिलाकर बनाए गए फ्यूल ब्लेंड के लिए स्पेसिफिकेशन तय किए। यह ध्यान रखना जरूरी है कि मंत्रालय ने E22 से E30 ब्लेंड को नोटिफाई तो किया है, लेकिन अभी तक उन्हें रिटेल बिक्री के लिए लॉन्च नहीं किया है। इसमें थोड़ा सा वक्त लग सकता है।
2. अभी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला फ्यूल ब्लेंड कौन सा है?
भारत में फ्यूल पंप पर E20 (यानी 20% इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल) सबसे ज्यादा मिलता है, क्योंकि 1 अप्रैल 2026 से इसका इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले, 2022 तक E10 ही स्टैंडर्ड था। 2021 में नीति आयोग ने भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग 2020-25 के लिए रोडमैप जारी किया, जिसमें E20 की डेडलाइन को 2030 से घटाकर 2025 कर दिया गया।
2023 में पीएम मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक में E20 फ्यूल लॉन्च किया और इसे 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 84 पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराया। अप्रैल 2023 से बेचे जाने वाले सभी व्हीकल के लिए E20-कम्पलायंट होना अनिवार्य कर दिया गया। अगस्त 2025 में सरकार ने बताया कि OMCs ने जुलाई 2025 में औसतन 19.93% इथेनॉल ब्लेंडिंग हासिल कर ली थी, जो उनके लक्ष्य से लगभग 6 महीने पहले था।
3. कितने व्हीकल E20-कम्पलायंट हैं?
ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के वाहन डैशबोर्ड से मिले व्हीकल रजिस्ट्रेशन डेटा के मिंट एनालिसिस से पता चलता है कि 2025 में रजिस्टर्ड पेट्रोल पैसेंजर वाहनों और दोपहिया वाहनों में से 30% से भी कम इथेनॉल-कम्पलायंट थे। 2025 में रजिस्टर्ड कुल 30.36 लाख वाहनों में से लगभग 9 लाख पैसेंजर वाहन इथेनॉल-कम्पलायंट थे। इसी तरह, 2025 में रजिस्टर्ड 13.76 करोड़ टू-व्हीलर्स में से केवल 50.2 लाख ही E20 ब्लेंड के अनुकूल थे।
हालांकि, यह डेटा सिर्फ 2025 का है, जब बेचे गए ज्यादातर वाहनों में पहले से ही E20-रेडी इंजन लगे हुए थे। पिछले 15 सालों के वाहन रजिस्ट्रेशन डेटा के आधार पर और यह मानकर कि ये वाहन अभी भी सड़कों पर चल रहे हैं। इथेनॉल-कम्पलायंट वाहन कुल पैसेंजर वाहनों और दोपहिया वाहनों का केवल 3% हिस्सा हैं।
4. ब्लेंडेड फ्यूल का गाड़ी के माइलेज पर क्या असर पड़ता है?
लोकलसर्कल्स के एक सर्वे के अनुसार, ब्लेंडेड फ्यूल का इस्तेमाल करने वाले वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। सर्वे में शामिल 24,710 लोगों में से आधे लोगों ने बताया कि पिछले 9 महीनों में फ्यूल एफिशिएंसी कम हुई है। कुछ ने तो यह भी कहा कि माइलेज में 20% तक की कमी आई है। सर्वे में यह भी पता चला कि 2022 से पहले कार खरीदने वाले हर तीन में से लगभग एक कार मालिक को पिछले 9 महीनों में गाड़ी में असामान्य टूट-फूट या मरम्मत की जरूरत का सामना करना पड़ा।
ज्यादातर कार ओनर्स को इंजन, फ्यूल लाइन, टैंक, कार्बोरेटर आदि से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। लोगों की बढ़ती चिंता के बावजूद, सरकार और ज्यादा इथेनॉल ब्लेंड की तरफ बढ़ने के अपने फैसले पर अडिग है। पॉलिसी मेकर्स इस ब्लेंडिंग प्रोग्राम को भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, गाड़ियों से होने वाले उत्सर्जन को घटाने और गन्ना व अनाज से इथेनॉल बनाने वाले कृषि सेक्टर को समर्थन देने के लिए एक अहम रणनीति मानते हैं।
5. E85 क्या है? ब्लेंडेड पेट्रोल की कीमत क्या है?
मंत्री पुरी ने 5 जून को नई दिल्ली में इंडियन ऑयल कॉर्प के एक आउटलेट पर E85 फ्यूल लॉन्च किया और कहा कि शुरुआत में इसे देश भर के 50 फ्यूल स्टेशनों पर बेचा जाएगा। मंत्री ने कहा कि सबसे अहम बात यह है कि E85 फ्यूल की कीमत E20 ब्लेंड से 20 रुपए कम होगी। नीचे दी गई टेबल में दिखाया गया है कि अभी दिल्ली में हर वैरिएंट की कीमत क्या है।
| फ्यूल ब्लेंड | इथेनॉल शेयर (वॉल्यूम) | रिटेल प्राइस दिल्ली (प्रति लीटर) |
|---|---|---|
| E20 | 20% | 102.12 रुपए |
| E22 | 22% | रिटेल लॉन्च का इंतजार |
| E25 | 25% | रिटेल लॉन्च का इंतजार |
| E27 | 27% | रिटेल लॉन्च का इंतजार |
| E30 | 30% | रिटेल लॉन्च का इंतजार |
| E85 | 85% | 82.12 रुपए |
क्या E22 से E30 ब्लेंड मौजूदा E20 ब्लेंड से सस्ते होंगे, यह तब साफ होगा जब सरकार और OMCs इन वैरिएंट्स को आधिकारिक तौर पर रिटेल के लिए लॉन्च करेंगे। इस महीने की शुरुआत में पुरी ने हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड की मोटरसाइकिल और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की वैगनआर हैचबैक के नए E85-कम्पैटिबल वैरिएंट्स पेश किए। जिससे पता चलता है कि सरकार ज्यादा इथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ट्रांसपोर्ट ईकोसिस्टम बनाना चाहती है। सरकार हाइब्रिड-फ्यूल गाड़ियों को अपनाने की स्पीड बढ़ाने के लिए पॉलिसी उपायों पर विचार कर रही है। साल के आखिर तक यह फ्यूल 500 पंपों पर उपलब्ध होगा।
लेखक के बारे में
Narendra Jijhontiyaनरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।
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