कोहरे का कहर! देशभर में हो रहे कार एक्सीडेंट, लोगों की गलतियों बनीं 'जान पर आफत'; जान लो सेफ्टी टिप्स
कोहरा का बड़ा असर कार चलाने वालों पर होता है। ड्राइविंग से जुड़ी कई तरह की प्रॉब्लम भी फेस करना पड़ती हैं। जैसे, कार की विंडशील्ड पर भाप जमना। घने कोहरे में कार ड्राइव करना। इतना ही नहीं, ड्राइविंग से जुड़े कई नियम भी बदल जाते हैं। साथ ही, सर्दी के दिनों में कार का माइलेज अक्सर बिगड़ने लगता है।

सर्दी शुरू होते ही देश के कई इलाकों में कोहरा का असर भी देखने को मिलने लगा है। खासकर उत्तर भारत में घने कोहरे की वजह से रोजाना कई हादसे हो रहे हैं। आने वाले दिनों में कोहरा देश के कई राज्यों में फैल जाएगा। कोहरा का बड़ा असर कार चलाने वालों पर होता है। ड्राइविंग से जुड़ी कई तरह की प्रॉब्लम भी फेस करना पड़ती हैं। जैसे, कार की विंडशील्ड पर भाप जमना। घने कोहरे में कार ड्राइव करना। इतना ही नहीं, ड्राइविंग से जुड़े कई नियम भी बदल जाते हैं। साथ ही, सर्दी के दिनों में कार का माइलेज अक्सर बिगड़ने लगता है। ऐसे में हम आपको यहां इन तमाम परिस्थितियों में सेफ्टी से जुड़े टिप्स बता रहे हैं।






1. फॉग में ड्राइविंग कैसे करें
सर्दी के दिनों में घने कोहरे की वजह से एक्सीडेंट की खबरें आए दिन आ रही हैं। ठंड और कोहरे का सिलसिला अभी शुरू होने वाला है, जो जनवरी और फरवरी तक जारी रह सकता है। ऐसे में आप कार ड्राइव करके कहीं बाहर निकल रहे हैं, तब आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ताकि आप और कार दोनों सुरक्षित रहें।
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=> कार की स्पीड और लेन
कोहरे में तेज गति से गाड़ी चलाने से बचें। कोहरे आपकी गाड़ी की स्पीड इतनी होना चाहिए कि आपको सड़क या सामने की तरफ चलने वाली गाड़ी नजर आती रहे। कई बार कोहरा इतना ज्यादा होता है कि 20 से 30 किमी प्रति घंटा की स्पीड भी ज्यादा हो जाता है। यदि कोहरा ज्यादा है तब गाड़ी की रफ्तार भी धीमी होना चाहिए। इतना ही नहीं, जरूरी है कि गाड़ी को अपनी लेन पर चलाएं। बार-बार लेन बदलने से पीछे से आने वाले गाड़ी आपको टक्कर मार सकती है।
=> लो-बीम पर हो हेडलाइट
कोहरे ज्यादा है तब हेडलाइट को हाई-बीम पर रखना काफी खतरनाक हो सकता है। हाई-बीम पर लाइट फैल जाती है और कोहरे में वाहन चलाते समय हाई-बीम पर लाइट रखने से सामने कुछ भी दिखाई नहीं देता है। ऐसे में हेडलाइट को लो-बीम पर ही चलाएं। लो-बीम पर हेडलाइट से नजदीकी एरिया ज्यादा बेहतर नजर आता है। इससे कोहरे में देखने की विजिबिलिटी बढ़ जाती है।
=> फॉग लैंप का यूज करें
कोहरे के दौरान गाड़ी में लगे फॉग लैंप सबसे यूजफुल होते हैं। यह गाड़ी के आगे और पीछे दोनों तरफ लगे होते हैं। अगर आपकी कार में यह फीचर नहीं है तो आप बाहर से भी फॉग लैंप लगवा सकते हैं। इससे सड़कों पर विजिबिलिटी बढ़ जाती है। फॉग लैम्प का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि इसने सामने की विजिबिलिटी बढ़ जाती है। साथ ही, ये पीछे भी हैं तब पीछे से आने वाली कार के लिए भी अलर्ट रहता है।
=> डिफॉगर ऑन रखें
ठंड के मौसम में कार के केबिन और बाहर के तापमान में अंतर होने के कारण शीशों पर धुंध जमने लगती है। जिससे कार चलाने में प्रॉब्लम होती है। ऐसे में कोहरे के वक्त डिफॉगर ऑन रखना चाहिए। इससे विंडशील्ड का टम्प्रेचर बढ़ जाता है, जिससे धुंध नहीं जमती। यदि कार का टेम्परेचर बाहर तुलना में अंदर ज्यादा होता है तब अक्सर फॉग आने लगता है। ऐसे में इस टेम्परेचर को बैलेंस करने के लिए डिफॉगर का इस्तेमाल करना जरूरी हैता है।

कोहरे के समय इमरजेंसी इंडिकेटर ऑन करने से बचना चाहिए। इसका सबसे बड़ा नुकसान ये होता है कि गाड़ी मोड़ते वक्त आप इंडिकेटर का इस्तेमाल नहीं कर पाते। ऐसे में पीछे या आगे से आ रही गाड़ी से एक्सीडेंट होने खतरा बन जाता है। इसकी जगह हेडलाइट का इस्तेमाल करना चाहिए। यदि आप सामने भी कोई ऐसी गाड़ी जा रही है जिसके इमरजेंसी इंडिकेटर ऑन है तब उससे बचकर चलें। खासकर जब वो टर्न लेगी तब आपके लिए खतरा पैदा कर सकती है।
2. कार के अंदर भाप कैसे रोकें
साल में दो मौसम ऐसे होते हैं जब कार के अंदर स्टीम तेजी से आती है। ये सर्दी और मानसून होते हैं। सर्दी के दिनों में कार का अंदर और बाहर के तापमान में बड़ा अंदर हो जाता है, जिसके चलते विंडशील्ड और विंडो के ऊपर भाप आने लगती है। ये विंडशील्ड पर बाहर की तरफ है तब तो वाइपर की मदद से इसे साफ किया जा सकता है, लेकिन कई बार ये अंदर की तरफ भी आने लगती है जिसी बार-बार हमें कपड़े से साफ करना होता है। ऐसे में कार चलाने में बार-बार प्रॉब्लम होती है। ऐसे में इसे हटाने इन 3 बातों का ध्यान रखें।

=> डेमिस्टर मोड
सभी कारों में विंडशील्ड से सटी वेंट्स दी जाती हैं। आपमें से कई लोगों को यह जानकारी होगी, लेकिन जिन्हें नहीं है उन्हें बता दें कि आपकी कार में HVC या क्लामेट कंट्रोल सिस्टम चालू करके इस बटन को दबाने पर हवा सीधी विंडस्क्रीन पर पड़ती है और कुछ ही सेकेंड में कांच पर जमी भाप हटने लगती है।
=> AC का टेम्परेचर
कार के कांच पर भाप तब जमती है, जब माहौल में नमी हो और केबिन का तापमान बाहर के तापमान से मेल ना खाता हो.। आप अपनी गाड़ी के MID पर या गूगल पर बाहरी तापमान देख सकते हैं। उसके हिसाब से केबिन का तापमान 2 डिग्री कम करके भाप हटा सकते हैं। अगर बाहर का तापमान 22 डिग्री है तो केबिन में 20 डिग्री तापमान रखिए।
=> वाइपर ब्लेड
यह बहुत आवश्यक है कि आपकी कार के वायपर ब्लेड्स सही अवस्था में हों जिनका किनारा पैना हो और बेहतर तरीके से वह विंडस्क्रीन की सफाई कर पाएं। यह सिर्फ बारिश में आपको साफ नजारा तो दिखाते ही हैं, बल्कि धूल, धुंए और कोहरे में भी आपकी विंडस्क्रीन को साफ रखने में मददगार होते हैं।
1. सर्दी में कार का माइलेज कैसे बढ़ाएं
सर्दी आते ही उन कारों के लिए हल्की मुसीबत शुरू हो जाती है जो पुरानी हो चुकी हैं। जब कड़ाके की ठंड पड़ती है तब कार का इंजन और बैटरी पर इसका असर देखने को मिलता है। ऐसे में कार चालू करने से लेकर चलाने तक कई छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है, ताकि आपकी कार बेहतर माइलेज दे। साथ ही, इसमें किसी तरह की प्रॉब्लम नहीं आए।
=> इंजन गर्म करने एक्सीलेटर से बचें
सर्दियों में अक्सर लोग कार चालू करने बाद इंजन को गर्म करने के लिए एक्सीलेटर का इस्तेमाल करते हैं, जबकि इसका गलत असर इंजन पर पड़ता है। वहीं, कई लोग इंजन को लंबे समय तक स्टार्ट रख देते हैं। ऐसा करने से कार कार का माइलेज बिगड़ता है।
=> सभी टायर्स का प्रेशर जरूर चेक करें
सर्दियों में टायर का प्रेशर जल्दी-जल्दी कम हो जाता है, जिससे रबड़ का घर्षण बढ़ता है। फ्यूल भी ज्यादा खर्च होता है। ऐसे में टायर का प्रेशर कंपनी द्वारा बताए गए हिसाब से जरूर रखें। ड्राइवर डोर की तरफ टायर प्रेशर की स्टीकर लगा होता है।
=> AC और हीटर का यूज सीमित करें
कई लोग कार ऑन करते ही हीटर या AC का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं, जबकि ऐसा करना से बचना चाहिए। जब कार 5 से 6 किलोमीटर तक चल जाए तब इंजन में गर्माहट आ जाती है, तभी इनका इस्तेमाल करना चाहिए। इसक यूज भी लिमिट में करें।

=> ड्राइविंग के दौरान स्पीड स्थिर रखें
सर्दी में कार की स्पीड का कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। यदि आप इंजन को गर्म करने के लिए कार को तेज चलाते हैं तो ऐसा करना गलता है। कोशिश करें की कार की स्पीड को 50 से 60 किमी/घंटा पर स्थिर रखें। इससे माइलेज बेहतर होगा।
=> क्रूज कंट्रोल का इस्तेमाल भी करें
आप हाईवे पर ट्रैवल कर रहे हैं और आपकी कार में क्रूज कंट्रोल का फीचर है तब इसका इस्तेमाल करना चाहिए। इस मोड की मदद से आप कार का माइलेज बेहतर कर सकते हैं। हालांकि, क्रूज कंट्रोल पर डालने के बाद कार में आप एक्टिव पोजीशन पर भी रहें।
=> कार में ज्यादा वजन ले जाने से बचें
सर्दी के दिनों में कार का इंजन गर्म देर में होता है जबकि ठंडा तेजी से होता है। ऐसे में आप कार का माइलेज बेहतर करने के लिए उसमें फिजूल का वजन लेकर नहीं चलें। ज्यादा वजन से इंजन पर असर होता है और माइलेज के आंकड़े भी गड़बड़ होते हैं।
4. सर्दी में हाईवे ड्राइविंग से जुड़े नियम
भारत में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर चलने वाली गाड़ियों की स्पीड को लेकर अलग-अलग नियम हैं। हालांकि, सर्दी के दिनों में सभी हाईवे और एक्सप्रेसवे पर चलने वाली गाड़ियों और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकतम स्पीड लिमिट के नियम बदल जाते हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर हर साल 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक मैक्सिमम स्पीड लिमिट बदल जाती है।

नेशनल हाईवे पर कार के लिए जहां 100km/h की अधिकतम स्पीड लिमिट तय की गई है, तो एक्सप्रेस-वे पर ये लिमिट 120km/h की है। स्पीड लिमिट टू-व्हीलर और हैवी व्हीकल के लिए भी अलग-अलग है। टू-व्हीलर के लिए हाईवे और एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट 80km/h और हैवी व्हीकल, जैसे बस और ट्रक के लिए स्पीड लिमिट 100km/h तक है। इतना ही नहीं, सर्दी के मौसम में स्पीड लिमिट को घटा दिया जाता है। यानी हल्के वाहनों की स्पीड 100km/h के बजाय 80km/h घंटा कर दी जाती है। जबकि भारी वाहनों के लिए अधिकतम रफ्तार 60km/h तक हो जाती है।

देश के लगभग सभी एक्सप्रेसवे पर ऐसे CCTV कैमरे लगाए गए हैं जो गाड़ी की स्पीड पर नजर रखते हैं। आप गाड़ी की स्पीड 120km/h से ज्यादा रखते हैं, तब अगले टोल प्लाजा पर उसके टाइम से पता चल जाता है। जिसके बाद वहां पर गाड़ी का चालान किया जा सकता है। ये चालान वैसे तो फिक्स होता है, लेकिन स्पीड के हिसाब से ज्यादा भी किया जा सकता है। जैसे यमुना एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट क्रॉस करने पर 500 रुपए का चालान लगता है। 2019 में 214km/h की स्पीड के चलने वाली मर्सिडीज पर 2000 रुपए का ई-चालान किया गया था। चालान नहीं भरने की कंडीशन में ड्राइविंग लाइसेंस कैंसल किया जा सकता है। वहीं, सर्दी के दिनों में तय नियम के हिसाब से चालान किया जाता है।

लेखक के बारे में
Narendra Jijhontiyaनरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता पूरी की। अपने 18 साल के लंबे करियर के दौरान जी 24 घंटे छत्तीसगढ़, बंसल न्यूज, दैनिक भास्कर डिजिटल समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड और लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। उन्हें क्रिकेट, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।
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