कार की सीट के नीचे मिलेगा टॉयलेट, महिलाओं की परेशानी खत्म करेगी ये नई टेक्नोलॉजी; ऐसे होगा यूज
कंपनी ने 'गाड़ी के अंदर टॉयलेट और गाड़ी' के लिए इस पेटेंट का आवेदन पिछले साल अप्रैल में किया था। अब एक साल के बाद इस पेटेंट को इसी महीने यानी अप्रैल 2026 में मंजूरी मिल गई है। ऐसे में हो सकता है कि किसी इलेक्ट्रिक कार के अंदर इस पेटेंट का इस्तेमाल भी किया जाए।

कार से ट्रैवल के दौरान की बार टॉयलेट के लिए लोगों को परेशान होने पड़ता है। खासकर, महिलाओं के लिए ये बड़ी समस्या होती है। ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग पेट्रोल पंप को ढूंढकर टॉयलेट इस्तेमाल करते है। हालांकि, अब इसका समाधान एक चीनी कंपनी करने वाली है। दरअसल, हवाई जहाज, अंतरिक्ष यान, पनडुब्बी, क्रेन के केबिन, बस और छोटे अपार्टमेंट जैसी तंग जगहों में भी टॉयलेट होता है। इसी को आधार बनाकर चीनी कार कंपनी सेरिस (Seres) ने कार के अंदर टॉयलेट के डिजाइन का पेटेंट कराया है।






कंपनी ने 'गाड़ी के अंदर टॉयलेट और गाड़ी' के लिए इस पेटेंट का आवेदन पिछले साल अप्रैल में किया था। अब एक साल के बाद इस पेटेंट को इसी महीने यानी अप्रैल 2026 में मंजूरी मिल गई है। ऐसे में हो सकता है कि किसी इलेक्ट्रिक कार के अंदर इस पेटेंट का इस्तेमाल भी किया जाए। हालांकि, गाड़ी के अंदर इस टॉयलेट को चालू करने के लिए शायद मुश्किल सिस्टम लगाने पड़ सकता है। फिर भी इस्तेमाल करने वाले के नजरिए से इसे संभालना काफी आसान होगा। चलिए इसके बारे में डिटेल से जानते हैं।
मिलती जुलती गाड़ियाँ
और गाड़ियां देखें

VinFast VF7
₹ 21.89 - 26.79 लाख

ऑफ़र समाप्त हो रहे हैं

Matter Aera
₹ 1.83 - 1.94 लाख

ऑफ़र समाप्त हो रहे हैं

Honda SP 125
₹ 87,878 - 95,465

ऑफ़र समाप्त हो रहे हैं

Royal Enfield Classic 350
₹ 1.83 - 2.18 लाख

ऑफ़र समाप्त हो रहे हैं
इस तरह इस्तेमाल होगा टॉयलेट
इसके पेटेंट के फोटोज में देखा जा सकता है कि गाड़ी के अंदर का यह टॉयलेट कार की सीट के नीचे लगा है। इसमें एक स्लाइडिंग रेल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो कुछ हद तक वैसा ही है जैसा दराज में देखने को मिलता है। इस्तेमाल नहीं होने पर गाड़ी के अंदर का यह टॉयलेट सीट के नीचे छिपा रहता है। जब इसे इस्तेमाल करना होता है, तो इसे दराज की तरह बाहर खींचा जा सकता है। इससे यह पक्का होता है कि गाड़ी के अंदर का यह टॉयलेट केबिन की जगह न घेरे और गाड़ी के इस्तेमाल के दौरान इसके लुक पर असर नहीं पड़े।
हालांकि, इससे जुड़ी दूसरी डिटेल सामने नहीं दी गई हैं। ऐसा हो सकता है कि गाड़ी के अंदर इस टॉयलेट को इस्तेमाल लायक बनाने के लिए एक सक्शन-टाइप मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया जाए। इससे गाड़ी के साथ ले जाने वाले पानी की मात्रा कम हो जाएगी, जिससे यह टॉयलेट इस्तेमाल के लिए सही रहेगा। एक EV में इलेक्ट्रिक मोटर के जरिए तेज सक्शन बनाने के लिए बिजली लेना बड़ी चुनौती भी नहीं होनी चाहिए।
कार में टॉयलेट के कई फायदे
>> पेटेंट की मंजूरी मिलने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि वह प्रोडक्ट, सिस्टम या टेक्नोलॉजी प्रोडक्शन के स्टेज तक पहुंच जाएगी। इस तरह के नए इनोवेशन की कमर्शियल सफलता का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। गाड़ी के अंदर इस टॉयलेट के मामले में इसके कई इस्तेमाल हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, यह सिस्टम लंबी यात्राओं के दौरान काम आ सकता है, खासकर तब जब रास्ते में टॉयलेट की सुविधा कम हो।
>> गाड़ी के अंदर का टॉयलेट इमरजंसी स्थिति से निपटने में भी काम आ सकता है। जैसे कि किसी बड़े ट्रैफिक जाम में फंस जाना। इस तरह के टॉयलेट कमर्शियल गाड़ियों में भी लगाए जा सकते हैं, जिससे डिलीवरी करने वाले लोगों को बहुत जरूरी राहत मिल सकती है। IBS जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी गाड़ी के अंदर बना यह टॉयलेट काफी काम का लगेगा।
टॉयलेट से जुड़ी कई चिंताएं
गाड़ी के अंदर बने इस टॉयलेट के कई व्यावहारिक फायदे हो सकते हैं, लेकिन हो सकता है कि हर कोई इसे इस्तेमाल करने को तैयार ना हो। सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना करने वाले लोग उन मुश्किलों की तरफ इशारा कर रहे हैं, जैसे कि दूसरे यात्रियों की मौजूदगी में टॉयलेट का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। इसके अलावा, बदबू और साफ-सफाई जैसे दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। कचरे को ठिकाने लगाने का काम भी ऐसा है, जिसे करने में शायद बहुत से लोग सहज महसूस ना करें। साथ ही, इस तरह के सिस्टम के मेंटेनेंस से जुड़ी समस्याएं भी रहेंगी।
लेखक के बारे में
Narendra Jijhontiyaनरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


