अब गाड़ी का रियल माइलेज बताना होगा बेहद जरूरी! सरकार ला रही ये नया नियम, AC ऑन करके भी होगी फ्यूल टेस्टिंग
अब कार कंपनियों को गाड़ी का रियल माइलेज बताना बेहद जरूरी होगा। जी हां, क्योंकि सरकार ऐसा प्रपोजल ला रही है, जिसके बाद सभी कंपनियों को ACऑन करके भी फ्यूल इकॉनमी टेस्टिंग करनी होगी। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

अगर आप भी कार खरीदते समय कंपनी द्वारा बताई गई माइलेज देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन सड़क पर चलाने के बाद निराश होते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार अब इस बड़े फर्क को खत्म करने की तैयारी में है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत अब कारों की माइलेज टेस्टिंग AC ऑन और AC ऑफ दोनों हालात में करना अनिवार्य होगा। यह नियम 1 अक्टूबर 2026 से भारत में बनने या आयात होने वाली सभी पैसेंजर कारों पर लागू होगा। इसमें पेट्रोल, डीजल, CNG और इलेक्ट्रिक कारें सभी शामिल होंगी।






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अभी क्या होता है?
फिलहाल, कार कंपनियां माइलेज टेस्ट बिना AC चालू किए करती हैं। कंपनियों का कहना है कि यह यूरोपियन टेस्टिंग स्टैंडर्ड के अनुसार होता है, लेकिन सच्चाई यह है कि भारतीय मौसम में AC के बिना गाड़ी चलाना लगभग नामुमकिन है। इसी वजह से कंपनी की बताई माइलेज और असली सड़क पर मिलने वाली माइलेज, इन दोनों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
नए नियम से क्या बदलेगा?
नए नियम लागू होने के बाद हर कार की AC ऑन और AC ऑफ – दोनों माइलेज बताई जाएगी। यह जानकारी कार के ओनर मैनुअल और कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर देना जरूरी होगा। इससे ग्राहक को पहले ही पता चल जाएगा कि AC चलाने पर माइलेज कितनी घटेगी और रियल लाइफ में गाड़ी कितनी किफायती है।
इलेक्ट्रिक कारों के लिए भी नियम
यह नियम सिर्फ पेट्रोल-डीजल कारों तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रिक कारों की रेंज भी AC ऑन और AC ऑफ दोनों कंडीशन में बतानी होगी, जिससे EV खरीदने वालों को भी ज्यादा सटीक जानकारी मिलेगी।
AIS-213 स्टैंडर्ड क्या है?
सरकार इस टेस्टिंग के लिए AIS-213 स्टैंडर्ड लागू करेगी। इसमें AC चलने से होने वाला अतिरिक्त फ्यूल खर्च और उससे जुड़ा प्रदूषण दोनों को मापा जाएगा। इससे कार की असली परफॉर्मेंस सामने आएगी।
ग्राहक को क्या फायदा?
माइलेज को लेकर भ्रम खत्म होगा, खरीदारी के समय बेहतर तुलना कर पाएंगे। कागजी माइलेज और असली माइलेज का फर्क समझ आएगा। इससे ज्यादा पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा।
सरकार का यह कदम ग्राहकों के हित में एक बड़ा और जरूरी बदलाव माना जा रहा है। अगर यह नियम सही तरीके से लागू होता है, तो आने वाले समय में कार खरीदना ज्यादा समझदारी भरा फैसला बन जाएगा। अब सवाल सिर्फ यही है क्या 2026 के बाद माइलेज को लेकर लोगों की शिकायतें कम होंगी?
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक
अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर ऑटो सेक्शन से जुड़े हुए हैं। सर्वेश्वर को पत्रकारिता में 7 साल से ज्यादा का अनुभव है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों व एनालिसिस में उन्हें गहरी समझ और अनुभव है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय (हरिद्वार) से पत्रकारिता में मास्टर के बाद इन्होंने साल 2019 में ईटीवी भारत से पत्रकारिता जगत में अपना कदम रखा। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी के साथ काम किया। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर लेखन के साथ-साथ बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान इन्होंने गोंदिया (महाराष्ट्र) में 2 महीने से ज्यादा समय तक सोशल वेलफेयर के लिए काम किया। इस दौरान उन्होंने कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और स्कूल के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। सर्वेश्वर को बचपन से क्रिकेट खेलना और डांस पसंद है।
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