ADAS फीचर वाली कार खरीदने से पहले जान लो कोर्ट का फैसला, वरना जेल और जुर्माना दोनों हो जाएंगे!
चीन का ऑटोमोबाइल मार्केट काफी इनोवेटिव माना जाता है। यहां पर बैटरी के साथ कार में मिलने वाली टेक्नोलॉजी भी बेहद शानदार हैं। हालांकि, इन्हें टेक्नोनॉजी की वजह से की बार संकट भी खड़ा हो जाता है। दरअसल, चीन के सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट (SPC) ने एक अहम मामले में फैसला सुनाया है।

चीन का ऑटोमोबाइल मार्केट काफी इनोवेटिव माना जाता है। यहां पर बैटरी के साथ कार में मिलने वाली टेक्नोलॉजी भी बेहद शानदार हैं। हालांकि, इन्हें टेक्नोनॉजी की वजह से की बार संकट भी खड़ा हो जाता है। दरअसल, चीन के सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट (SPC) ने एक अहम मामले में फैसला सुनाया है कि गाड़ी चलाते समय सभी नतीजों के लिए ह्यूमन ड्राइवर ही जिम्मेदार होगा। यह फैसला उन कारों पर लागू होता है जिनमें L1 या L2 ADAS सिस्टम लगे होते हैं। कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि ह्यूमन ड्राइवर ही प्राइमरी ऑपरेटर है। कानून के तहत ADAS सिस्टम को रिप्लेसमेंट नहीं माना जा सकता।






ADAS डिपेंडेंसी के लिए चीट डिवाइस का यूज
चीन के टॉप कोर्ट का यह फैसला उन कई मामलों का जवाब है जहां यूजर्स ADAS सिस्टम का गलत इस्तेमाल करते पाए गए थे। ऐसे ही एक सनसनीखेज मामले में झेजियांग प्रांत में एक नशे में धुत ड्राइवर ने कार के ADAS सिस्टम को पूरा कंट्रोल दे दिया था। उसने एक आफ्टरमार्केट चीटिंग डिवाइस का इस्तेमाल किया था जिसने ADAS सिस्टम को यह यकीन दिला दिया कि ड्राइवर का हाथ स्टीयरिंग व्हील पर है। आखिरकार कार सड़क के बीच में रुक गई, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया। ड्राइवर पैसेंजर सीट पर सोता हुआ पाया गया।
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कोर्ट के फैसले के मुताबिक, ड्राइवर को इस गलती के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। उस पर खतरनाक ड्राइविंग का आरोप लगाया गया और उसे एक महीने से ज्यादा हिरासत में रखने की सजा सुनाई गई। ड्राइवर पर जुर्माना भी लगाया गया। यह फैसला ADAS सिस्टम पर बहुत ज्यादा डिपेंडेंसी और गलत इस्तेमाल के खिलाफ एक बड़े सुरक्षा अभियान के तहत, ऐसे ही दूसरे सभी मामलों पर भी लागू होता है।
ऐसे मामले सामने आए हैं जहां ADAS फीचर एक्टिवेट करने के बाद भी ड्राइवर अपने फोन में बिजी था। कोर्ट के फैसले में ऐसी घटनाएं भी शामिल हैं जहां ड्राइवर सड़क पर नजर रखने में नाकाम रहा हो। अगर ड्राइवर ADAS सिस्टम को धोखा देने के लिए चीट डिवाइस का इस्तेमाल करता हुआ पाया गया तो कानूनी नतीजे और भी गंभीर हो सकते हैं। यह फैसला ADAS सिस्टम को पूरी तरह से ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम समझने से भी रोकने में मदद करेगा।
चीन में सेफ्टी के लिए हो रहे कई बदलाव
चीन की टॉप कोर्ट का फैसला ऐसे समय में आया है जब सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए कई दूसरे फैसले लिए गए हैं। उदाहरण के लिए, रिट्रैक्टेबल डोर के हैंडल और योक स्टीयरिंग व्हील पर बैन लगा दिया गया है। इसी तरह, NCAP प्रोटोकॉल को फिजिकल बटन के पक्ष में बदला जा रहा है। कोर्ट का फैसला उन संदिग्ध मार्केटिंग स्ट्रेटेजी पर भी रोक लगाएगा, जहां ADAS सिस्टम को 'सेल्फ-ड्राइविंग' के तौर पर पेश किया जा रहा है। ऐसे तरीकों से गलत इम्प्रेशन बन सकता है और ADAS सिस्टम पर बहुत ज्यादा डिपेंडेंस या गलत इस्तेमाल हो सकता है।
L1,L2, L4, L5 के लिए अलग-अलग नियम
कानूनी नतीजों के लिए इंसानी ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराने के साथ, L1/L2 ADAS सिस्टम और L3/L4/L5 गाड़ियों के बीच एक साफ सेफ्टी बैरियर बनाया गया है। चीन में L3 गाड़ियों के मामले में ड्राइवर खास हालात में कानूनी तौर पर सड़क से अपनी नजरें हटा सकता है। हालांकि, अगर एक्सीडेंट के समय गाड़ी उन्हीं की थी, तो उन्हें फिर भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। अगर सिस्टम खुद किसी तरह से फेल हो गया है, तो आमतौर पर मैन्युफैक्चरर ही जिम्मेदार होगा।
L4-L5 गाड़ियों के लिए नियम बिल्कुल अलग हैं, जो सच में ड्राइवरलेस हैं। अगर कुछ बुरा होता है, तो जिम्मेदारी फ्लीट ऑपरेटर या मैन्युफैक्चरर की होती है। चीन का टॉप कोर्ट का फैसला ADAS सिस्टम पर बहुत ज्यादा डिपेंडेंस और गलत इस्तेमाल को रोकने में असरदार लगता है। इससे पूरी तरह से ऑटोनॉमस टेक के फ्यूचर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
लेखक के बारे में
Narendra Jijhontiyaनरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता पूरी की। अपने 18 साल के लंबे करियर के दौरान जी 24 घंटे छत्तीसगढ़, बंसल न्यूज, दैनिक भास्कर डिजिटल समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड और लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। उन्हें क्रिकेट, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।
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