
Tesla से छिन गया नंबर-1 का ताज, इस कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों पर टूटे ग्राहक; 28% बढ़ गई बिक्री
टेस्ला के लिए 2025 का साल अच्छा नहीं रहा। एलन मस्क की कंपनी ने पूरे साल में करीब 16.4 लाख इलेक्ट्रिक कारें बेचीं। वहीं, दूसरी तरफ BYD ने 2025 में करीब 22.5 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की।
दुनिया में इलेक्ट्रिक कारों को मेनस्ट्रीम बनाने Tesla सबसे आगे रही है। हालांकि, मार्केट में टेस्ला से पहले भी इलेक्ट्रिक कारें मौजूद थीं। लेकिन जिस तरह से इस अमेरिकी कंपनी ने टेक्नोलॉजी, परफॉर्मेंस और ब्रांड वैल्यू को मिलाकर EVs की इमेज बदली, उसने पूरी ऑटो इंडस्ट्री की दिशा बदल दी। शुरुआती दौर में कुछ गिने-चुने कस्टमर ही टेस्ला के साथ जुड़े थे, लेकिन धीरे-धीरे यही ब्रांड ग्लोबल EV मार्केट का सबसे बड़ा नाम बन गया। हालांकि, जनवरी 2026 में तस्वीर बदलती हुई नजर आ रही है। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी कंपनी BYD ने टेस्ला को पछाड़कर दुनिया की नंबर-1 इलेक्ट्रिक कार निर्माता बनने का दावा ठोक दिया है। आइए जानते हैं पूरी खबर के बारे में विस्तार से।
28% बढ़ गई BYD की बिक्री
आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 का साल टेस्ला के लिए अच्छा नहीं रहा। एलन मस्क की कंपनी ने पूरे साल में करीब 16.4 लाख इलेक्ट्रिक कारें और SUV बेचीं। यह 2024 के मुकाबले करीब 9 पर्सेंट कम है। हैरानी की बात यह है कि 2024 में भी टेस्ला की बिक्री 2023 के मुकाबले घटी थी। यानी गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। वहीं, दूसरी तरफ BYD ने जबरदस्त छलांग लगाई। चीनी EV मेकर ने 2025 में करीब 22.5 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की जो सालाना आधार पर 28 पर्सेंट की ग्रोथ दिखाती है। इसका मतलब है कि BYD ने टेस्ला से करीब 6.1 लाख ज्यादा गाड़ियां बेचीं। इतना ही नहीं, 2025 की आखिरी तिमाही में टेस्ला की बिक्री करीब 16 पर्सेंट और गिर गई जिसने कंपनी की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
रेस में चीनी कंपनियों का दबदबा
इस रेस में इस समय चीनी कंपनियों का दबदबा साफ दिख रहा है। चीन अब कार एक्सपोर्ट के मामले में जापान को भी पीछे छोड़ चुका है। किफायती कीमत, लंबी रेंज और दमदार परफॉर्मेंस की वजह से BYD समेत कई चीनी ब्रांड्स यूरोप जैसे मुश्किल बाजारों में भी तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं। इसके उलट टेस्ला को कई मोर्चों पर चुनौती मिल रही है। अमेरिका में ही Rivian और Lucid जैसी कंपनियां टेस्ला को कड़ी टक्कर दे रही हैं जिससे उसका मार्केट शेयर और क्रेज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, BYD लगातार नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर फोकस करते हुए आगे बढ़ रही है।
क्या कर रही है Tesla
इस बीच एलन मस्क का ध्यान सिर्फ टेस्ला तक सीमित नहीं है। उनके पास SpaceX, Robotaxi, ह्यूमनॉइड रोबोट्स, Tesla Energy, Boring Company और X (पूर्व में Twitter) जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। जानकार मानते हैं कि टेस्ला की बिक्री में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिका में EV सब्सिडी का खत्म होना भी है जिसमें ग्राहकों को 7,500 डॉलर तक का फायदा मिलता था। भारत की बात करें तो टेस्ला ने हाल ही में यहां एंट्री की है और Model Y को 59.9 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) कीमत पर लॉन्च किया है। हालांकि, चीन के शंघाई प्लांट से CBU के रूप में आयात की गई इस कार को भारतीय ग्राहकों से फिलहाल ठंडी प्रतिक्रिया ही मिली है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में टेस्ला इस चुनौती से कैसे निपटती है।

लेखक के बारे में
Ashutosh Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




