पैसे लेकर ग्राहक को 13 साल तक नहीं दी कार, अब देना होगा ₹32 लाख; कोर्ट ने महिंद्रा को सिखाया सबक!
आजकल ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां ग्राहकों को गाड़ी खरीदने के बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला 13 साल पुराना मामला पुडुचेरी से सामने आया है।

आजकल ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां ग्राहकों को गाड़ी खरीदने के बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला पुडुचेरी से सामने आया है। यहां एक महिंद्रा डीलर द्वारा ग्राहक को कार न देने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कंज्यूमर कोर्ट ने डीलर और कंपनी को ग्राहक की पूरी रकम 8.71 लाख लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही कंपनी को 13 साल से अधिक समय के लिए 12 पर्सेंट ब्याज भी देना होगा। यानी यह अब बढ़कर 30 लाख रुपये से ज्यादा हो चुकी है। इसके अलावा, कोर्ट ने डीलर और कंपनी पर 2 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया है। इससे यह कुल रकम 32 लाख रुपये से अधिक हो गई है।
एक दशक से भी पुराना है मामला
इसकी शुरुआत साल 2013 में हुई थी। cartoq में छपी एक खबर के अनुसार, सी. उन्नीकृष्णन नाम के एक ग्राहक ने महिंद्रा डीलर 'राजाराम एंड संस' से महिंद्रा XUV500 का W6 वैरिएंट बुक किया था। बुकिंग के समय उन्होंने 40,000 रुपये एडवांस दिए। बाकी के 8,69,200 रुपये बैंक लोन के जरिए सीधे डीलर के खाते में 28 अक्टूबर, 2013 को ट्रांसफर कर दिए गए। पूरा भुगतान मिलने के बाद डीलर ने स्टॉक की कमी का बहाना बनाकर एक हफ्ते में डिलीवरी का वादा किया, लेकिन गाड़ी कभी नहीं दी। परेशान होकर ग्राहक 2015 में जिला कंज्यूमर फोरम पहुंचे। कंज्यूमर फोरम ने डीलर को 6 पर्सेंट ब्याज के साथ रकम लौटाने और 60,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
मिलती जुलती गाड़ियाँ
और गाड़ियां देखें
Tata Safari
₹ 13.29 - 26.4 लाख
Hyundai Alcazar
₹ 14.99 - 21.74 लाख
MG Hector Plus
₹ 17.49 - 19.69 लाख
Force Motors Gurkha
₹ 16.75 - 18 लाख
Hyundai Creta
₹ 10.91 - 20.11 लाख
Toyota Innova Crysta
₹ 19.72 - 26.77 लाख
क्या थी कोर्ट से ग्राहक की मांग
जिला फोरम के इस फैसले से उन्नीकृष्णन संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने स्टेट कंज्यूमर कमीशन का रुख किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कुल 9,36,200 रुपये का भुगतान किया था। उन्हें 24 पर्सेंट ब्याज और 2 लाख रुपये अतिरिक्त मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी दलील दी कि पिछले आदेश में उस 2 लाख रुपये के खर्च को नजरअंदाज कर दिया गया। यह उन्होंने बैंक द्वारा कार लोन न चुकाने पर किए गए मुकदमे के बचाव में खर्च किए थे। दूसरी तरफ, डीलर ने कोर्ट में कुतर्क दिया कि ग्राहक ने गाड़ी का सौदा बिजनेस के लिए किया था, इसलिए वह उपभोक्ता की श्रेणी में नहीं आते।
डीलर और कंपनी की दलीलें
महिंद्रा के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि ग्राहक ने गाड़ी में किसी मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट या सेवा में कमी का आरोप नहीं लगाया है। हालांकि, पीठासीन सदस्य एस. सुंदरवडीवेलु और सदस्य एस. उमासंगेरी की पीठ ने डीलर की दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। कमीशन ने कहा कि जब गाड़ी की डिलीवरी ही नहीं हुई, तो ग्राहक उसका व्यावसायिक इस्तेमाल कैसे कर सकता था। इसलिए वह कानूनन एक उपभोक्ता ही हैं। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पैसा आखिरकार महिंद्रा तक पहुंचा था। साथ ही कंपनी को पता था कि ग्राहक गाड़ी का इंतजार कर रहा है, फिर भी डिलीवरी नहीं दी गई। डीलर भी दोषी था क्योंकि उसने बुकिंग के 8 महीने बाद ऑर्डर पंच किया था।
फाइनली आया कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए राज्य आयोग ने स्पष्ट किया कि जब कंपनी खुद मामले में पक्षकार हो, तो केवल एजेंट को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने महिंद्रा को आदेश दिया कि वह 2 अप्रैल, 2015 से पूरी रकम के भुगतान होने तक 8,71,200 रुपये पर 12 पर्सेंट सालाना ब्याज के साथ रिफंड करे। इसके अलावा, महिंद्रा को 1,50,000 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये अदालती खर्च देने को कहा गया। जबकि डीलर को अलग से 50,000 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया। रिफंड और ब्याज को छोड़कर बाकी सभी भुगतानों को 30 दिनों के भीतर करना होगा। ऐसा न करने पर 8 पर्सेंट का अतिरिक्त ब्याज लगाया जाएगा।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumarदेश-दुनिया की खबरों में रुचि पत्रकारिता में खींच लाई। IIMC, नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में ‘लाइव हिंदुस्तान’ से हुई। बीते करीब 4 सालों से आशुतोष बिजनेस और ऑटो सेक्शन में काम कर रहे हैं। राजनीति, बिजनेस और धर्म में खास रुचि है। लाइव हिंदुस्तान में बिजनेस, टेक, ऑटो, स्पोर्ट्स, एस्ट्रोलॉजी, करियर और न्यूज सेक्शन में लगातार काम करने का अनुभव है। लाइव हिंदुस्तान के लिए बिहार चुनाव 2025 का ग्राउंड पर जाकर पूरा वीडियो कवरेज किया है। बड़े नेताओं और लेखकों के साथ 50 से ज्यादा इंटरव्यू लेने का अनुभव भी रखते हैं। आशुतोष को उनकी रिपोर्टिंग के लिए संस्थान की ओर से प्रतिष्ठित ‘Digi journo of the Quarter’ अवार्ड भी मिल चुका है।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


