SUV खरीदकर सालों तक पछताया ग्राहक, कोर्ट ने दिलाई राहत; अब मिलेंगे ₹28 लाख; ये है मामला
आखिरकार एक कार ग्राहक को 15 साल बाद इंसाफ मिला। हाल ही में कोर्ट ने कार कंपनी निसान को आदेश दिया है कि वो फौरन ग्राहक को ₹28 लाख लौटाए। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

लग्जरी SUV खरीदने वाले एक ग्राहक को आखिरकार करीब 15 साल बाद न्याय मिला। देश की शीर्ष उपभोक्ता अदालत राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (National Consumer Disputes Redressal Commission) ने जापानी ऑटो कंपनी निसान (Nissan Motor India) और उसके डीलर EVM ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड को आदेश दिया है कि वे ग्राहक को ₹28 लाख की पूरी राशि वापस करें। यह मामला एक प्रीमियम SUV निसान एक्स-ट्रेल (Nissan X-Trail) से जुड़ा है, जिसमें खरीद के कुछ ही समय बाद गंभीर इंजन खराबी सामने आ गई थी।






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खरीद के 6 दिन बाद ही बंद हो गई SUV
यह मामला केरल के कोट्टायम निवासी जेसन लुकोस से जुड़ा है। उन्होंने जून 2011 में नई निसान एक्स-ट्रेल (Nissan X-Trail) खरीदी थी। उस समय यह SUV पूरी तरह से आयात (CBU) होकर भारत आती थी और इसकी कीमत करीब ₹28 लाख थी। लेकिन, कार खरीदने के सिर्फ 6 दिन बाद, जब ओडोमीटर पर केवल 780 किलोमीटर ही चले थे, तब SUV अचानक बंद हो गई। कार को तुरंत अधिकृत सर्विस सेंटर ले जाया गया, जहां उसे उसी दिन वापस दे दिया गया, लेकिन असली समस्या खत्म नहीं हुई।
बार-बार सर्विस के बाद भी नहीं ठीक हुई समस्या
ग्राहक के मुताबिक, SUV में लगातार कई दिक्कतें आती रहीं। जैसे कि इंजन से असामान्य आवाज और बार-बार खराब होना। इसके अलावा ग्राहक को बार-बार सर्विस सेंटर जाना पड़ा। आखिरकार 27 सितंबर 2011 को SUV पूरी तरह से खराब हो गई, जब कार केवल 11,922 किलोमीटर चली थी। इसके बाद यह कार चलाने लायक ही नहीं रही।
कंपनी ने लगाया गलत डीजल का आरोप
जब ग्राहक ने शिकायत की, तो कंपनी और डीलर ने दावा किया कि इंजन खराब होने की वजह मिलावटी डीजल (केरोसिन मिला ईंधन) था। कंपनी का कहना था कि ईंधन की वजह से इंजन और फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम खराब हुआ है। हालांकि, उन्होंने वारंटी के तहत इंजन बदलने की पेशकश भी की। लेकिन, ग्राहक इस बात से संतुष्ट नहीं हुआ और मामला अदालत में पहुंच गया।
तकनीकी जांच में सामने आया असली कारण
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्वतंत्र तकनीकी जांच करवाई। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि इंजन खराबी का कारण मिलावटी ईंधन नहीं था। SUV में डिजाइन से जुड़ी तकनीकी खामी थी। यही इंजन के समय से पहले फेल होने का कारण बना। इसके बाद केरल राज्य उपभोक्ता आयोग ने 2021 में ग्राहक के पक्ष में फैसला दिया।
राष्ट्रीय आयोग का अंतिम फैसला
इस फैसले के खिलाफ कंपनी ने अपील की, लेकिन अंततः NCDRC (National Consumer Disputes Redressal Commission) ने भी माना कि यह सेवा में गंभीर कमी (Deficiency in Service) का मामला है। अदालत ने आदेश दिया कि निसान (Nissan Motor India) और EVM ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड (Automobiles Private Limited) दोनों मिलकर ग्राहक को ₹28 लाख वापस करें। यह राशि दो महीने के भीतर लौटानी होगी। अगर तय समय में भुगतान नहीं किया गया, तो कुल रकम पर 9% ब्याज भी देना होगा।
यह फैसला उन ग्राहकों के लिए बड़ा संदेश है, जो नई कार में तकनीकी खराबी का सामना करते हैं। अदालत ने साफ किया कि अगर किसी महंगी कार में निर्माण से जुड़ी खामी साबित हो जाती है, तो कंपनी और डीलर दोनों जिम्मेदार होंगे और ग्राहक को उसका पैसा वापस मिल सकता है। हालांकि, यह मामला यह भी दिखाता है कि ऐसे मामलों में न्याय पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई और धैर्य की जरूरत होती है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
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नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।
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